Amendment status not verified — confirm the current text below against the official source.
कहतपय अंतरणों के मामले में समपहरण – (1) यकद भूहम का अंतरण धारा 165 की उपधारा (4) के खंड (क) के उपबंधों के उल्लंघन में ककया जाता है, तो अन्तररती के पास की उतनी भूहम जो हवहहत की उच्चतम सीमा के ऊपर हो, अंतररती द्वारा हवहहत कालावहध के भीतर चयन कर ली जाने पर और उपखंड अहधकारी द्वारा उसका सीमांकन ऐसे हनयमों के, जो उस संभबंध में बनाये जायें; अनुसार कर कदया जाने के पिात, राज्य सरकार समपह्रत हो जायेगी: परंतु यकद अंतररती हवहहत कालावहध के भीतर चयन नहीं करता है तो ऐसा चयन उपखंड अहधकारी द्वारा ककया जायेगा । (2) X X X] (3) उपखण्ड अहधकारी, उपधारा (1) तथा (2) में, हनर्ददष्ट ककए गये मामलों में, अंतररती के पास बच रही भूहम के संबंध में भू- राजस्व, हवहहत रीहत में हनयत करेगा ।