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लेखन सभबन्धी गलहतयों का शुहद्धकरण.- उपखंड अहधकारी; ककसी भी समय, लेखन समबन्धी ककन्ही भी गलहतयों को, तथा ककन्हीं भी ऐसी गलहतयों को, हजनके कक सभबन्ध में हहतबघ्द पिकार यह स्वीकार करते हों कक वे अहधकार-अहभलेख में हूई हैं, शुध्द कर सकेगा या शुध्द करवा सकेगा