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अशभलेख के सबूत का ढंग.- (1) संस् थान के ककसी प्रािधकारी मा सशमित की कोई रसीद, आवेदन, नोदटस, आदेश, कामववाही मा संकलप, मा संस् थान के कधजे में के अनम दस्तावेज मा संस्थान द्वारा सममक् रूप से संधाररत ककसी रजजस्टर में की कोई प्रववजटट, मदद िनदेशक द्वारा प्रमाखणत हो, तो ततसमम प्रवृतत ककसी अनम वविध में अन तवववट ट ककसी बात के होते हुए भी, उसमें वविनददवटट मामलों और संवमवहारों के प्रथमदृटटमा साक्षम के रूप में इस प्रकार स्वीकृत होंगे, जहां मदद उनका मूल प्रस् तुत ककमा गमा होता, तो साक्ष म में ग्राह्म होता। (2) ककसी भी कामववाही में, जजसमें संस्थान पक्षकार नहीं हो, संस्थान के ककसी भी कमवचारी से संस्थान के ककसी दस्तावेज, रजजस्टर मा अनम अशभलेख को प्रस् तुत करना, जजसकी अंतववस् तुओं को उप-धारा (1) के अधीन ककसी प्रमाखणत प्रितशलवप द्वारा साबबत ककमा जा सकता हो, मा साक्षी के रूप में मामलों और 294 राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023 भाग 4 (क½ अशभशलखखत संव मवहारों को साबबत करने के शलए उपसंजात होना तब तक अपेक्षक्षत नहीं होगा जब तक कक ववशेष कारण से न मामालम इसका आदेश न कर दे।