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संक्षारक पदाथब आदट के ववधि ववरुद्ि कब्जे के सलये दण्ड - - कोई भी व्यक्तत, जो कोई संिारक (कारोलसि) पदाथब या रि ऐसी पररक्स्थनतयों में अपने शरीर पर रि कर ले जायेगा या जानते हुए उसे अपने कब्जे या ननयंत्रण में रिेगा क्जनसे ऐसा युक्ततयुतत संदेह उत्पन्न होता हो क्रक िह क्रकसी विधिपूणब उद्देश्य के ललये उसे अपने शरीर पर रि कर नहीं ले जा रहा है या उसे विधिपूणब उद्देश्य से अपने कब्जे या ननयंत्रण में नहीं रिे हुए है, उस दशा में जर्क्रक यह दलशबत न कर सकता हो क्रक िह उसे क्रकसी विधिपूणब उद्देश्य से अपने शरीर पर रि कर ले जा रहा था या अपने कब्जे या ननयंत्रण में रिे हुए था कारािास से, क्जसकी अिधि तीन िषब तक की हो सकेगी, दण्डनीय होगा और जुमाबने से भी दण्डनीय होगा ।