Amendment status not verified — confirm the current text below against the official source.
िस्ट्तावेिें जििका रजिस्ट्रीकरण अजिवायण है—(1) जि् िजिजित िस्ट्तावेिों की रजिस्ट्री करिी होगी यदि वह स्पजत्त, जिससे उिका संबंि है, ऐसे जििे में जस्ट्थत है, जिसमें और यदि वे िस्ट्तावेिें उस तारीि को या के प चात जिपादित हुई हैं, जिसको, 1864 का ऐि संखयांक 16 या इंजियि रजिस्ट्रेशि ऐि, 1866 (1866 का 20) या इजण्ियि रजिस्ट्रेशि ऐि, 1871 (1871 का 8) या इंजियि रजिस्ट्रेशि ऐि, 1877 (1877 का 3) या यह अजिजियम प्रवतणि में आया था या आता है, अथाणत :— (क) स्ट्थावर स्पजत्त के िाि की जिित, (ि) अधय जिवणसीयती जिित जििसे यह तात्पर्यणत हो या जििका प्रवतणि ऐसा हो दक वे स्ट्थावर स्पजत्त पर या स्ट्थावर स्पजत्त में एक सौ रुपए या उससे अजिक के मूल्य का कोई अजिकार, हक या जहत, चाहे वह जिजहत, चाहे समाजित हो, चाहे वतणमाि में, चाहे भजवय में सृ ि, घोजषत, समिुिेजशत, पररसीजमत या जिवाणजपत करती हो, (ग) ऐसी जिवणसीयती जिित, िो ऐसे दकसी अजिकार, हक या जहत के, सृिि, घोषणा, समिुिेशि, पररसीमा या जिवाणपि के िेिे दकसी प्रजतिि की प्राजप् त या संिाय अजभस्ट्वीकार करती हो, तथा (घ) वषाणिुवषण या एक वषण से अजिक की दकसी अवजि के जिए, या वार्षणक भािक को आरजित रििे वािे स्ट्थावर स्पजत्त के पट्टे, 1[(ङ) धयायािय की दकसी जिक्री या आिेश का, या दकसी पंचाि का अधतरण या समिुिेशि करिे वािी जिवणसीयती जिित िबदक ऐसी जिक्री या आिेश, या पंचाि से यह तात्पर्यणत हो या उसका प्रवतणि ऐसा हो दक वह स्ट्थावर स्पजत्त पर या स्ट्थावर स्पजत्त में एक सौ रुपए या उससे अजिक मूल्य का कोई अजिकार, हक या जहत, चाहे वह जिजहत चाहे समाजित हो, चाहे वतणमाि में चाहे भजवय में, सृ ि, घोजषत, समिुिेजशत, पररसीजमत या जिवाणजपत करता होः] परधतु राज्य सरकार दकसी भी जििे या जििे के भाग में जिपादित दकधहीं भी पट्टों को, जििके द्वारा अिुित्त पट्टा-अवजियां पांच वषण से अिजिक हैं और जििके द्वारा आरजित वार्षणक भािक पचास रुपए से अिजिक है शासकीय रािपत्र में प्रकाजशत आिेश द्वारा उपिारा के प्रवतणि से छूि िे सकेगी । 2[(1क) ऐसी िस्ट्तावेिों की, जििमें संपजत्त अंतरण अजिजियम, 1882 (1882 का 4) की िारा 53क के प्रयोिि के जिए दकसी स्ट्थावर संपजत्त को प्रजतििाथण अधतररत करिे की संजविा अंतर्वण ि हैं, रजिस्ट्री करिी होगी यदि वे रजिस्ट्रीकरण और अधय संबंजित जवजियां (संशोिि) अजिजियम, 2001 के प्रारंभ पर या उसके प चात जिपादित की गई हैं और यदि ऐसी िस्ट्तावेिों की ऐसे प्रारंभ पर या उसके प चात रजिस्ट्री िहीं की िाती है, तो उिका उ त िारा 53क के प्रयोििों के जिए कोई प्रभाव िहीं होगा ।] (2) उपिारा (1) के िण्ि (ि) और (ग) में की कोई भी बात जि् िजिजित को िागू िहीं होगी— (i) दकसी समझौता जविेि को; अथवा (ii) संयु त स्ट्िाक क्पिी में के अंशों से स्बजधित दकसी भी जिित को, यद्यजप ऐसी क्पिी की आजस्ट्तयां स्पूणणतः या भागतः स्ट्थावर स्पजत्त के रूप में हों; अथवा (iii) दकसी ऐसे जिबेंचर को, िो दकसी ऐसी क्पिी द्वारा पुरोिृत और स्ट्थावर स्पजत्त पर या स्ट्थावर स्पजत्त में कोई अजिकार, हक या जहत वहां तक के जसवाय सृ ि, घोजषत, समुिेजशत, पररसीजमत या जिवाणजपत ि करिा हो, िहां तक दक वह िारक को उस प्रजतभूजत के जिए हकिार करता हो िो ऐसी रजिस्ट्रीकृत जिित प्रिाि करती हो जिसके द्वारा क्पिी िे अपिी स्पूणण स्ट्थावर स्पजत्त को या उसके दकसी भाग को या उसमें के दकसी जहत को ऐसे जिबेंचरों के िारकों के िायिे के जिए धयाजसयों को धयास पर बधिक रिा है, हस्ट्ताधतररत दकया है या अधयथा अध तररत दकया है; अथवा (iv) ऐसी दकसी क्पिी द्वारा पुरोिृत दकसी भी जिबेंचर पर दकसी भी पृ ांकि को या जिबेंचर के अधतरण को; अथवा (v) 3[उपिारा (1क) में जवजिर्िण ि िस्ट्तावेिों से जभध ि दकसी ऐसी िस्ट्तावेि] को, िो स्ट्वयं तो स्ट्थावर स् पजत्त पर या स्ट्थावर स्पजत्त में एक सौ रुपए या उससे अजिक मूल्य का कोई अजिकार, हक या जहत सृ ि, घोजषत, समिुिेजशत, 1 1929 के अजिजियम सं० 21 की िारा 10 द्वारा अंतःस्ट्थाजपत । 2 2001 के अजिजियम सं 48 की िारा 3 द्वारा (24-9-2001 से) अंतःस्ट्थाजपत । 3 2001 के अजिजियम सं 48 की िारा 3 द्वारा (24-9-2001 से) प्रजतस्ट्थाजपत । 5 पररसीजमत या जिवाणजपत िहीं करती, दकधतु केवि ऐसी िूसरी िस्ट्तावेि को अजभप्राप् त करिे का अजिकार सृ ि करती है, िो जिपादित की िािे पर कोई ऐसा अजिकार, हक या जहत सृ ि, घोजषत, समिुिेजशत, पररसीजमत या जिवाणजपत करेगी; अथवा (vi) दकसी धयायािय की दकसी जिक्री या आिेश को 1[िो ऐसी जिक्री या आिेश से जभध ि है, जिसके बारे में यह अजभव्य त है दक वह दकसी समझौते के आिार पर दकया गया है और िो उस स्पजत्त से, िो वाि या कायणवाही की जवषयवस्ट् तु है, जभध ि स्ट्थावर स्पजत्त को समाजव ि करता है;] अथवा (vii) सरकार द्वारा स्ट्थावर स्पजत्त के दकसी भी अिुिाि को; अथवा (viii) दकसी रािस्ट्व आदिसर द्वारा दकए गए जवभािि की दकसी जिित को; अथवा (ix) िैंि इ्प्रूवमेंि ऐि, 1871 (1871 का 26) या भूजम अजभवृजद्ध उिार अजिजियम, 1883 (1883 का 19) के अिीि उिार अिुित्त करिे वािे दकसी आिेश को या सांपार् वणक प्रजतभूजत की दकसी जिित को; अथवा (x) कृषक उिार अजिजियम, 1884 (1884 का 12) के अिीि उिार अिुित्त करिे वािे दकसी आिेश को या उस अजिजियम के अिीि अिुित्त उिार के प्रजत संिाय को प्रजतभूत करिे वािी दकसी जिित को; अथवा 2[(xक) िैराती जवधयास अजिजियम, 1890 (1890 का 6) के अिीि दकसी आिेश को, िो िैराती जवधयासों के दकसी कोषपाि में दकसी स्पजत्त को जिजहत करता है, या ऐसे दकसी कोषपाि को दकसी स्पजत्त से जिर्िणजहत करता है; अथवा] (xi) बधिक-जविेि पर दकसी पृ ांकि को जिससे पूरे बधिक िि या उसके दकसी भाग का संिाय अजभस्ट्वीकृत दकया गया हो और बधिक के अिीि शोध्य िि के संिाय के जिए अधय दकसी रसीि को िब दक रसीि से बंिक का जिवाणपि तात्पर्यणत ि हो; अथवा (xii) दकसी जसजवि या रािस्ट्व आदिसर द्वारा िोक िीिाम द्वारा बेची गई दकसी स्पजत्त के क्रेता को अिुित्त दकसी जवक्रय प्रमाणपत्र को । 3[स्ट्प िीकरण—जिस िस्ट्तावेि से यह तात्पर्यणत हो या जिसका प्रवतणि ऐसा हो दक उससे स्ट्थावर स्पजत्त के जवक्रय की संजविा हो िाती है उसके बारे में इसी तथ्य के कारण दक उसमें दकसी अजग्रम िि या पूरे क्रय िि या उसके दकसी भाग के संिाय का कथि अधतर्वण ि है यह ि समझा िाएगा दक उसका रजिस्ट्रीकरण अपेजित है या कभी भी अपेजित था ।] (3) पुत्र के ित्तकग्रहण के जिए िो प्राजिकार पहिी ििवरी, 1872 के प चात जिपादित हुए हैं और वसीयत द्वारा प्रित्त िहीं हैं उिका भी रजिस्ट्रीकरण दकया िाएगा ।