Bare ActsThe MP Land Revenue Code 1959

Section 151

हविय-आगमों का उपयोजन

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हविय-आगमों का उपयोजन .- (1) इस अध्याय के अधीन के प्रत्येक हविय के आगम, प्रथमत: उस बकाया की हजसके कक कारण हविय ककया गया था तथा ऐसे हविय के व्ययों की तुहष्ट के हलये, हद्वतीयत: सभबहन्धत िेत्र में तत्समय प्रवृत्त ककसी हवहध के अधीन बकायादार से शोध्य उपकरों की ककसी बकाया के भुगतान के हलये, तृतीयत: बकायादार द्वारा राज्य सरकार को देय ककसी अन्य बकाया के भुगतान के हलये, और चतुथडत: बकायादार से ककसी सहकारी सोसायटी का शोध्य ककसी बकाया के भूगतान के हलये उपयोहजत ककये जायेंगे और इसके बाद यकद कोई अहधशेष हो, तो वह उसको, या जहां एक से अहधक बकायादार हों, वहां ऐसे बकायादारों को उनके अपने-अपने उन अंशों के अनुसार देय होगा जो कक वे बेची गई सभपहत्त में रखते हों: परन्तु ऐसे अहधशेष का बकायादार या बकायादारों को भुगतान तब तक नहीं ककया जायगा जब तक कक जंगम सभपहत्त के मामले में हविय की तारीख से, या स्थावर सभपहत्त के मामले में हविय के पुहष्टकरण की तारीख से दो मास का अवसान न हो गया हो । (2) उपधारा (1) में ककसी बात के होते हुए भी, धारा 147 के खड (ग) के अधीन हविय के आगम, प्रथमत: बेची गई स्थावर सभपहत की बाबत् हविय की तारीख तक के हलये बकायादार द्वारा देय भू-राजस्व की बकाया के भुगतान के हलये उपयोहजत ककये जायेंगे और अहधशेष, यकद कोई हो, उपधारा (1) के अनुसार उपयोहजत ककया जायेगा।

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