Bare ActsThe Registration ACT 1908

Section 58

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रजिस्ट्रीकरण के जिए गृहीत िस्ट्तावेिों पर पृ‍ ‍ांदकत की िािे वािी जवजशज‍ ियां—(1) रजिस्ट्रीकरण के जिए गृहीत हर िस्ट्तावेि पर, िो जिक्री या आिेश की प्रजत से जभध ि है या रजिस्ट्रीकताण आदिसर को िारा 89 के अिीि भेिी गई प्रजत ि हो, जि् िजिजित जवजशज‍ ियां समय-समय पर पृ‍ ‍ांदकत की िाएंगी, अथाणत :— (क) िस्ट्तावेि के जि‍पािि को स्ट्वीकृत करिे वािे हर व्यज‍ त के हस्ट्तािर और अजभवणणि और यदि ऐसा जि‍पािि दकसी व्यज‍ त के प्रजतजिजि, समिुिेजशती या अजभकताण द्वारा स्ट्वीकृत दकया गया है तो ऐसे प्रजतजिजि, समिुिेजशती या अजभकताण के हस्ट्तािर और अजभवणणि, (ि) ऐसी िस्ट्तावेि के प्रजत जििेश से इस अजिजियम के उपबंिों में से दकसी भी उपबंि के अिीि परीजित हर व्यज‍ त के हस्ट्तािर और अजभवणणि, तथा (ग) िस्ट्तावेि के जि‍पािि के प्रजत जििेश से रजिस्ट्रीकताण आदिसर की उपजस्ट्थजत में दिए गए िि का कोई भी संिाय या वस्ट्तुओं का कोई भी पररिाि और ऐसे जि‍पािि के प्रजत जििेश से उसकी उपजस्ट्थजत में स्पूणण प्रजतिि या उसके भाग की प्राजप् त की कोई स्ट्वीकृजत । (2) यदि िस्ट्तावेि का जि‍पािि स्ट्वीकृत करिे वािा कोई व्यज‍ त उसे पृ‍ ‍ांदकत करिे के इंकार करे तो ऐसे होिे पर भी रजिस्ट्रीकताण आदिसर उसको रजिस्ट्रीकृत करेगा, दकधतु उसी समय ऐसे इंकार का रिप्पण पृ‍ ‍ांदकत कर िेगा ।

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