Amendment status not verified — confirm the current text below against the official source.
मौरूसी कृषक को भूहम वापस कदलाया जाना.— (1) यकद वह भूहमस्वामी, हजसके कक पि में धारा 189 की उपधारा (2) के अधीन पुनग्रडहण का आदेश पाररत ककया गया हो, उस तारीख के, हजसको कक वह आदेश पाररत ककया गया हो, ठीक आगामी कृहष वषड के दौरान ऐसी भूहम पर स्वयं खेती नहीं करता है, तो मौरूसी कृषक ऐसी भूहम को वापस कदलाये जाने के हलये उपखंड अहधकारी को ऐसे समय के भीतर आवेदन कर सकेगा जो, कक हवहहत ककया जाये: परंतु मौरूसी कृषक उस दशा में आवेदन के हलये हकदार नहीं होगा जबकक वह भूहमस्वामी को ऐसी भूहम का कब्जा लेने या उस पर खेती करने में ककसी भी प्रकार से बाधा पह ुचाए । (2) ऐसे आवेदन के प्राप्त होने पर, उपखंड अहधकारी भूहमस्वामी को सुनवाई का अवसर देने तथा ऐसी और जाँच जैसी कक आवश्यक समझी जाये, करने मे पिात् प्रश्नगत भूहम का कब्जा मौरूसी कृषक को वापस देने का आदेश पाररत कर सकेगा, और जहां ऐसा आदेश पाररत कर कदया जाता है, वहां मौरूसी कृषक को उस भूहम का कब्जा उि आदेश की तारीख के ठीक आगामी कृहष वषड के प्रारभभ से कदला कदया जायेगा और तब उसे भूहमस्वामी के अहधकार प्रोद्भूत हो जायेंगे तथा धारा 190 का उपबन्ध के उसकी उपधारा (2) को छोड़कर तद्नुसार लागू होंगें । (3) यकद उपधारा (2) के अधीन वापस दे दी गई भूहम के हलये देय लगान के बारे में कोई हववाद हो तो वह हववाद उपखंड अहधकारी द्वारा हवहनहित ककया जायेगा । (4) जहां उपधारा (2) के अधीन कोई भूहम ककसी मौरूसी कृषक को वापस दे दी गई है, वहां वह भूहमस्वामी हजसके हवरूद्ध वापसी का आदेश कदया गया हो, धारा 189 के अधीन ऐसे मौरूसी कृषक की ककसी भी भूहम के पुनग्रडहण का दावा करने से सदैव के हलये हववर्तजत हो जायेगा ।