Bare ActsThe MP Land Revenue Code 1959

Section 50

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पुनरीिण – (1) मण्डल ककसी भी समय स्वप्रेरणा से या ककसी पिकार द्वारा कदए गए आवेदन पर या कलक्टर या बन्दोबस्त अहधकारी ककसी भी समय स्वप्रेरणा से ककसी ऐसे मामले का जो हवहनहित ककया जा चुका हो या ककसी ऐसी कायडवाही का हजसमें उसके अधीनस्थ ककसी राजस्व अहधकारी द्वारा कोई आदेश पाररत ककया जा चुका हो, और हजसमें कोई अपील न होती हो, और यकद यह प्रतीत होता हो कक अधीनस्थ राजस्व अहधकारी – (क) ने ऐसी अहधकाररता का प्रयोग ककया है जो इस संहहता द्वारा उसमें हनहहत न की गई हो, या (ख) इस प्रकार हनहहत की गई अहधकाररता का प्रयोग करने मे असफल रहा है, या (ग) ने अपनी अहधकाररता का प्रयेाग करने में अहवहधपूणड या सारवान अहनयहमतता की है, तो मण्डल या कलक्टर या बन्दोबस्त अहधकारी मामले में ऐसा आदेश कर सकेगा जैसा वह उहचत समझे: परन्तु मण्डल या कलक्टर या बंदोबस्त अहधकारी, इस धारा के अधीन ककए गए ककसी आदेश में या कायडवाही के अनुिम में ककसी हववाद्यक का हवहनिय करने वाले ककसी आदेश में फेरफार नहीं करेगा या उसे नहीं उलटेगा, हसवाय जहां कक – (क) ऐसा आदेश, यकद वह मण्डल को पुनरीिण का आवेदन करने वाले पिकार के पि में ककया गया हो, कायडवाही का अंहतम रूप में हनपटारा करता हो, या (ख) ऐसा आदेश, यकद वह प्रवृत्त रहता है, न्याय की हवफलता या उस पिकार को, हजसके हवरूद्ध यह ककया गया था, अपूरणीय िहत काररत करेगा । (2) मण्डल या कलक्टर या बंदोबस्त अहधकारी इस धारा के अधीन, ककसी ऐसे आदेश में, हजसके हवरूद्ध या तो मण्डल को या उसके अधीनस्थ ककसी राजस्व अहधकारी को अपील होती हो, कोई फेरफार नहीं करेगा या उसे नहीं उलटेगा । (3) राजस्व अहधकारी के समि ककसी पुनरीिण का प्रभाव कायडवाही को स्थहगत करने वाला नहीं होगा, हसवाय जहां कक ऐसी कायडवाही यथाहस्थहत मण्डल या कलक्टर या बंदोबस्त अहधकारी द्वारा स्थहगत की गई हो । 34 (4) पुनरीिण के हलए कोई आवेदन – (क) इस संहहता के अधीन अपीलनीय ककसी आदेश के हवरूद्ध; (ख) धारा 210 के अधीन बंदोबस्त आयुि के ककसी आदेश के हवरूद्ध; (ग) जब तक कक वह मण्डल को साठ कदन के भीतर प्रस्तुत न ककया गया हो, ग्रहण नहीं ककया जाएगा: परन्तु जहां ऐसा आदेश, हजसके हवरूद्ध पुनरीिण का आवेदन प्रस्तुत ककया जा रहा है, मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहहता (संशोधन) अहधहनयम, 2011 के प्रवृत्त होने के पूवड ककया गया हो, वहाँ ऐसे मामले में पुनरीिण आदेश की तारीख से नब्बे कदन के भीतर ग्रहण ककया जाएगा । (5) ककसी भी आदेश को पुनरीिण में तब तक फेरफाररत नहीं ककया जाएगा या उलटा नहीं जाएगा जब तक कक हहतबद्ध पिकार पर सूचना की तामील न कर दी गई हो और उन्हें सुनवाई का अवसर न दे कदया गया हो । (6) उपधारा (1) में, अन्तर्तवष्ट ककसी बात के होते हुए भी – (एक) जहां उपधारा (1) के अधीन ककसी मामले के संबंध में कायडवाहहयां मण्डल का प्रारंभ की गई हों, वहाँ उसके संबंध में कलक्टर या बंदोबस्त अहधकारी द्वारा कोई कारडवाई नहीं की जाएगी; (दो) जहां उपधारा (1) के अधीन ककसी मामले के संबंध में कायडवाहहयां कलेक्टर या बंदोबस्त अहधकारी द्वारा प्रारंभ की गई हों, वहां इस धारा के अधीन ऐसे मामले के संबंध् में मण्डल, यथाहस्थहत, कलक्टर या बंदोबस्त अहधकारी द्वारा मामले के अंहतम हनपटारे तक या तो हवरत रहेगा या ऐसी कायडवाहहयां वापस ले सकेगा या ऐसा आदेश पाररत कर सकेगा, जैसा कक वह उहचत समझे । स्पष्टीकरण – इस धारा के प्रयोजन के हलए समस्त राजस्व अहधकारी मण्डल के अधीनस्थ समझे जाएंगे।

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