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आदेशों का पुनर्तवलोकन – (1) मण्डल तथा प्रत्येक राजस्व अहधकारी, या तो स्वप्रेरणा से या ककसी हहतबद्ध पिकार के आवेदन पर, ककसी ऐसे आदेश का, जो स्वत: उसके द्वारा या उसके पूवाडहधकाररयों में से ककसी पूवाडहधकारी द्वारा पाररत ककया गया हो, पुनर्तवलोकन कर सकेगा और उसके सभबन्ध में ऐसा आदेश पाररत कर सकेगा जैसा कक वह ठीक समझे: परन्तु – (एक) यकद आयुि, बन्दोबस्त आयुि, कलेक्टर या बन्दोबस्त अहधकारी ककसी ऐसे आदेश का, जो कक उसने स्वयं पाररत न ककया हो, पुनर्तवलोकन करना आवश्यक समझता है, तो वह पहले मंडल की मंजूरी अहभप्राप्त करेगा; और यकद कलेक्टर या बन्दोबस्त अहधकारी के अधीनस्थ कोई अहधकारी ककसी ऐसे आदेश का, जो चाहे स्वयं उसके द्वारा या उसके ककसी 35 पूवाडहधकारी द्वारा पाररत ककया गया हो, पुनर्तवलोकन करने की प्रस्तावना करता है तो वह पहले उस प्राहधकारी की, हजसके कक वह अधीनस्थ है, हलहखत मंजूरी अहभप्राप्त करेगा। (एक-क) ककसी आदेश को तब तक फेरफाररत नहीं ककया जायेगा या उलटा नहीं जायेगा जब तक कक हहतबद्ध पिकारों को उपसंजात होने तथा ऐसे आदेश की पुहष्ट में सुने जाने की सूचना न दे दी हो । (दो) ककसी भी ऐसे आदेश का, हजसकी कक अपील की गई है, या जो ककन्हीं पुनरीिण कायडवाहहयों का हवषय है; उस समय तथा पुनर्तवलोकन नहीं ककया जायेगा जब तक कक ऐसी अपील या कायडवाहहयाँ लहभबत रहती हैं । (तीन) ककसी भी ऐसे आदेश का पुनर्तवलोकन जो प्राइवेट व्यहियों के बीच अहधकार सभबन्धी ककसी प्रश्न पर प्रभाव डालता हो, कायडवाहहयों से ककसी पिकार के आवेदन पर ही ककया जायेगा अन्यथा नहीं और ऐसे आदेश के पुनर्तवलोकन के हलये कोई आवेदन तब तक ग्रहण नहीं ककया जायेगा जब तक कक वह उस आदेश के पाररत ककये जाने के साठ कदन के भीतर न ककया गया हो: परन्तु जहां ऐसा आदेश, हजसके कक हवरूद्ध पुनर्तवलोकन का आवेदन प्रस्तुत ककया जा रहा है, मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहहत (संशोधन) अहधहनयम, 2011 के प्रवृत्त होने के पूवड ककया गया हो, वहां ऐसे मामले में पुनर्तवलोकन, आदेश की तारीख से नब्बे कदन के भीतर ग्रहण ककया जाएगा । (2) ककसी भी आदेश का पुनर्तवलोकन हसहवल प्रकिया संहहता, 1908 (1908 का संखयांक 5) में उपबहन्धत ककये गये आधारों पर ही ककया जायेगा अन्यथा नहीं । (3) उस धारा के प्रयोजनों के हलये कलेक्टर को ककसी भी ऐसे राजस्व अहधकारी का पद उत्तरवती समझा जायेगा हजसने हजला छोड़ कदया है या हजसने राजस्व अहधकारी की हैहसयत से शहियों का प्रयेाग करना बन्द कर कदया है तथा हजले में हजसका कोई उत्तराहधकारी नहीं है । (4) ककसी भी ऐसे आदेश का, हजस पर अपील या पुनरीिण में हवचार ककया जा चुका है, ककसी ऐसे राजस्व अहधकारी द्वारा पुनर्तवलोकन नहीं ककया जायेगा जो अपील या पुनरीिण प्राहधकारी के अधीनस्थ है ।