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िारा 11, 12, 13 या 20 के अिीि जारी ककये निदेशों कें उल्लंिि के सलये असियोजिों में उपिारिा - - तत्समय प्रिृर्त् क्रकसी विधि में अन्तविबष्ट क्रकसी र्ात के होते हुए भी, िारा 11, 12, 13 या 20 के अिीन जारी क्रकये गये ननदेश के उल्लंघन सम्र्न्िी क्रकसी अपराि के अलभयोजन में, आदेश की अधि-प्रमाखणत प्रनत पेश क्रकये जाने पर, जर् तक क्रक प्रनतकूल साबर्त न कर ददया जाये तथा क्जसे साबर्त करने का भार अलभयुतत पर होगा, यह उपिारणा की जायेगी क्रक - - (क) आदेश, यथाक्स्थनत क्जला मक्जस्रेट या िारा 25 के अिीन राज्य सरकार द्िारा सशतत क्रकये गये अपर क्जला मक्जस्रेट या उपिण्ड मक्जस्रेट या राज्य सरकार या िारा 20 के अिीन राज्य सरकार द्िारा विशेष रूप से सशतत क्रकये गये क्रकसी अधिकारी द्िारा क्रकया गया था; (ि) यथाक्स्थनत क्जला मक्जस्रेट या िारा 25 के अिीन राज्य सरकार द्िारा सशतत क्रकये गए अपर क्जला मक्जस्रेट या उपिण्ड मक्जस्रेट या राज्य सरकार या िारा 20 के अिीन राज्य सरकार द्िारा विशेष रूप से सशतत क्रकये गये क्रकसी अधिकारी का यह समािान हो गया था क्रक िे आिार क्जन पर या िह प्रयोजन क्जसके ललए िह क्रकया गया था, विद्यमान था तथा उस आदेश का क्रकया जाना आिश्यक था; और (ग) आदेश अन्यथा विधिमान्य था और इस अधिननयम के उपर्न्िों के अनुरूप था ।