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िचिकत्सीय परीक्षा—(1) जहां िक 2[कमर्चारी] ने दुघर्टना की सूचना दी है वहां, यिद िनयोजक उस समय से, जब सूचना की तामील हुई थी, तीन िदन का अवसान होने के पहले उससे यह पर्स्थापना करता है िक िकसी अिहत िचिकत्सा-᳞वसायी ᳇ारा उसकी परीक्षा मुफ्त कराई जाएगी, तो, वह अपने को ऐसी परीक्षा के िलए पर्स्तुत करेगा और कोई भी 2[कमर्चारी], जो इस अिधिनयम के अधीन अधर्मािसक संदाय पाता है, यिद उससे ऐसी अपेक्षा की जाए, तो समय-समय पर अपने को ऐसी परीक्षा के िलए पर्स्तुत करेगाः परन्तु 2[कमर्चारी] इस अिधिनयम के अधीन बनाए गए िनयमᲂ के अनुसार से अन्यथा, या उन अन्तरालᲂ से, जो िविहत िकए जाएं, लघुतर अन्तरालᲂ पर िचिकत्सा-᳞वसायी ᳇ारा परीक्षा कराने के िलए अपने को पर्स्तुत करने के िलए अपेिक्षत नहᱭ िकया जाएगा । (2) यिद 2[कमर्चारी] िनयोजक ᳇ारा उपधारा (1) के अधीन या आयुक् त ᳇ारा िकसी भी समय ऐसा करने के िलए अपेिक्षत िकए जाने पर, अिहत िचिकत्सा-᳞वसायी ᳇ारा अपनी परीक्षा कराने के िलए अपने को पर्स्तुत करने से इन्कार करता है या उसमᱶ िकसी पर्कार से बाधा डालता है तो ऐसे इन्कार या ऐसी बाधा के बने रहने के दौरान उसका पर्ितकर का अिधकार उस दशा के िसवाय िनलिम्बत रहेगा िजसमᱶ इन्कार की दशा मᱶ वह इस पर्कार अपने को पर्स्तुत करने से िकसी पयार्प् त कारण ᳇ारा िनवािरत हुआ था । (3) यिद 2[कमर्चारी] उस कालाविध के अवसान से पूवर्, िजसके भीतर वह िचिकत्सीय परीक्षा के िलए अपने को पर्स्तुत करने के िलए अपेिक्षत िकए जाने के िलए उपधारा (1) के अधीन दाियत्वाधीन है, इस पर्कार परीिक्षत हुए िबना उस स्थान के, िजसमᱶ वह िनयोिजत था, सामीप्य से स्वेच्छापूवर्क चला जाता है तो उसका पर्ितकर का अिधकार तब तक के िलए िनलिम्बत रहेगा जब तक वह लौट नहᱭ आता और ऐसी परीक्षा कराने के िलए अपने को पेश नहᱭ कर देता । (4) जहां िक ऐसा 2[कमर्चारी], िजसका पर्ितकर का अिधकार उपधारा (2) या उपधारा (3) के अधीन िनलिम्बत हो गया है, िचिकत्सीय परीक्षा के िलए अपने को वैसे पर्स्तुत िकए िबना, जैसा उन उपधाराᲐ मᱶ से िकसी के ᳇ारा अपेिक्षत है, मर जाता है वहां, यिद आयुक् त ठीक समझे तो वह मृत 2[कमर्चारी] के आिशर्तᲂ को पर्ितकर का संदाय िनिदष् ट कर सकेगा । (5) जहां िक पर्ितकर का अिधकार उपधारा (2) या उपधारा (3) के अधीन िनलिम्बत है वहां िनलम्बन की कालाविध के िलए कोई भी पर्ितकर संदेय नहᱭ होगा और यिद िनलिम्बत की कालाविध धारा 4 की उपधारा (1) के खण्ड (घ) मᱶ िनिदष् ट पर्तीक्षा- कालाविध के अवसान के पूवर् पर्ारम्भ होती है तो पर्तीक्षा-कालाविध मᱶ उतनी कालाविध बढ़ा दी जाएगी िजसके दौरान िनलम्बन बना रहता है । (6) जहां िक क्षत 2[कमर्चारी] ने उस अिहत िचिकत्सा-᳞वसायी ᳇ारा अपनी पिरचयार् कराने से इन्कार कर िदया है, िजसकी मुफ्त सेवाएं उसे िनयोजक ᳇ारा पर्स्थािपत की गई हᱹ, या ऐसी पर्स्थापना पर्ितगृहीत कर चुकने के पश् चात् ऐसे िचिकत्सा-᳞वसायी के अनुदेशᲂ की जानबूझकर अवहेलना की है वहां 3[यिद यह सािबत कर िदया जाता है िक 2[कमर्चारी] की पिरचयार् िकसी अिहत िचिकत्सा-᳞वसायी ᳇ारा तत्पश् चात् िनयिमत रूप से नहᱭ हुई है या उसकी ऐसी पिरचयार् तो हुई है पर वह अिहत िचिकत्सा-᳞वसायी के अनुदेशᲂ का अनुसरण करने मᱶ जानबूझकर असफल रहा है और ऐसा इन्कार, अवहेलना या असफलता उस मामले की पिरिस्थितयᲂ मᱶ अयुिक् तयुक् त थी] और उससे क्षित गुरूतर हो गई है तो क्षित और उसके पिरणामस्वरूप हुई िनःशक् तता के बारे मᱶ यह समझा जाएगा िक वे उसी पर्कार की और उसी अिस्तत्वाविध की है, िजस पर्कार की और िजस अिस्तत्वाविध की उनके होने की पर्त्याशा उस दशा मᱶ युिक् तयुक् त रूप मᱶ की जा सकती थी िजसमᱶ िक 2[कमर्चारी] की पिरचयार् िकसी अिहत िचिकत्सा-᳞वसायी ᳇ारा िनयिमत रूप से की गई होती 4[और उसके अनुदेशᲂ का अनुसरण 2[कमर्चारी] ने िकया होता], और यिद कोई पर्ितकर संदेय है तो वह तदनुसार संदेय होगा ।