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अहधकारों के अज्रन की ररपोटड की जायगी.- कोई भी व्यहि, जो भूहम में कोई अहधकार का हहत (……..) हवहधपूवडक अर्तजत करता है, अपने द्वारा ऐसा अहधकार अर्तजत ककये जाने की ररपोट ऐसे अजडन की ररपोटड ऐसे अजडन की तारीख से छह मास के भीतर पटवारी को मौहखक रूप से या हलहखत में करेगा, और पटवारी ऐसी ररपोटड के हलये हलहखत अहभस्वीकृहत ररपोटड करने वाले व्यहि को हवहहत प्ररूप में तत्काल देगा: परन्तु जब अहधकार अर्तजत करने वाला व्यहि अवयस्क हो या अन्यथा हनरर्तहत हो तो उसका संरिक या ऐसा अन्य व्यहि, जो उसकी सभपहत का भारसाधक हो, पटवारी को ऐसी ररपोट करेगा स्पष्टीकरण एक.- उपर वर्तणत ककये गये अहधकार के अन्तगडत कोई सुखाचार या सभपहत्त अन्तरण अहधहनयम ,1882 (1882 का अहधहनयम संखयांक 4) की धारा 100 में हवहनर्ददष्ट ककये गये प्रकारण का कोई भार, जो बन्धक की कोरट में नही आता है, नही है स्पष्टीकरण दो.- कोई ऐसा व्यहि, हजसके कक पि में ककसी बन्धक का मोचन हो जाय या भुगतान कर कदया जाय ककसी पटटे का पयाडवसान हो जाय ,इस धारा के अथड के अन्तगडत अहधकार अर्तजत करता है स्पष्टीकरण तीन.- इस अध्याय के प्रयोजन के हलये शब्द “पटवारी” के अतंगडत कोई ऐसा व्यहि है हजसे इस अध्याय के अधीन पटवारी के कतडव्यों का पालन करने के हलये हनयुि ककया गया हो। स्पष्टीकरण चार.- इस धारा के अधीन पटवारी को दी जाने के हलये अपेहित हलहखत प्रज्ञापना था तो संदेशवाहक की माफडत दी जा सकेगी या व्यहिश: सौंपी जा सकेगी या रहजस्टीकृत डाक द्वारा भेजी जा सकेगी। (2) कोई भी ऐसा व्यहि, जो कक उपधारा (1) में हनर्ददष्ट ककया गया है, अपने द्वारा ऐसे अहधकारो के अजडन की हलहखत ररपोटड, ऐसे अजडन की तारीख से छह मास के भीतर तहसीलदार को भी कर सकेगा 110 िेत्र-पुस्तक तथा अन्य सुसंगत भू-अहभलेखों में अहधकार अजडन बाबत नामान्तरण.- (1) पटवारी अहधकार के प्रत्येक ऐसे अजडन को, हजसकी कक ररपोटड उसे धरा 109 के अधीन की गई हो या जो ग्राम पंचायत या ककसी अन्य स्त्रोत से प्राप्त प्रज्ञापना पर से उसकी जानकारी में आए, उस रहजस्टर में दजड करेगा जो कक उस प्रयोजन के हलये हवहहत ककया गया है। (2) पटवारी अहधकार–अजडन सभबन्धी समस्त ऐसी ररपोटड, जो उपधारा (1) के अधीन उसे प्राप्त हुए हो, उन ररपोटो के उसे प्राप्त होने के तीन कदन के भीतर तहसीलदार को प्रज्ञाहपत करेगा। (3) उपधारा (2) के अधीन पटवारी से प्रज्ञापना के प्राप्त होने पर, तहसीनदार उसे हवहहत रीहत में ग्राम में प्रकाहशत करवायेगा और उसकी हलहखत प्रज्ञापना उन समस्त व्यहियों को जो कक उसे नामान्तरण में हहतबद्ध प्रतीत होते हो, तथा साथ ही ऐसे अन्य व्यहियों एवं प्राहधकाररयों को भी देगा जो कक हवहहत ककये जाएं। 54 (4) तहसीलदार हहतबध्द व्यहियों को सुनवाई का युहियुि अवसर देने के पिात् तथा ऐसी अहतररि जाँच, जैसी कक वह आवश्यक समझे, करने के पिात् िेत्र–पुस्तक तथा अन्य सुसगंत भू- अहभलेखो में आवश्यक प्रहवहष्ट करेगा।