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सरकारी वनों से इमारती लकड़ी की चोरी रोकने के उपाय – (1) यकद राज्य सरकार का यह समाधान हो जाता है कक ककसी सरकारी वन से इमारती लकड़ी की चोरी को रोकने के हलए; लोकहहत में यह आवश्यक है कक वनों से लगे हुए ककसी िेत्र से समाहवष्ट ग्राम में इमारती लकड़ी के काटकर हगराये जाने तथा उसके वहाँ से हटाये जाने का हवहनयमन ककया जाय, तो राज्य सरकार राजपत्र में प्रकाहशत आदेश द्वारा, ऐसे िेत्र को इस धारा के प्रयोजन के हलये अहधसूहचत िेत्र घोहषत कर सकेगी । 119 (2) उपधारा (1) के अधीन प्रकाहशत आदेश, अहधसूहचत िेत्र में समाहवष्ट समस्त ग्रामों में हवहहत रीहत में उद्घोहषत ककया जायेगा । (3) धारा 179 में अन्तर्तवष्ट ककसी बात के होते हुए भी ककन्तु उपधारा (5) के उपबन्धों के अध्यधीन रहते हुए जब कोई आदेश उपधारा (2) के अधीन ककसी ग्राम में उद्धोहषत कर कदया गया हो तो कोई भी व्यहि; हविय के ककसी खाते में के इमारती लकड़ी के ककसी वृि को ऐसे हनयमों के अनुसार ही काटकर हगरायेगा या ककसी ऐसे वृि के हपण्ड (corpus) को ककसी ऐसे खाते से ऐसे हनयमों के अनुसार ही हटायेगा जो कक इस सभबन्ध में बनाये जायँ अन्यथा नहीं । (4) कोई व्यहि जो उपधारा (3) के या उसके अधीन बनाए गये ककन्हीं हनयमों के उपबंधों का उल्लंघन करेगा या उल्लंघन करने का प्रयत्न करेगा या उनके उल्लंघन का दुष्प्रेरण करेगा, ककसी अन्य कारडवाई पर, जो कक उसके हवरूद्ध की जा सकती हो, प्रहतकूल प्रभाव डाले हबना, उपखण्ड अहधकारी के हलहखत आदेश पर, पचास हजार रूपये से अनहधक ऐसी शाहस्त का, जो कक उसके द्वारा अहधरोहपत की जाए, भुगतान करने का दायी होगा और उपखण्ड अहधकारी यह और आदेश देगा कक इमारती लकड़ी के ककन्हीं भी ऐसे वृिों का अहधहरण कर हलया जाए जो कक इस उपधारा के उपबंधों के उल्लंघन में काट कर हगराए गये हैं । (5) उपधारा (3) तथा (4) की कोई भी बात, ककसी व्यहि द्वारा अपनी भूहम पर के वृिों की दो घनमीटर तक इमारती लकड़ी एक वषड की कालावहध के दौरान अपने वास्तहवक कृहषक प्रयोजनों या घरेलू प्रयोजनों के हलये काटकर हगराये जाने को लागू नहीं होगी यकद ऐसा काटकर हगराया जाना अन्यथा इस संहहता के अन्य उपबन्धों के अनुसार हो ।