Bare ActsThe MP Land Revenue Code 1959

Section 58

भू-राजस्व के भुगतान के हलये भूहम का दाहयत्व

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भू-राजस्व के भुगतान के हलये भूहम का दाहयत्व.- (1) समस्त भूहम चाहे वह ककसी भी प्रयोजन के हलए उपयोहजत की जाती हो और चाहे वह कहीं भी हस्थत हो राज्य सरकार के राजस्व के भुगतान के हलये दाहयत्वाधीन है हसवाय ऐसी भूहम के हलये राज्य सरकार के हवशेष अनुदान या राज्य सरकार के साथ की गई संहवदा द्वारा या तत्समय प्रवृत्त ककसी हवहध या हनयम के उपबंधों के अधीन ऐसे दाहयत्व से पूणडत: छूट दे दी गई है: परन्तु धारा 245 के उपबधों के अध्यधीन रहते हुए आबादी भूहम, और वह भूहम जो नगरेतर िेत्रों में हस्थत है तथा कृहषक प्रयोजनों के हलये उपयोग में लाई जाती है जो ऐसे दाहयत्व से छूट प्राप्त नहीं है, ग्राम सभा को राजस्व के भुगतान के हलये दाहयत्वाधीन है । (2) ऐसा राजस्व भू-राजस्व कहलाता है और उस शब्द के अन्तगडत भूहम के हलये राज्य सरकार को देय समस्त धन है, भले ही ऐसे धन ककसी अहधहनयहमहत हनयम संहवदा या हवलेख मे प्रीहमयम, लगान पट्टा-धन प्रमुहि-भाटक के रूप मे या ककसी अन्य रूप मे वर्तणत ककये जायें । (2) ऐसा राजस्व ‘भू–राजस्व’ कहलाता है और उस शब्द के अन्तडगत भूहम के हलये राज्य सरकार को देय समस्त धन है, भले ही ऐसे धन ककसी अहधहनयहमहत, हनयम, संहवदा या हवलेख में प्रीहमयम, लगान पट्टा – धन प्रमुहि-भाटक के रूप में या ककसी अन्य रूप में वर्तणत ककये जायें । 38 58- क. कहतपय भूहमयों को भू-राजस्व की देनगी से छूट दी जायेगी.- इस कोड में अन्तर्तवष्ट ककसी बात के होते हुए भी कोई भी, भू-राजस्व अनन्यरूपेण कृहष के प्रयोजनों के हलये उपयोग में लाये गये अलाभप्रद खाते में देय नहीं होगा । स्पष्टीकरण – इस धारा के प्रयोजनों के हलये- (क) ‘अलाभप्रद खाते’ से अहभप्रेत होगा, ऐसा खाता हजसका कक हवस्तार 5 एकड़ से अहधक न हों; (ख) ‘खाते’ से अहभप्रेत है वह कुल भूहम, जो कक राज्य में ककसी व्यहि द्वारा धाररत हो, इस बात के होते हुए भी कक उसके ककसी भाग पर भू- राजस्व प्रथक रूप से हनधाडररत है, और (ग) ‘भू-राजस्व’ के अन्तडगत वे धन नहीं आते जो पाँच वषड से कम कालावहध के हलये पट्टे पर दी गई भूहम के बारे में प्रीहमयम पट्टा धन के, या प्रमुहि भाटक के रूप में भूहम के हलये राज्य सरकार को देय हों स्पष्टीकरण.- (2) स्पष्टीकरण 1 के खंड (ख) के प्रयोजन के हलये ‘राजस्व में ककसी व्यहि द्वारा धाररत कुल भूहम' से अहभप्रेत है- (क) वह कुल भूहम जो कक राज्य में ककसी व्यहि द्वारा व्यहिश: धाररत हो, और उसके अन्तगडत- (एक) जहां भूहम ऐसे व्यहि द्वारा एक या अहधक व्यहियों के साथ संयुित: धाररत हो, वहां भूहम का उतना भाग आता है जो कक उसके हहस्से में आता हो; और (दो) मध्यप्रदेश भूदान यज्ञ अहधहनयम, 1968 (ि. 28 सन् 1968) के अधीन ऐसे व्यहि द्वारा भूदान धारक के रूप में धाररत भूहम आती है; और (ख) जहां भूहम ककसी व्यहि द्वारा एक या अहधक व्यहियों के साथ संयुित: धाररत हो, वहां इस प्रकार से संयुित: धाररत एकल खाता । 58 – ख. हनधाडररत भू-राजस्व का आधा भू-राजस्व अनन्यरूपेण सूक्ष्म तथा लघु उद्यम की ककसी पररयोजना के प्रयोजन के हलये उपयोग में लाए गए खाते के हलये ही देय होगा – (1) इस संहहता में अन्तर्तवष्ट ककसी बात के होते हुए भी, हनधाडररत भू-राजस्व का केवल आधा भू राजस्व अनन्यरूपेण सूक्ष्म तथा लघु उद्यम की ककसी पररयोजना के प्रयोजन के हलये उपयोग में लाए गए दो हेक्टर तक खाते के बारे में देय होगा। (2) उपधारा (1) के प्रयोजन के हलए कलक्टर हहतबद्ध व्यहियों को सुनवाई का युहियुि अवसर देने के पिात् तथा ऐसी जांच, जैसी कक वह आवश्यक समझे, करने के पष्चात् हवहनहश्चत करेगा कक संबंहधत खाता सूक्ष्म तथा लघु उद्यम की पररयोजना का है । 39 स्पष्टीकरण.- इस धारा के प्रयोजन के हलए सूक्ष्म उद्यम तथा लघु उद्यम के वही अथड होंगे जो सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम हवकास अहधहनयम, 2006 (2006 का 27) की धारा 7 की उपधारा (1) के खण्ड (क) के उपखण्ड (एक) तथा (दो) में उनके हलए कदए गए है ।

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