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त्यजन (Relinguishment).--- इस संहहता के अधीन बनाये गये हनयमों के अध्यधीन रहते हुए, भूहमस्वामी, कृहष वषड प्रारभभ होने की तारीख से कम से कम तीस कदन पूवड तहसीलदार को हलहखत सूचना देकर अपने अहधकारों का त्यजन कर सकेगा अथाडत् उन्हें राज्य सरकार के पि में त्याग सकेगा ककतु ऐसा ककहीं ऐसे अहधकारों हवल्लंगमों या साभयाहधकारों के अध्यधीन रहते हुए ही ककया जा सकेगा जो राज्य सरकार या भूहमस्वामी से हभि ककसी भी व्यहि के पि में हवहधपूवडक हवद्यमान हो और तब वह भूहम स्वामी ऐसे आदेश का ऐसी तारीख के ठीक आगामी कृहष वषड के भूहम-स्वामी नहीं रह जायेगा । खाते के केवल ककसी भाग का त्यजन ककया जाये कक दशा में, तहसीलदार उस खाते पर हनधाडररत राहश को इस संहहता के अधीन बनाये गये हनयमों के अनुसार प्रभाहजत करेगा : परंतु ककसी खाते का या खाते के ककसी भाग का हवल्लंगम या भार के अध्यधीन त्यजन हवहधमान्य नहीं होगा ।