Bare ActsThe MP Land Revenue Code 1959

Section 257

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राजस्व प्राहधकाररयों की अनन्य अहधकाररता – इस संहहता में या तत्समय प्रवृत्त ककसी अन्य अहधहनयहमहत में अन्यथा उपबहन्धत के हसवाय, कोई हसहवल न्यायालय ककसी ऐसे मामले पर, हजसे कक अवधाररत करने, हवहनहित करने या हनपटाने के हलये राज्य सरकार मण्डल या कोई राजस्व अहधकारी इस संहहता द्वारा सशि हो, कोई हवहनिय या आदेश अहभप्राप्त करने के हलये संहस्थत ककये गये ककसी वाद या ककये गये ककसी आवेदन को ग्रहण नहीं करेगा; और हवहशष्टतया तथा इस उपबन्ध की व्यापकता पर प्रहतकूल प्रभाव डाले हबना, कोई हसहवल न्यायालय हनम्नहलहखत ककन्हीं भी हवषयों के सभबन्ध में अहधकाररता का प्रयोग नहीं करेगा – (क) राज्य सरकार और ककसी व्यहि के बीच धारा 57 की उपधारा (1) के अधीन ककसी अहधकार के संबंध में कोई हवहनिय; (क-1) हजस प्रयोजन के हलये भूहम धारा 59 के अधीन हवहनयोहजत की गई है उस प्रयोजन बाबत कोई हवहनिय; (ख) राजस्व सवेिण की अहधसूचना की हवहधमान्यता या उसके प्रभाव के बारे में कोई प्रश्न या बन्दोबस्त की अवहध के बारे में कोई प्रश्न; (ग) बन्दोबस्त अहधकारी या कलेक्टर द्वारा आबादी का अवधारण करते हुए ककये गये ककसी हवहनिय को उपान्तररत करने के हलये कोई दावा; (घ) भू-राजस्व कदये हबना, या उहचत हनधाडरण से कम हनधाडरण पर भूहम धारण करने के हलये या ककसी भूहम पर हनधाडररत भू-राजस्व पूणडत: या भागत: समनुदेहशत ककये जाने के हलये राज्य सरकार के हवरूद्ध कोई दावा; (ड़) इस संहहता या तत्समय प्रवृत्त ककसी अन्य अहधहनयहमहत के अधीन हनधाडररत या पुन: हनधाडररत भू-राजस्व की रकम; (च) ककन्हीं भू-अहभलेखों में कोई प्रहवहष्ट कराने या ककसी ऐसी प्रहवहष्ट का लोप कराने या उसे संशोहधत कराने के हलये राज्य सरकार के हवरूद्ध कोई दावा; (छ) अध्याय 10 के अधीन सीमांकन ककया जाने या सीमा हचन्हों के लगाये जाने से सभबहन्धत कोई प्रश्न; 132 (ज) राज्य सरकार के हवरूद्ध कोई ऐसी दावा जो भू-राजस्व के संग्रहण से या ककसी ऐसी राहश की, जो इस संहहता या ककसी अन्य अहधहनयहमहत के अधीन भू-राजस्व के तौर पर वसूली योग्य हो; वसूली से सभबहन्धत हो या उससे उद्भूत होता हो; (झ) भू-राजस्व की छूट या उसके हनलभबन के हलये या इस बात की घोषणा के हलये कक ककसी वषड में फसलें हबगड़ गई है, राज्य सरकार या ककसी राजस्व अहधकारी के हवरूद्ध कोई दावा; (ज्ञ) धारा 166 के अधीन कहतपय अन्तरणों के मामलों में समपहरणसभबन्धी कोई हवहनिय; (ट) धारा 168 की उपधारा (4) के अधीन भूहमस्वामी के पट्टेदार की बेदखली; (ठ) धारा 170 की उपधारा (1) तथा धारा 170-ए की उपधारा (2) के खंड (ए) तथा (बी) के अधीन ककसी भी भूहमस्वामी द्वारा ककये गये अन्तरण (हस्तांतरण) को रद्द करने के हलये कोई भी दावा; (ठ-1) धारा 170-ख के अन्तगडत आने वाला कोई हवषय; (ड) धारा 182 के अधीन सरकारी पट्टेदार की बेदखली; (ढ) धारा 189 के अधीन मौरूसी कृषक द्वारा धाररत भूहम का भूहमस्वामी द्वारा पुनग्रडहण और यकद मौरूसी कृषक के पास कोई भूहम बच रही हेां तो लगान का हनयत ककया जाना; (ण) धारा 190 के अधीन भूहमस्वामी के अहधकार प्रदान ककये जाने के हलये मौरूसी कृषकों द्वारा दावे; (त) धारा 191 के अधीन मौरूसी कृषक को कब्जे का वापस कदलाया जाना; (थ) धारा 193 के अधीन मौरूसी कृषक के कृषकाहधकार की समाहप्त; (द) धारा 197 के अधीन मौरूसी कृषक द्वारा ककये गये अन्तरण को उपास्त कराने के हलये कोई दावा; (ध) धारा 200 के अधीन भूहमस्वामी पर शाहस्त का अहधरोपण; (न) धारा 201 के अधीन लगान का हनलभबन तथा उसकी माफी; (प) धारा 202 के अधीन दोषपूणड ढंग से बेदखल ककये गये मौरूसी कृषक के पुन: स्थापन के बारे में कोई हवहनिय; (फ) धारा 209 की उपधारा (3) के अधीन प्रहतकर के रूप में देय रकम, धारा 210 के अधीन खातों की चकबन्दी की स्कीम की पुहष्ट की जाना, धारा 213 के अधीन स्कीम को कायाडहन्वत करने के अहधकारों का अन्तरण तथा धारा 215 के अधीन खातों की चकबन्दी के खचे का हनधाडरण तथा प्रभाजन; 133 (ब) हनस्तार पत्रक में की ककसी प्रहवहष्ट को उपान्तररत करने के हलये कोई दावा; (ब-एक) अप्राहधकृत रूप से भूहम का कब्जा लेने के हलए धारा 248 के अधीन शाहस्त के संबंध में कोई हवहनिय”. (भ) धारा 250 के अधीन अनुहचत रूप से बेवजा ककये गये भूहमस्वामी के पुन:स्थापन के बारे में कोई हवहनिय; (भ-एक) धारा 250 (क) के अधीन हसहवल कारावास में हनरूद्ध ककये जाने (confinement) के सभबन्ध में कोई हवहनिय (decision); (भ-दो) धारा 250-ख के अधीन भूहमस्वामी या सरकारी पट्टेदार को भूहम का वास्तहवक कब्जा पररदान ककये जाने के बारे में कोई हवहनिय; (म) धारा 251 के अधीन राज्य सरकार में तालाबों के हनहहत होने के बारे में कोई दावा; (य) इस संहहता के या तत्समय प्रवृत्त ककसी अन्य अहधहनयहमहत के उपबन्धों के अधीन अहधरोहपत या हनधाडररत ककसी प्रीहमयम, शाहस्त, उपकर या रेट को अपास्त कराने या उपान्तररत कराने के हलये राज्य सरकार के हवरूद्ध कोई दावा; (य-1) राज्य सरकार के हवरूद्ध कोई ऐसा दावा, जो धारा 255 के अधीन खेती तथा प्रबन्ध के मापदण्ड हवहहत ककये जाने के बारे में उद्भूत होता हो; (य-2) ककसी राजस्व अहधकारी या इस संहहता के अधीन हनयुि ककसी अन्य अहधकारी पर इस संहहता द्वारा अहधरोहपत ककसी कतडव्य के पालन के हलये हववश करने हेतु कोई दावा। 257-क. कहतपय कायडवाहहयों में सबूत का भार तथा हवहध-व्यवसाहययों का वजडन – (1) धारा 165 की उपधारा (6) के अधीन या धारा 169 के परन्तुक के अधीन या धारा 170 की उपधारा (1) के अधीन या धारा 170-ए के अधीन या धारा 250 के अधीन ककन्हीं भी ऐसी कायडवाहहयों में हजनके कक पिकारों में से एक पिकार ककसी ऐसी जनजाहत का हजसे कक धारा 165 की उपधारा (6) के अधीन आकदम जनजाहत घोहषत ककया गया हो, भूहमस्वामी है, उनके अधीन अन्तरण की हवहधमान्यता को साहबत करने का भार, इस कोड में या तत्समय प्रवृत्त ककसी भी अन्य हवहध में अन्तर्तवष्ट ककसी बात के होते हुए भी उस व्यहि पर होगा जो कक ऐसे अन्तरण के हवहधमान्य होने का दावा करता हो । (2) उपधारा (1) में हवहनर्ददष्ट की गई ककन्हीं भी ऐसी कायडवाहहयों में, हजनके कक पिकारों में से एक पिकार ऐसी जनजाहत का, हजसे कक धारा 165 की उपधारा (6) के अधीन आकदम जनजाहत घोहषत ककया गया हो, भूहमस्वामी है । ककसी भी पिकार की ओर से कोई भी हवहध व्यवसायी उस राजस्व अहधकारी / न्यायालय की, हजसके कक समि यह मामला लहभबत हो, हलहखत अनुज्ञा से ही उपसंजात होगा, अहभवचन करेगा या कायड करेगा अन्यथा नहीं । 134

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