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नक्शों तथा भू-अहभलेखों का, हनरीिण तथा उनकी प्रहतहलहपयाँ – ऐसी शतों के तथा ऐसी फीस के भुगतान के अध्यधीन रहते हुए जो कक इस संहहता के अधीन बनाये गये हनयमों द्वारा हवहहत की जाएँ, समस्त ऐसे राज्य राजस्व नक्शे, तथा भू-अहभलेख, जो इस संहहता या तत्समय प्रवृत्त ककसी अन्य अहधहनयहमहत के अधीन तैयार ककये गये हों या हजनका उसके अधीन तैयार ककया जाना या रखा जाना अपेहित हो, युहि-युि समयों पर जनता के हनरीिण के हलये खुले रहेंगे, और उनमें से प्रमाहणत उद्धरण या उनकी प्रमाहणत प्रहतहलहपयाँ उन समस्त व्यहियों को दी जायेंगी जो कक उनके हलये आवेदन करें ।