Amendment status not verified — confirm the current text below against the official source.
ऐसे मौरूसी कृषक को हजसका कृषकाहधकार समाप्त कर कदया गया हो लागू होने वाले उपबंध – (1) ऐसे प्रत्येक मौरूसी कृषक के मामले में, हजसका कृषकाहधकार समाप्त कर कदया गया हो, हनम्नहलहखत उपबंध लागू होंगें, अथाडत --- (क) यकद मौरूसी कृषक ने, कृषकाहधकार समाप्त होने की तारीख से पूवड, उस भूहम में, जो कक खाते में समाहवष्ट है, फसलों की बुबाई कर दी हो या उनकी पौध लगा दी हो, तो वह ऐसी भूहम के भूहमस्वामी के हवकल्प पर, या तो फसलों की देखभाल करने तथा उन्हें वहाँ से उठा लेने के प्रयोजन के हलये ऐसी भूहम का कब्जा रखे रहने तथा उस प्रयोजन के हलये उसका उपयोग करने का; अथवा ऐसी भूहम को तैयार करने में तथा ऐसी फसलों की बुवाई करने, उनकी पौध लगाने तथा देखभाल करने में लगे श्रम का मूल्य तथा उन कायो पर उसके द्वारा व्यय की गई पूंजी, उस पर युहियुि ब्याज सहहत, ऐसी भूहम के भूहमस्वामी से प्राप्त करने का हकदार होगा । 101 (ख) यकद मौरूसी कृषक ने कृषकाहधकार समाप्त होने की तारीख के पूवड कोई भूहम, जो कक उसके खाते में समाहवष्ट है बुवाई के हलये तैयार कर ली हो ककन्तु उस पर फसलों की बुवाई न की हो या उनकी पौध न लगाई हो, तो वह ऐसी भूहम को तैयार करने में लगें श्रम का मूल्य तथा उसके द्वारा व्यय की गई पूँजी, उस पर युहियुि ब्याज सहहत, ऐसी भूहम के भूहमस्वामी से प्राप्त करने का हकदार होगा: परन्तु (एक) मौरूसी कृषक इस धारा के अधीन अपनी भूहम प्रहतधाररत करने का या उसके सभबन्ध में कोई राहश प्राप्त करने का उस दशा में हकदार नहीं होगा जबकक ऐसी भूहम के भूहमस्वामी द्वारा कृषकाहधकार की समाहप्त के हलये कायडवाहहया प्रारंभभ ककये जाने के पिात् उसने स्थानीय प्रथा के प्रहतकूल ऐसी भूहम पर खेती की हो या ऐसी भूहम को खाते के हलये तैयार ककया हो (दो) कृषकाहधकार की समाहप्त के समय मौरूसी कृषक द्वारा ऐसी भूहम के स्वामी को देय लगान, यकद कोई हो, मौरूसी कृषक को इस धारा के अधीन देय ककसी राहश के प्रहत मुजरा ककया सकेगा । (ग) यकद मौरूसी कृषक ने अपने खाते में समाहवष्ट ककसी भूहम में कृषकाहधकार की समाहप्त की तारीख के पूवड कोई सुधार ककया हो, तो वह ऐसी भहमस्वामी से उसके हलये ऐसा प्रहतकर पाने का हकदार होगा जैसा कक राजस्व अहधकारी पिकारों की सुनवाई करने के पिात् अवधाररत करे । (2) कृषकाहधकार समाप्त करने वाला राजस्व अहधकारी, उपधारा (1) के अधीन देय रकम यकद कोई हो अवधाररत करेगा ।