Amendment status not verified — confirm the current text below against the official source.
भूहम का व्यपवतडन (Diversion of Land) – (1) यकद – (एक) नगरीय िेत्र में या ऐसे िेत्र की बाहरी सीमाओं से पांच मील की हत्रज्या के भीतर; या (दो) ककसी ऐसे ग्राम में, हजसकी जनसंखया गत जनगणना के अनुसार दो हजार या उससे अहधक हो; या (तीन) ऐसे अन्य िेत्रों में, हजन्हें राज्य सरकार, अहधसूचना द्वारा, हवहनर्ददष्ट करे, ककसी प्रयोजन के हलये धाररत भूहम का भूहमस्वामी अपने खाते या उसके ककसी भाग को कृहष के हसवाय ककसी अन्य प्रयोजन के हलये व्यपवर्ततत करना चाहता है तो वह इस बाबत अनुज्ञा दी जाने के हलये उपखंड अहधकारी को आवेदन करेगा, जो इस धारा के तथा इस संहहता के अधीन बनाये गये हनयमों के उपबंधो के अध्यधीन रहते हुए, अनुज्ञा देने से इंकार कर सकेगा या अनुज्ञा ऐसी शतो पर दे सकेगा जैसा कक वह ठीक समझे: परंतु यकद उपखंड अहधकारी उपधारा (1) के अधीन आवेदन प्राप्त होने क पिात् तीन मास तक; उसके सभबंध में अनुज्ञा या इंकारी का आदेश करने तथा उसे आवेदक का पररदत्त करने में उपेिा या चूक करता है, और आवेदक ने उस चूक या उपेिा की ओर उपखंड अहधकारी का ध्यान हलहखत संसूचना द्वारा 87 आकृष्ट कर कदया हो तथा ऐसी चूक या उपेिा एक मास की और कालावहध तक जारी रहती है तो यह समझा जायगा कक उपखंड अहधकारी ने अनुज्ञा हबना ककसी शतड के प्रदान कर दी है: परंतु यह और कक यकद ककसी ऐसी भूहम का, जो हवकास योजना में कृहष से हभि प्रयोजनों के हलए आरहित की गई है ककतु उसका उपयोग कृहष के हलये ककया जाता है भूहमस्वामी अपनी भूहम या उसके ककसी भाग को ऐसे प्रयोजन के हलये व्यपवर्ततत करना चाहता है हजसके हलए वह भूहम हवकास योजना में आरहित है, तो भूहमस्वामी द्वारा अपने आशय की उपखंड अहधकारी को दी गई जानकारी पयाडप्त होगी और ऐसे व्यपवतडन के हलए कोई अनुज्ञा अपेहित नहीं है: परंतु यह भी कक यकद ककसी ऐसी भूहम का, जो कृहष प्रयोजन के हलए हनधाडररत की गई है, भूहमस्वामी अपनी भूहम या उसके ककसी भाग को उद्योग के प्रयोजन के हलए व्यपवर्ततत करना चाहता है और ऐसी भूहम हवकास योजना के अंतगडत आने वाले िेत्र से हभि ककसी िेत्र में हस्थत हो, तो भूहम स्वामी द्वारा अपने आशय की उपखण्ड अहधकारी को दी गई हलहखत जानकारी पयाडप्त होगी और ऐसे व्यपवतडन के हलये कोई अनुज्ञा अपेहित नहीं है । परंतु यह भी कक यकद सिम प्राहधकारी ककसी अवैध कालोनी, हजसकी भूहम व्यपवर्ततत नहीं की गई है, के हनयहमतीकरण के कायड का हजभमा लेता है तो ऐसी भूहम हवकास योजना के उपबंधो के अध्यधीन रहते हुए व्यपवर्ततत हो गई समझी जाएगी और ऐसी भूहम धारा 59 के अधीन प्रीहमयम तथा पुनरीहित भू-राजस्व के हलए दायी होगी. स्पष्टीकरण—इस धारा के प्रयोजन के हलये सिम प्राहधकारी का वही अथड होगा जो उसके हलए मध्यप्रदेश नगरपाहलक हनयम अहधहनयम, 1956 (िमांक 23 सन् 1956) और मध्यप्रदेश नगरपाहलका अहधहनयम, 1961 (िमांक 37 सन् 1961) के अधीन बनाए गए मध्यप्रदेश नगर पाहलका (कालोनाईजर का रहजस्रीकरण, हनबंध तथा शते) हनयम, 1998 में कदया गया है । (2) व्यपवर्ततत करने की अनुज्ञा देने से उपखंड अहधकारी द्वारा केवल इन आधारों पर इंकार ककया जा सकेगा कक उस व्यपवतडत से लोक न्यूसेन्स होना संभाव्य है, या यह कक भूहमस्वामी उन शतो का, जो कक उपधारा (3) के अधीन अहधरोहपत की जाय, अनुपालन करने में असमथड है या अनुपालन करने के हलये राजी नहीं है। (3) व्यपवतडन के संबंध में शते हनम्नहलहखत उद्देश्यों, अथाडत् सावडजहनक स्वास्थ्य, सुरिा तथा सुहवधा सुहनहित करने के हलये ही अहधरोहपत की जा सकेंगी अन्य उद्देश्यों के हलए नहीं और उस भूहम की दशा में हजसका कक उपयोग हनमाडण स्थलों के रूप में ककया जाता है, उपयुडि बातों के अहतररि यह सुहनहित करने के हलये अहधरोहपत की जा सकेंगी कक स्थलों की हबना, उनका हवन्यास तथा उन तक पहुंच दखलकारों के स्वास्थ्य तथा सुहवधा की दृहष्ट से पयाडप्त हैं या संभबहधत बस्ती के हलये उपयुि हैं । (4) यकद कोई भूहम, भूहमस्वामी द्वारा हबना अनुज्ञा के या ककसी अन्य व्यहि द्वारा भूहमस्वामी की सभमहत से या उसकी सभमहत के हबना व्यपवर्ततत कर दी गई हो तो उपखंड अहधकारी, उसकी जानकारी प्राप्त होने पर, उस व्यहि पर, जो व्यपवतडन के हलए हजभमेदार है, ऐसी शाहस्त अहधरोहपत कर सकेगा जो 88 ऐसी व्यपवर्ततत भूहम के बाजार मूल्य का बीस प्रहतशत से अहधक न हो, और उपधारा (1) के उपबंधों के अनुसार इस प्रकार कायडवाही कर सकेगा मानो व्यपवर्ततत करने की अनुज्ञा के हलये आवेदन कर कदया गया हो। (5) यकद कोई भूहम-पूवडगामी उपधाराओं में से ककसी उपधारा के अधीन पाररत ककये गये ककसी आदेश या अहधरोहपत की गई ककसी शतड के उल्लंघन में व्यपवर्ततत की गई है तो उपखंड अहधकारी उस व्यहि पर, जो ऐसे उल्लंघन के हलये हजभमेदार है, सूचना तामील कर सकेगा हजसमें उसे यह हनदेश कदया जायगा कक वह उस सूचना में कहथत युहियुि कालावहध के भीतर उस भूहम को उसके मूल प्रयोजन के हलये उपयोग में लाये या शतों का अनुपालन करें और ऐसी सूचना में ऐसे व्यहि से यह अपेिा की जा सकेगी कक वह ककसी संरचना को हटा ले, ककसी उत्खात को भर दे या ऐसे अन्य उपाय करे जो इस दृहष्ट से अपेहित हों कक उस भूहम को उसके मूल प्रयोजन के हलये उपयोग में लाया जा सके या यह कक शतड को पूरा ककया जा सके । उपखंड अहधकारी ऐसे व्यहि पर ऐसे उल्लंघन के हलये उपयोग में लाया जा सके या यह कक शतड को पूरा ककया जा सके । उपखंड अहधकारी ऐसे व्यहि पर ऐसे उल्लंघन के हलये ऐसी शाहस्त, जो ऐसी व्यपवर्ततत भूहम के बाजार मूल्य का बीस प्रहतशत से अहधक की नहीं होगी तथा ऐसी अहतररि शाहस्त भी, जो प्रत्येक धारा ऐसे कदन के हलये, हजसके कक दौरान ऐसा उल्लंघन चालू रहे, एक हजार रूपये से अहधक की नहीं होगी, अहधरोहपत कर सकेगा । (6) यकद कोई व्यहि, हजस पर उपधारा (5) के अधीन सूचना तामील की गई है, उपखंड अहधकारी द्वारा उस उपधारा के अधीन आकदष्ट उपाय सूचना में कहथत कालावहध के भीतर नहीं करता है तो अहधकारी ऐसे उपाय या तो स्वयं कर सकेगा या करवा सकेगा: और ऐसा करने में उपगत कोई भी खचड ऐसे व्यहि से उसी प्रकार वसूल ककया जा सकेगा मानो कक वह भू – राजस्व की बकाया हो । (6-क) यकद कोई भूहम धारा 165 की उपधारा (6-डड) के उल्लंघन में व्यपवर्ततत की गई है, तो उपखंड अहधकारी उपधारा (5) तथा (6) में अहधकहथत कारडवाई करने के अहतररि ऐसे उल्लंघन के हलए ऐसी शाहस्त, जो पांच हजार रूपये से अहधक की नहीं होगी, तथा ऐसी अहतररि शाहस्त, जो ऐसे प्रत्येक कदन के हलये, हजसके कक दौरान ऐसा उल्लंघन चालू रहे; एक सौ रूपये से अहधक की नहीं होगी, अहधरोहपत करेगा । (7) लुप्त स्पष्टीकरण-एक.– इस धारा में व्यपवतडन से अहभप्रेत है भूहम को, हजस पर धारा 59 के अधीन ककसी एक प्रयोजन के हलये हनधाडरण ककया गया हो, उस धारा में वर्तणत ककसी अन्य प्रयोजन के हलये उपयोग में लाना ककतु भूहम को, जबकक उस पर ककसी अन्य प्रयोजन के हलये हनधाडरण ककया गया हो, कृहष प्रयोजन के हलये उपयोग में लाना व्यपवतडन नहीं समझा जायगा । स्पष्टीकरण–दो – इस धारा के प्रयोजन के हलये शब्द ‘हवकास योजना’ का वही अथड होगा जो कक मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम हनवेश अहधहनयम, 1973 (िमांक 23 सन् 1973) में उसके हलये कदया गया है। 89