Amendment status not verified — confirm the current text below against the official source.
(1) जहां कक सभपहत्त स्थावर है, वहां कुकी ऐसे आदेश की जायेगी जो सभपहत्त को ककसी भी प्रकार से अन्तररत या भाररत करने से बकायादार को और ऐसे अन्तरण या भार से कोई भी फायदा उठाने हेतु समस्त व्यहक्त्यों को प्रहतहषद्ध करता है । (2) वह आदेश ऐसी सभपहत्त में के या उसके पार्श्डस्थ ककसी स्थान पर डोंडी हपटवाकर या अन्य रूकढ़गत रीहत से उद्घोहषत ककया जायेगा और ऐसे आदेश की एक प्रहत सभपहत्त के ककसी सहजदृश्य भाग पर और तब राजस्व अहधकारी के कायाडलय के सूचना बोडड पर लगाई जायेगी । (3) ऐसा आदेश मूल्य देकर वास्तहवक िेताओं से हवरूद्ध उस तारीख से, हजसको कक आदेश की प्रहत सभपहत्त पर लगाई गई हो तथा बकायादार के अन्य समस्त अन्तररहतयों के हवरूद्ध उस तारीख से; हजसको कक ऐसा आदेश ककया गया हो; प्रभावी होगा ।