Amendment status not verified — confirm the current text below against the official source.
हनयम बनाने की साधारण शहि – (1) राज्य सरकार, साधारणत: इस संहहता के उपबन्धों को कायाडहन्वत करने के प्रयोजन के हलये हनयम बना सकेगी । (2) हवहशष्टतया तथा पूवडगामी शहि की व्यापकता पर प्रहतकूल प्रभाव डाले हबना, ऐसे हनयमों में हनम्नहलहखत के हलये उपबन्ध हो सकेंगे – (एक) धारा 3 के अधीन गरठत राजस्व मण्डल के अध्यि तथा सदस्यों की सेवा के हनबन्धन तथा शतें; (दो) भू-अहभलेख अधीिकों तथा सहायक भू-अहभलेख अधीिकों के कतडव्यों का हवहहत ककया जाना; (तीन) भूहम को ककन्हीं अन्य प्रयोजनों के हलये व्यपवर्ततत ककये जाने पर धारा 59 के अधीन भू- राजस्व के हनधाडरण का हवहनयमन तथा प्रीहमयम का अहधरोपण; (चार) धारा 60 के अधीन उस भूहम पर हनधाडरण हजस पर हनधाडरण नहीं हुआ हो; (पांच) धारा 68 के अधीन सवेिण-संखयांकों तथा ग्रामों की हवरचना और कृहष प्रयोजनों के उपयोग में लाई जाने वाली भूहम को समाहवष्ट करने वाले सवेिण संखयांकों का न्यूनतम हवस्तार; (छ:) धारा 70 के अधीन सवेिण–संखयांकों का उपखण्डों में हवभाजन और सवेिण-संखयांक के हनधाडरण का सवेिण-संखयांकों के उपखंडों के बीच प्रभाजन; (सात) उन अहभलेखों का हवहहत ककया जाना हजनमें धारा 71 के अधीन सवेिण-संखयांकों तथा सवेिण संखयांकों के उपखंडों का िेत्रफल तथा हनधाडरण प्रहवष्ट ककया जायेगा; (आठ) धारा 73 के अधीन ककसी एक ग्राम को दो या अहधक ग्रामों में हवभाहजत करने या दो या अहधक ग्रामों को एक ग्राम में संयोहजक करने या ग्राम गरठत करने या ग्राम की सीमाएँ पररवर्ततत करने की रीहत; (नौ) धारा 77 के अधीन यह आवश्यक जांच जो पूरी की जायेगी तथा वह प्ररूप हजसमें और हवहशहष्टयाँ हजनके साथ हनधाडरण दर सभबन्धी प्रस्तावनाएँ अग्रेहषत की जायेंगी । (दस) वह रीहत हजसमें धारा 82 के अधीन हनधाडरण की सूचना दी जायेगी; (ग्यारह)धारा 87 के अधीन कृहष के लाभों के सभबन्धों में तथा कृहष एवं कृहष-हभि प्रयोजनों के हलये उपयोग में लाई गई भूहम के मूल्य के सभबन्ध में जांच करने की रीहत; (बारह) धारा 91-क के अधीन राजस्व सवेिण या बन्दोबस्त के संचालन हवहनयमन; (तेरह) धारा 93 के अधीन नगरीय िेत्रों में की भूहमयों को भू-खंड संखयांकों के रूप में हवभाहजत ककये जाने, हवद्यमान सवेिण-संखयांकों को भू-खंड संखयांकों के रूप में मान्य ककये जाने, 135 भू-खंडांक संखयांकों को पुनगडरठत ककये जाने या नवीन भू-खंड संखयांक हवरहचत ककये जाने का हवद्यमान; (चौदह)धारा 94 के अधीन भू-खण्ड संखयांकों को उपखंडों में हवभाहजत करने तथा भू-खंड संखयांक के हनधाडरण को उपखंडों के बीच प्रभाहजत करने की रीहत; और ककसी स्थानीय िेत्र में उपखंडों की मान्यता के हलये या तो िेत्रफल की या भू-राजस्व की या दोनों की सीमाएँ; (पन्रह)धारा 95 के अधीन अहभलेखों का हवहहत ककया जाना ; (सोलह)धारा 96 के अधीन अन्य हवशेष प्रयोजनों का हवहहत ककया जाना ; (सत्रह)धारा 97 के अधीन मानक दरों को प्रकाहशत करने की रीहत; (अठारह)(क) धारा 98 (1) के अधीन, भूहमयों के समस्त रहजस्रीकृत हवियों तथा पट्टों के अहभलेख रखने की रीहत; और (ख) धारा 98 (2) के अधीन भूहमयों के औसत वार्तषक भाटक मूल्य का अवधारण। (उिीस)धारा 104 की उपधारा (2) के अधीन पटवाररयों के अन्य कतडव्यों का हनहहत ककया जाना; (बीस) धारा 106 के अधीन राजस्व हनरीिकों के अन्य कतडव्यों का हवहहत ककया जाना; (इक्कीस) धारा 107(2) के अधीन अन्य हवहशहष्टयों का हवहहत ककया जाना; (बाईस) धारा 108 के अधीन अहधकार-अहभलेख के प्ररूप का तथा उन अहतररि हवहशहष्टयों का, जो अहधकार-अहभलेख में सहभमहलत ककये जाने वाले कागज-पत्रों में प्रहवष्ट की जानी हों, हवहहत ककया जाना; (तेईस) धारा 109 के अधीन पटवारी द्वारा दी जाने वाली अहभस्वीकृत का प्ररूप; (चौबीस) (क) धारा 109 के अधीन ररपोटड ककये गये अहधकारों के अजडन को दजड करने के हलये धारा 110 (1) के अधीन रहजस्टर का हवहहत ककया जाना; (ख) अन्य व्यहियों तथा प्राहधकाररयों का, हजन्हें कक धारा 110 (3) के अधीन हलहखत प्रज्ञानता दी जायेगी, हवहहत ककया जाना; (पच्चीस) (क) धारा 114 (1) के अधीन अन्य भू-अहभलेखों का हवहहत ककया जाना, (ख) उस फीस का हवहहत ककया जाना हजसका कक भुगतान करने पर धारा 114 (2) के अधीन रसीद-बही दी जायेगी और उन प्रहवहष्टयों का हवहहत ककया जाना जो कक उसमें अन्तर्तवष्ट होंगी; (छब्बीस) धारा 120 के अधीन सहायता की अध्यपेिा का हवहनयमन; 136 (सत्ताईस) धारा 121 के अधीन भू-अहभलेखों का तैयार ककया जाना, रखा जाना तथा पुनरीहित ककया जाना; (सत्ताईस-क) वह रीहत हजसमें धारा 123 (3) के अधीन तहसीलदार द्वारा आपहत्तयों का हनपटारा ककया जायेगा; (अठाईस) (क) धारा 124 (3) के अधीन ग्रामों के तथा सवेिण संखयांकों या भू-खंड संखयांकों के सीमा हचन्हों सभबन्धी हवहनदेश तथा उनके सहिमाडण एवं अनुरिण की रीहत; और (ख) धारा 124(4) के अधीन नवीन सीमा हचन्हेां के सहिमाडण का खचड भू-धारकों के बीच हवभाहजत करने की रीहत; (उन्तीस) ग्राम की सड़क, ग्राम की बंजर भूहम या सामुदाहयक प्रयोजनों के हलये आरहित भूहम तथा उससे लगी हुई भूहम के बीच सीमा हचन्हों को अंककत करने की रीहत और वह रीहत हजसमें वे सु-अवस्था में रखें जायेंगे तथा उनका नवीकरण ककया जायेगा; (तीस) धारा 129 के अधीन सवेिण संखयांकों, उपखंडों या भू-खंड संखयांकों का सीमांकन करने की प्रकिया, सीमा हचन्हों का प्रकार तथा फीस का उद्ग्रहण; (इकतीस) धारा 140 के अधीन वे तारीखें हजनको तथा वे ककश्तें हजन्हें भू-राजस्व देय होगा तथा वे व्यहि हजन्हें तथा वह स्थान जहां ऐसी ककश्तों का उि धारा के अधीन भुगतान ककया जायेगा; (बत्तीस) वह प्ररूप हजसमें धारा 142 के अधीन रसीद दी जायेगी; (तैंतीस) धारा 144 (1) के अधीन भू-राजस्व की छूट या उसके हनलभबन का हवहनयमन; (चौंतीस) धारा 146 के अधीन मांग की सूचना जारी करने में और धारा 147 में हवहनर्ददष्ट की गई आदेहशकाओं का हनष्पादन करने में राजस्व अहधकाररयों का मागडदशडन; (पैंतीस) धारा 160 के अधीन वार्तषकी मंजूर करने के हलये आवेदन का प्ररूप, वह समय हजसके भीतर ऐसा आवेदन ककया जायेगा तथा ऐसी मन्जूरी की शतों का हवहहत ककया जाना; (छत्तीस) धारा 161 के अधीन बन्दोबस्त के चालू रहने के दौरान राजस्व से कम ककये जाने का हवहनयमन; (सैंतीस) x x x ] (अड़तीस) धारा 165 के अधीन भूहम की अहधकतम सीमाओं का हवहहत ककया जाना; (उन्तालीस) उस रीहत का हवहहत ककया जाना हजसमें धारा 166 के अधीन समपहृत भूहम का चयन तथा सीमांकन ककया जायेगा एवं अन्तररती के पास बच रही भूहम पर भू-राजस्व हनयत ककया जायेगा; 137 (चालीस) धारा 170 के अधीन ककसी खाते का कब्जा कदलायें जाने सभबन्धी दावों को हनपटाने की प्रकिया का हवहनयमन; (चालीस-क) वह प्ररूप तथा रीहत हजसमें धारा 170-ख की उपधारा (1) के अधीन उप-खंड अहधकारी को जानकारी अहधसूहचत की जायेगी; (इकतालीस) धारा 176 के अधीन ककसी भूहमस्वामी को अपने खाते या उसके ककसी भाग को व्यपवर्ततत करने के हलये अनुज्ञा दी जाने या अनुज्ञा देने से इंकार ककये जाने का हवहनयमन; (बयालीस) धारा 173 के अधीन ककसी भूहमस्वामी द्वारा अहधकारों के त्यजन ककये जाने का हवहनयमन; (तैंतालीस) उन हनबन्धनों तथा शतों का हवहहत ककया जाना हजस पर ककसी व्यहि को धारा 176 (2) के अधीन ककसी पररव्यि खाते का कब्जा कदया जा सकेगा; (चवालीस) (क) धारा 178 (2) के अधीन खातों के हवभाजन तथा हनधाडरण के प्रभाजन का हवहनयमन; और (ख) ………………………….] (पैंतालीस) धारा 179 (2) के अधीन वृिों में के अहधकार का िय करने के हेतु आवेदनों के बारे में राजस्व अहधकाररयों का मागड-दशडन; (पैंतालीस-क) धारा 181-क के अधीन नगरीय िेत्रों में आवाहसक और वाहणहज्यक प्रयोजनों के हलये प्रदान ककए गए हवहभि पट्टों को फ्री होल्ड में संपररवर्ततत करने की रीहत; (हछयालीस) ………………………….] (सैंतालीस) धारा 189 के अधीन भूहमस्वामी द्वारा पुनग्रडहण ककये जाने के हलये अनुज्ञात भूहम के चयन तथा सीमांकन की तथा उस पर भू-राजस्व हनयत करने की एवं मौरूसी कृषक के पास बच रही भूहम के सभबन्ध में लगान हनयत करने की रीहत का हवहहत ककया जाना; (अड़तालीस) उस रीहत तथा प्ररूप का हवहहत ककया जाना हजसमें धारा 190 (5) के अधीन भूहमस्वामी को देय हों; (अड़तालीस-क) उस समय का हवहहत ककया जाना हजसके भीतर धारा 191 की उपधारा (1) के अधीन आवेदन ककया जायेगा; (उनचास) धारा 197 के अधीन उस मौरूसी खाते का, जो कक अन्तररत कर कदया गया हो, कब्जा कदलाये जाने सभबन्धी दावों को हनपटाने की प्रकिया का हवहनयमन; 138 (पचास) धारा 198 (4) के अधीन उस भूहम के, जो कक राज्य सरकार में हवहहत हो गई हो, चयन की सीमांकन की रीहत का हवहहत ककया जाना तथा भूहमस्वामी द्वारा आरहित भूहम पर भू-राजस्व का हनयत ककया जाना; (इक्यावन) वह प्ररूप तथा हजसमें धारा 199 के अधीन लगान के हलये रसीद दी जायेगी; (बावन) भूहमस्वामी में ऐसी वृहद्ध तथा कमी के हनधाडरण का हवहनयमन जैसा कक अध्याय 15 के अधीन अपेहित या अनुज्ञात है; (हतरपन) धारा 222 (1) के अधीन पटेलों की हनयुहि हवहनयमन, जहाँ ककसी ग्राम में दो या अहधक पटेल हों, वहाँ पटेल के पद कतडव्यों के हवतरण की रीहत, पटेल के पाररश्रहमक का हनयत ककया जाना और धारा 224 के अधीन पटेल के अहतररि कतडव्यों का हवहहत ककया जाना तथा धारा 226 के अधीन उसे पद से हटाया जाना और धारा 228 के अधीन प्रहत स्थायी पटेल का हनयुि ककया जाना; (चौवन) उन ग्रामों के हलये, जो ककसी नगरपाहलका या ककसी नगरपाहलक हनगम या ककसी अहधसूहचत िेत्र सहमहत ककसी ग्राम पंचायत के िेत्र में सहभमहलत न हों; ग्रामों की स्वचछता, जानवरों के शवों को गाड़े जाने, कुओं के संरिण तथा उनको लगाये जाने, ग्रामों की सड़कों के समारिण का तथा ग्राम स्वायत्त शासन से सभबहन्धत वैसे ही हवषयों का हवहनयमन; (पचपन) (क) कोटवारों की हनयुहि, उनके हलये दण्ड, उनका हनलभबन और उनकी पदच्युहत; (ख) कोटवारों के कतडव्यों का हवहहत ककया जाना और उनके पयडवेिण का ढंग; (छप्पन) (क) धारा 232 के अधीन ग्राम सभा की स्थापना के हलये प्रकिया का हवहनयमन; (ख) वह रीहत हजसमें ग्राम सभा धारा 232 (4) के अधीन जंगम तथा स्थावर सभपहत्त अर्तजत करेगी, उसे धारण या अन्तररत करेगी एवं संहवदाएँ आकद करेगी, और (ग) ग्राम सभा फीस तथा अन्य आयों के रूप में वसूल की जाने वाली राहशयाँ । (सत्तावन) धारा 233 के अधीन रखे जाने वाले अहभलेख का हवहहत ककया जाना; (अठावन) वह रीहत हजसमें धारा 234 (2) के अधीन ग्रामवाहसयों की इच्छाएँ अहभहनहित की जायेंगी; (उनसठ) (क) धारा 237(1) के अधीन हनस्तार अहधकारी का प्रयोग करने के हलये दखल रहहत भूहम के पृथक् रखे जाने का हवहनयमन; और (ख) धारा 237(1) (ट) के अधीन हवस्तार अहधकारों के प्रयोग के हलये अन्य प्रयोजन; (ग) धारा 237 (3) के अधीन दखलरहहत भूहम के व्यपवत्तडन का हवहनयमन; 139 (साठ) (एक) व्यहियों के वे प्रवगड हजन्हें वृिारोपण अनुज्ञा-पत्र और वृि पट्टे मंजूर ककये जाने के हलये अग्रता दी जायेगी; (दो) ऐसे व्यहियों के चयन की रीहत हजन्हें वृिारोपण अनुज्ञापत्र और वृि पट्टा मन्जूर ककया जाना हो; (तीन) पृथक् रहित की जाने वाली भूहम का पररमाण; (चार) वृिारोपण अनुज्ञा-पत्र और वृि पट्टा मंजूर करने हेतु हनबन्धन और शतड; (पांच) वृिारोपण अनुज्ञा-पत्र और वृि पट्टे का स्वरूप; (छ:) वृिारोपण अनुज्ञा-पत्र और वृि पट्टे के अधीन भोगाहधकारी की सीमा; (इकसठ) धारा 240(1) के अधीन वृिों के काटे जाने का तथा धारा 240 (3) के अधीन वनोत्पाद (फारेस्ट ग्रोथ) के हनयन्त्रण, प्रबन्ध, काटकर हगराये जाने या हटाये जाने का हवहनयमन; (बासठ) धारा 241 के अधीन प्रकाहशत आदेश को उद्घोहषत करने की रीहत का हवहहत ककया जाना तथा उसके अधीन वृिों को काटकर हगराये जाने या हटाये जाने का हवहनयमन; (त्रेसठ) (क) धारा 242 (1) में हवहनर्ददष्ट ककये गये हवषयों के बारे में रूकढ़यों का अहभहनहित करने तथा उन्हें अहभहलहखत करने की रीहत; और (ख) धारा 242 (1) के अधीन रूकढ़यों का अहभलेख प्रकाहशत करने की रीहत; (चौंसठ) धारा 244 के अधीन आबादी िेत्र में के स्थलों के हनपटारे की रीहत का हवहहत ककया जाना; (पैंसठ) धारा 249 के अधीन मछली पकड़ने या ग्रामों में जीव-जन्तुओं को पकड़ने, उनका आखेट करने या उनकी गोली मारने का तथा राज्य सरकार की भूहम से ककन्ही पदाथों के हटाने का हवहनयमन; (हछयासठ) (क) धारा 251 (2) के अधीन आवेदन के प्ररूप का हवहहत ककया जाना; और (ख) धारा 251 (6) के अधीन तालाबों से जल के उपयोग का हवहनयमन; (सड़सठ) धारा 252 के अधीन ग्राम में हनवास करने वाले व्यहियों को श्रम करने के हलये अपेहित करने में ग्राम सभा द्वारा अपनाई जाने वाली प्रकिया का हवहनयमन; (अड़सठ) धारा 255 के अधीन खेती तथा प्रबन्ध के मानदण्डों का हवहहत ककया जाना; (उनहत्तर) धारा 256 के अधीन अहभलेखों, नक्शों तथा भू-अहभलेखों का हनरीिण ककया जाने तथा उनकी प्रहतहलहपयाँ प्रदान की जाने के हलये शतों का हवहहत ककया जाना; (सत्तर) साधारणत: इस संहहता के अधीन कायडवाहहयों में राजस्व अहधकाररयों तथा समस्त अन्य व्यहियों के मागड-दशडन के हलये; 140 (इकहत्तर) कोई भी अन्य हवषय जो हवहहत ककया जाना हो या हवहहत ककया जाय । (3) इस धारा के अधीन बनाये गये समस्त हनयम पूवड प्रकाशन की शतड के अध्यधीन होंगे । (4) इस संहहता के अधीन बनाये गये समस्त हनयम हवधान सभा के पटल पर रखे जायेंगे और ऐसे उपान्तरणों के अध्यधीन होंगे जो कक हवधान सभा द्वारा ककये जायँ ।