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(1) यकद हनयम 41 के अधीन कोई आवेदन उसके हलये अनुज्ञात समय के भीतर नहीं ककया जाता है, तो ऐसे समस्त दावे, अहनयहमतता या भूल के आधार पर ककये जा सकते हों, वर्तजत हो जायेंगे । (2) उपहनयम (1) में की कोई भी बात हविय को कपट के आधार पर या इस आधार पर कक वह बकाया, हजसके कक हलये सभपहत्त बेची गई है, शोध्ध् नहीं है या इस आधार पर कक बेची गई सभपहत्त में बकायादार का कोई हविय हहत नहीं था; अपास्त कराने के हलये हसहवल न्यायालय में कोई वाद संहस्थत ककये जाने का वजडन नहीं करेगी ।