Amendment status not verified — confirm the current text below against the official source.
The scanned source for this Act is imperfect — headings or section boundaries may be off. Verify against the official source.
रजिस्ट्रीकताण आदिसर द्वारा रजिस्ट्रीकरण के पूवण िांच—(1) इस भाग में और िाराओं 41, 43, 45, 69, 75, 77, 88 और 89 में अधतर्वण ि उपबधिों के अध्यिीि रहते हुए कोई भी िस्ट्तावेि इस अजिजियम के अिीि तब तक रजिस्ट्रीकृत ि की िाएगी िब तक दक उसको जि पादित करिे वािे व्यज त या उिके प्रजतजिजि, समिुिेजशती या पूवो त िैसे रूप में प्राजिकृत अजभकताण िाराओं 23, 24, 25 और 26 के अिीि उसे उपस्ट्थाजपत करिे के जिए अिुज्ञात समय के अंिर रजिस्ट्रीकताण आदिसर के समि उपसंिात ि हों: परधतु यदि सब ऐसे व्यज त अिेधि आवयकता या अपररविणिीय घििा के कारण ऐसे उपसंिात िहीं होते हैं तो रजिस्ट्रार उि िशाओं में, जििमें दक उपसंिाजत होिे में जवि्ब चार मास से अजिक िहीं है यह जििेश िे सकेगा दक समुजचत रजिस्ट्रीकरण िीस की रकम के िस गुिे से अिजिक िुमाणिे के उस िुमाणिे के अजतरर त यदि कोई हो, िो िारा 25 के अिीि संिेय है, संिाय पर उस िस्ट्तावेि का रजिस्ट्रीकरण दकया िा सकेगा । (2) उपिारा (1) के अिीि उपसंिाजतयां एक ही समय पर या जवजभध ि समयों पर हो सकेंगी । (3) रजिस्ट्रीकताण आदिसर तिुपरर— (क) यह िांच करेगा दक ऐसी िस्ट्तावेि उि व्यज तयों द्वारा जिपादित की गई थी या िहीं जििके द्वारा उसका जिपादित दकया िािा तात्पर्यणत है, (ि) अपिे समि उपसंिात होिे वािे और यह अजभकथि करिे वािे दक वह िस्ट्तावेि उधहोंिे जिपादित की है, व्यज तयों की अिधयता के बारे में अपिा समािाि करेगा, तथा (ग) िबदक कोई व्यज त, प्रजतजिजि के, समिुिेजशती के या अजभकताण के रूप में उपसंिात हो रहा है, तब ऐसे व्यज त के ऐसे उपसंिात होिे के अजिकार के बारे में अपिा समािाि करेगा । (4) उपिारा (1) के परधतुक के अिीि जििेश के जिए कोई भी आवेिि उपरजिस्ट्रार के पास जिजव ि दकया िा सकेगा िो तत्िण उसे उस रजिस्ट्रार के पास भेिेगा जिसके वह अिीिस्ट्थ है । (5) इस िारा की कोई भी बात जिदक्रयों या आिेशों की प्रजतयों को िागू िहीं है ।