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लािररस शरीर चीर-फाड़ परीिण हेतु प्रयुक्त होंगे- (1) यकद कोई व्यधक्त राज्य शासन द्वारा अथिा ककसी स्थानीय प्राधधकरण द्वारा स्थाधपत अथिा सांचाधलत ककसी धचककत्सालय में धचककत्सा के अन्तगगत है और िह ऐसे धचककत्सालय में मृत हो जाता है और उसका शरीर लािाररस है तो ऐसे धचककत्सालय के पदासीन प्राधधकारी न्यूनतम व्यािहाररक धिलभब करके इस तथ्य की ररपोटग प्राधधकृत अधधकारी को देंगे और ऐसा अधधकारी तब उस लािाररस शरीर को चीरफाड़ परीिण और धिश्लेकषण के अधभप्राय से ककसी स्िीकृत सांस्था के पदासीन प्राधधकाररयों को सौंप देगा। (2) यकद कोई व्यधक्त उपधारा (1) में उधललधखत ककसी धचककत्सालय में अथिा बन्दीगृह में मृत हो जाये और उसका शरीर लािाररस है तो ऐसे धचककत्सालय अथिा बन्दीगृह के पदासीन अधधकारी न्यूनतम व्यािहाररक धिलभब करके इस तथ्य की ररपोटग प्राधधकृत अधधकारी को देंगे और उक्त अधधकारी लािाररस शरीर की उपधारा (1) में धिधहत अधभप्राय हेतु ककसी स्िीकृत सांस्था के पदासीन प्राधधकाररयों को सौंप देगा। (3) जहाँ कोई व्यधक्त ककसी िेत्र का स्थाई धनिासी न हो जहाँ उसकी मृत्यु हुई हो ऐसे िेत्र के लोक स्थान में मृत हो जाये और उसका शरीर लािाररस हो तो प्राधधकृत अधधकारी शरीर का कब्जा लेगा और उपधारा (1) में धनर्ददष्ट प्रािधानों के धलये मान्य की गई सांस्था के प्राधधकाररयों को सौंप देगा।