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(1) राजस्व अहधकारी आशहयत हविय की उद्घोषणा करवायेगा हजसमें हविय का समय तथा स्थान कहथत होगा और उसमें हनम्नहलहखत बातें यथा सभभव ऋजुता और यथाथडता से हवहनर्ददष्ट होंगी – (क) वह सभपहत्त जो बेची जानी है; (ख) जहां वह सभपहत्त, जो बेची जाती है, सरकार को राजस्व देने वाली ककसी भूहम में कोई हहत है, वहां उस भूहम पर हनधाडररत भू-राजस्व; (ग) वह रकम, हजसकी वसूली के हलये हविय आकदष्ट ककया गया है, और (घ) प्रत्येक अन्य बात हजसके बारे में राजस्व अहधकारी का हवचार हो कक सभपहत्त की प्रकृहत और मूल्य का हनणडय करने के हलये उसकी जानकारी िेता के हलये ताहत्वक है। (2) जब उपहनयम (1) के अधीन जारी की गई उद्घोषणा ककसी खाते के हविय के सभबन्ध में है, तो उसकी एक प्रहत उस सरकारी बैंक तथा भू-बन्धक बैंक को भेजी जायेगी जो कक उस िेत्र के भीतर कायडरत हो हजसमें वह खाता हस्थत है ।