Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 9202 (ALL)

COMMITTEE OF MANAGEMENT BALLABH BHAI PATEL INTER COLLEGE AND ANOTHER v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

WRIC/26743/2026 · 2026-09-22

Saurabh Shyam Shamshery

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

2026:AHC:199589 Reserved : 10/09/2026 Delivered : 23/09/2026 HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD WRIT - C No. - 26743 of 2026 Committee of Management Ballabh Bhai Patel Inter College and another …..Petitioner(s) Versus State of U.P. and 3 others …..Respondent(s) Counsel for Petitioner(s) : Sankalp Narain, Surendra Tiwari Counsel for Respondent(s) : Anil Kumar, C.S.C. Court No. - 36 HON'BLE SAURABH SHYAM SHAMSHERY, J. 1. This writ petition is decided finally with the consent of learned counsel appearing for both parties without exchange of pleadings on basis of material available on record. 2. The institution in question is a recognized and aided intermediate college and the dispute is in regard to rival elections set up, by petitioner and other by respondents. 3. It is a case of petitioner that valid electoral base was of 901 Members (551 original Members + 350 additional Members), whereas according to rival claim, electoral base was 1015 Members (551 original Members + 464 additional Members). According to petitioners, an electoral base of 901 Members was already settled and it cannot be 2 WRIC No. - 26743 of 2026 disturbed or reopened subsequently by Regional Level Committee (for short “RLC”) as done by way of the impugned order. 4. The petitioners are also aggrieved that if petitioners’ claim was not found genuine without consideration, claim set up by respondents cannot be accepted. In regard to age of petitioner-2 at the time of his membership, Sri V.K. Singh, learned Senior Advocate appearing through Video Conferencing assisted by Sri Surendra Tiwari, learned counsel for petitioners has submitted that initially there was no clause in the Scheme of Administration (for short “SoA”) bar that a person less than 21 years cannot become a Member though later on said bar was included and if a person becomes Member many years ago, said consideration cannot be made now and his membership cannot be cancelled on this ground alone. 5. Further argument was that membership of new Member was disputed on erroneous grounds and entire prescribed procedure for election was followed and said findings returned in the impugned order by RLC were perverse and liable to be set aside. For reference, relevant part of impugned order is quoted below :- “11- मण्डलीय समिममि द्वारा गहन परिराशीलीन म यह भी पय गय कि- 1- सस्था परा पर्व म प्रशीसन यजन एर्व सशीमि! प्रशीसन यजन " प्रकिर्व!न लीग था"। शीसनदे"शी सख्य-1281/15-9-08-25(4)/2008 सस्& शिशीक्षा अन*भीग, लीखनऊ दिदेन 21.11.2008 " प्रकिर्व!न*सरा सय*क् शिशीक्षा किनदे"शी किर्वन्ध्यचली मण्डली, मराजप*रा " आदे"शी दिदेन 11.05.2012 द्वारा आदेशी प्रशीसन यजन अन*मदिदे 3 गय ह4। आदेशी प्रशीसन यजन " कि5न्दु 04 म स्पष्ट प्रकिर्व!न ह4 कि- "शीसनदे"शी सख्य-1281/15-9-08-25(4)/2008 दिदेन 22.11.2008 " अन*सरा ससइटी राजिजस्ट्रे"शीन एक्टी 1860 " अन् ग पज& म & सस्था 3 स!राण सभी ह किर्वद्यालीय 3 स!राण सभी हग।" सस्था 3 म & सस्था- 5ल्लीभी भीई पटी"ली उ०म०किर्व० गगप*रा, च*नरा मराजप*रा ह4, जिजस राजिजस्ट्रेराण प्रमण पत्र सख्य-1000/1968-69 दिदेन 22.11.1968, फाइली सख्य-I-19440 ह4 था नर्वनराण 10 अक्टी5रा 2025 किर्वमि!मन्य था। 2- श्री रा!"श्यम सिंसGह पर्व प्र5! एर्व श्री मन सिंसGह किनर्व मन प्र5! " पस शीसनदे"शी दिदेन 22.11.2008 " अन*सरा पज& म & सस्था 3 स!राण सभी 3 सच नहH ह4, जिजस" राण सस्था म आज भी म & सस्था 3 स!राण सभी 3 सदेस्य किर्वर्वदे किर्वद्यामन ह4। 3- आदेशी प्रशीसन यजन " कि5न्दु 11 म " च*नर्व प्रकिIय" प्रकिर्व!न किय गय ह4 कि- 3 WRIC No. - 26743 of 2026 " प्र5! समिममि यली समप् हन" " न मह पर्व ह च*नर्व राय" जन" 3 प्रकिIय प्रराम्भी रा दे जय"ग। इस ह" * प्र5! समिममि नय यरिराण " गठन ह" * स!राण सभी " सभीपमि स" अन*रा! रा"ग। स!राण सभी सभीपमि प्र5! समिममि " अन*रा! पत्र सलीग्न रा " हुए जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा स" च*नर्व पयर्व"क्षा 3 मग राग"। यदिदे प्र5! समिममि च*नर्व राय" जन" ह" * अन*रा! पत्र स!राण सभी " सभीपमि नहH सPप ह4, स!राण सभी " 1/3 सदेस्य सभीपमि महदेय स" च*नर्व राय" जन" ह" * किनर्व"देन रा स " हP। स!राण सभी " 1/3 सदेस्य " अन*रा! परा भी च*नर्व ह" * 54ठ नहH 5*लीय ज ह4, र्व" जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा स" च*नर्व ह" * अन*रा! रा स ग"। इन सदेस्य " अन*रा! परा जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा पयर्व"क्षा किनय*क् रा " हुए च*नर्व ह" * मि मिथा, स्थान एर्व समय किन!रिरा रा"ग, जिजस3 सचन स!राण सभी " सभीपमि दे"ग। 54ठ म सभीपमि 3 अन*पस्थिस्थामि 3 देशी म च*नर्व " समय उपस्थिस्था सदेस्य आपस म मिमलीरा किस ए 54ठ सभीपमि 5नयग"। प*नश्च स्पष्ट किय ज ह4 कि प्रत्य" देशी म प्र5! समिममि च*नर्व जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा द्वारा किनय*क् पयर्व"क्षा 3 उपस्थिस्थामि एर्व किनयत्रण म किन!रिरा मि मिथा स्थाली एर्व समय परा ह हग। " दिदेन 22.06.2025 प्र5! समिममि " च*नर्व रान" ह" * स!राण सभी " सभीकिप न" अपन" पत्र दिदेन 06.06.2025 द्वारा जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा, मराजप*रा च*नर्व यIम सलीग्न रा " हुए पयर्व"क्षा 3 मग किय गय" परान् * जिज०किर्व०किन० द्वारा उक् प्रकिर्व!न " किर्वपराO श्री मन सिंसGह प्र5! " पत्र 50-40/2025-26 दिदेन 09.06.2025 " मध्यम स" जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा, मराजप*रा स" पयर्व"क्षा किनय*क् रान" " अन*रा! परा जिज०किर्व०किन० " आदे"शी सख्य-म०/1630-31/2025-26 दिदेन 11.06.2025 द्वारा अन*ममि प्रदेन 3 गय। इ न ह नहH श्री मन सिंसGह, किनर्व मन प्र5! न" अपन" पत्र 5-41/2025-26 दिदेन 10.06.2025 द्वारा च*नर्व अमि!राO " रूप म श्री अन् "शी * मरा सिंसGह प्र!नचय नर्व ज्यमि इ००गVड़ीO, अदेलीहटी, मराजप*रा किनय*क् किय गय। यह देन यर्वह आदेशी प्रशीसन यजन " उक् प्रकिर्व!न " किर्वपराO पय गय। 4- समिममि द्वारा परिराशीलीन म पय गय कि देन पक्षा द्वारा श्री मन सिंसGह 3 स!राण सभी सदेस्य रासदे 3 मत्र छाय प्रमि प्रस् * किय गय ह4 , जिजसम श्री मन सिंसGह 3 स!राण सभी 3 सदेस्य रासदे Iम 539 दिदेन 08.02.1981 अकि ह4 , इसम मि मिथा म ओर्वराराइटिंटीGग ह4। सदेस्य सच दिदेन 29.08.1981 प्रशिशी हुई ह4 , श्री मन सिंसGह 3 जन्ममि मिथा 04.07.1965 ह4 , इस प्ररा स!राण सभी 3 आजर्वन सदेस्य ग्रहण ( सच प्रशीन 3 मि मिथा ) रा " समय इन3 उम्र 17 र्वर्ष मह 21 दिदेन था। सशीमि! प्रशीसन यजन म" स!राण सभी " सदेस्य 5नन" 3 प्रकिIय म स्पष्ट प्रर्व!न ह4 कि सदेस्य 5नन" " शिलीए उम्र म स" म 21 र्वर्ष 3 ह। उक् " सम्5! म यलीय " पत्र शिशीकिर्वरा/776/2026-27 दिदेन 23.05.2026 द्वारा श्री मन सिंसGह स" प&था स" पत्रचरा रा" उनस" हईस् ली प्रमण पत्र सदेस्य रासदे एर्व आ!रा ड 3 प्रमि 3 मग किय गय जिजस" Iम म उन" पत्र दिदेन 26.05.2026 द्वारा र्वयस् हन" 3 उम्र " 5रा" म जिजज्ञास किय गय। इस सदेभी म यलीय " पत्र शिशीकिर्वरा/832/2026-27 दिदेन 27.05.2026 द्वारा सस्था परा प्रभीर्व सशीमि! प्रशीसन यजन म स!राण सभी 3 सदेस्य ग्रहण रान" 3 उम्र 21 र्वर्ष था THE MAJORITY ACT 1875 दिदेन 02.03.1875 " कि5न्दु 3 " अन*सरा भीरा म र्वयस् 3 उम्र 18 र्वर्ष किन!रिरा हन" 3 स्थिस्थामि स" अर्वग राय गय। इस परा श्री मन सिंसGह किनर्व मन प्र5न्! न" अपन" पत्र दिदेन 02.06.2026 द्वारा अर्वग राय कि- " मP 5ल्लीभी भीई पटी"ली जकिनयरा हईस् ली गगप*रा, च*नरा, मराजप*रा 3 शिशीक्षा उप किनदे"शी, पचम मण्डली, र्वराणस द्वारा अन*मदिदे प्रशीसन यजन/ किनयमर्वली पत्र सख्य-प्रशीसन/1186-87/16-1 दिदेन 4 WRIC No. - 26743 of 2026 22.12.1975 द्वारा आजर्वन सदेस्य 5न हूँ`, जिजसम हH भी उम्र य 5शिलीग य र्वयस् र्वणन नहH ह4, किफारा भी म*झे" यदे ह4 कि ज5 मP आजर्वन सदेस्य 5न म"राO उम्र 21 र्वर्ष स" अमि! था, ज5 मP 5हु दिदेन 5दे पढ़न" " शिलीए किर्वद्यालीय म नमन राय म"राO उम्र अमि! हन" " राण उम्र म रा" शिलीखय गय ह4।" श्री मन सिंसGह द्वारा प्रस् * दिदेन 22.12.1975 3 प्रशीसन यजन " अर्वलीन म पय गय कि उसम स!राण सभी 3 सदेस्य ग्रहण रा " समय उम्र उल्ली"ख नहH किय गय ह4 , किन् * श्री रा!"श्यम सिंसGह देर्व"देरा प्र5! " पत्र दिदेन 06.06.2026 द्वारा प्रस् * उप शिशीक्षा किनदे"शी , पचम मण्डली , र्वराणस " पत्र प्रशीसन /16-1/1981-82 दिदेन 18.07.1981 " अन*सरा सस्था परा प्रभीर्व सशीमि! प्रशीसन यजन म स!राण सभी " सदेस्य ग्रहण रान" 3 आय* म स" म 21 र्वर्ष किन!रिरा किय गय ह4। इस आ!रा परा श्री मन सिंसGह उक् देर्व किनरा!रा ह4। समिममि द्वारा यह भी पय गय कि शिशीक्षा उप किनदे"शी, पचम मण्डली, र्वराणस " पत्र प्रशीसन/15-1/1981-82 दिदेन 18.07.1981 द्वारा अन*मदिदे ए अन्य सस्था म!र्व किर्वद्या मदिदेरा इ०० प*रूर्षत्तमप*रा, मराजप*रा 3 प्रशीसन यजन म स!राण सभी " सदेस्य 5नन" 3 उम्र म स" म 21 र्वर्ष किन!रिरा किय गय ह4। इस प्ररा समिममि यह म स्थिस्थारा ह ह4 कि सरारा द्वारा उत्तरा प्रदे"शी म स!राण सभी 3 सदेस्य 5नन" 3 म स" म उम्र 21 र्वर्ष सनd 1981 य उसस" पहली" किन!रिरा रा दिदेय गय था। सस्था परा उप शिशीक्षा किनदे"शी , पचम मण्डली , र्वराणस " पत्र प्रशीसन /1186-87/16- 1 दिदेन 22.12.1975 द्वारा प्रथाम 5रा प्रशीसन यजन लीग 3 गय , जिजस सशी!न पत्र प्रशीसन /16-1/1981-82 दिदेन 18.07.1981 एर्व पत्र अस्पष्ट दिदेन 15.12.1985 द्वारा किय गय। देन सशीमि! प्रशीसन यजन म स!राण सभी " सदेस्य 5नन" 3 म स" म उम्र 21 र्वर्ष किन!रिरा ह4 , इस" सथा ह यह भी पय गय कि THE MAJORITY ACT 1875 दिदेन 02.03.1875 " कि5न्दु 3 " अन*सरा भीरा म र्वयस् 3 उम्र 18 र्वर्ष किन!रिरा ह4। इस प्ररा श्री मन सिंसGह अर्वयस् राह " हुए सदेस्य / म दे 5नन नन " सर्वभीVमिम शिसद्धा " किर्वपराO ह4 । म० सर्वfच्च न्ययलीय न" B.S.Minhas vs. Indian Statistical Institute and other 1983 म दिदेन 30.05.2014 म स्पष्ट व्यर्वस्था दिदेय ह4 कि प्रशीसन यजन " किर्वपराO किय गय ई य अर्व4! मन जय"ग। आदे"शी किIयत्म अशी इस प्ररा ह4-The Supreme Court in the case of B.S. Minhas v. Indian Statistical Institute and others, (1983) 4 SCC 582, has taken the view that bye-laws of a Society is binding on its members. It is significant to mention that the Scheme of Administration has been framed under Section 16-A-(7) of the U.P. Intermediate Education Act, 1921 and it has statutory flavour, therefor any action taken in violation of the Scheme of Administration is illegal. उक् स" स्पष्ट ह4 कि स!राण सभी 3 सदेस्य ग्रहण रा " हुए श्री मन सिंसGह अर्वयस् था" , इस" राण र्वह स!राण सभी " सदेस्य नहH ह स " हP औरा न ह सस्था प्र5! " रूप म मन्य किय" ज स " हP। उक् " अमि रिराक् इन" द्वारा 5नय" गय" 350 नय" सदेस्य " 5रा" म पय गय कि - प्रशीसन यजन 3 व्यर्वस्था ह4 कि प्र5! समिममि यली समप् हन" स" 06 मह पर्व स!राण सभी " सदेस्य " 5नन" 3 मि मिथा किन!रिरा रा दे जय"ग , जिजस प्रशीन स्थानय समचरा पत्र म रा दिदेय जय"ग। 5 WRIC No. - 26743 of 2026 उक् व्यर्वस्था " किर्वपराO श्री मन सिंसGह द्वारा प्र5! 5नन" " 05-06 महन" " अन्देरा 350 नय" सदेस्य 5नय" गय" हP , ऐस स्थिस्थामि म भी इस सह मनन उमिच प्र नहH ह ह4। 5- दिदेन 22.06.2025 प्र5! समिममि " च*नर्व रान" ह" * स!राण सभी " सभीपमि न" अपन" पत्र दिदेन 06.06.2025 द्वारा जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा, मराजप*रा च*नर्व यIम सलीग्न रा " हुए पयर्व"क्षा 3 मग किय" गय" था", परान् * जिज०किर्व०किन० द्वारा अपन" पत्र दिदेन 11.06.2025 द्वारा च*नर्व 3 अन*ममि उन्ह ( सभीपमि ) न दे"रा श्री मन सिंसGह सस्था प्र5! " पत्र 50-40/2025-26 दिदेन 09.06.2025 " Iम म सस्था प्र5!/ प्र!नचय दे गय, जिज०किर्व०किन० 3 यह यर्वह आदेशी प्रशीसन यजन " " च*नर्व प्रकिIय" " किर्वपराO ह4। त्पश्च इस मध्य सभीपमि 5ल्लीभी भीई पटी"ली उ०म०किर्व० गगप*रा, च*नरा, मराजप*रा " द्वारा अपन" पत्र दिदेन 27. 06.2026 " सथा च*नर्व 3 यर्वह जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा मराजप*रा प्रस् * रा प्र5! " रूप म श्री रा!"श्यम सिंसGह एर्व अध्यक्षा पदे परा श्री दिदेलीप * मरा सिंसGह 3 प्र5!त्र्व म गदिठ प्र5! समिममि " मन्य प्रदेन रान" एर्व प्र5! हस् क्षारा प्रमजिण रान" अन*रा! किय गय। देन देर्व"देरा प्र5! " किर्वर्वदे " किनराराण " शिलीए जिज०किर्व०किन० मराजप*रा न" अपन" पत्र म०स"र्व/3047/2025-26 दिदेन 28. 07.2025 द्वारा प्रराण मण्डलीय समिममि किनराराण " शिलीए सदेर्भिभीG किय गय। 6- इस प्ररा आदेशी प्रशीसन यजन " अन*सरा सस्था 3 प्र5! समिममि " किनर्वचन ह" * समस् यर्वह स!राण सभी " सभीपमि द्वारा किय" जन" " प्रकिर्व!न हP, किन् * श्री मन सिंसGह " प्र5!त्र्व म गदिठ प्र5! समिममि " च*नर्व म ऐस नहH किय गय ह4, इस" सथा ह श्री मन सिंसGह सदेस्य ग्रहण रा " समय अर्वयस् था", जिजस" राण इस" मन्य किय जन समचन प्र नहH ह ह4। 7- यह भी पय गय कि त्लीन सय*क् शिशीक्षा किनदे"शी किर्वन्ध्यचली मण्डली मराजप*रा " आदे"शी सख्य - म 0-1/1906-1911/2009-10 दिदेन 29.08.2009 जिजस" द्वारा 551 स!राण सभी " सदेस्य मन्य किय गय था जिजस" आ!रा परा दिदेन 04.10.2009 प्र5! समिममि " च*नर्व म अध्यक्षा श्री अनन् सिंसGह था प्र5! श्री मन सिंसGह च*न" गय"। इस किनणय म शीसनदे"शी दिदेन 19.12.2000 द्वारा गदिठ मण्डलीय समिममि राम अपण था। इस प्ररा म० उच्च न्ययलीय " प्रमि पदिदे आदे"शी दिदेन 10.04.2026 " आली म मण्डलीय समिममि किनणय अपण समचन प्र ह ह4 सथा ह प्रमि!& किनयत्र आदे"शी दिदेन 06.03.2009 एर्व जिज०किर्व०किन० मराजप*रा आदे"शी दिदेन 20.04.2009 जिजस" द्वारा 1015 सदेस्य मन्य किय" गय" हP , उस" मन्य किय जन समचन प्र ह ह4। निर्णय उपय*क् थ्य एर्व पत्रर्वली म उपलीब्! अशिभीली"ख " आ!रा परा दिदेन 22.06.2025 श्री मन सिंसGह " प्र5!त्र्व म नर्वगदिठ 5ल्लीभी भीई पटी"ली इ०० गगप*रा च*नरा मराजप*रा 3 प्र5! समिममि किनयम किर्वरुद्धा हन" " राण अमन्य रा " हुए दिदेन 22.06.2025 ह श्री रा!"श्यम सिंसGह " प्र5!त्र्व म नर्वगदिठ प्र5! समिममि मन्य किय ज ह4। नर्वगदिठ प्र5! त्र किनदेfशिशी किय ज ह4 कि र्वह सहय किन5! फाम्स ससइटीज एर्व मिचटीdस, र्वराणस स" पज& सच अकिनर्वय रूप स" प्रप् राग, जिजसस" भीकिर्वष्य म हन" र्वली" किनर्वचन " शिलीए सदेस्य किर्वर्वदे शी"र्ष न राह"। प्रराण म० उच्च न्ययलीय " आदे"शी दिदेन 28.04.2026 " आली म ए द्वारा किनस् रिरा किय ज ह4।” 6. Per contra, Sri Radha Kant Ojha, learned Senior Advocate assisted by Sri Anil Kumar, learned counsel for respondents has supported 6 WRIC No. - 26743 of 2026 impugned order and submitted that if a person becomes Member and he was disqualified at time of induction, irregularity will remain, even challenge was made later on. According to learned Senior Advocate appearing for respondents further submitted that an amendment in regard to minimum age of a Member was made on 01.01.1981 and petitioner-2 became Member on 08.02.1981 and that stage, he was minor. 7. Learned Senior Advocate has also submitted that respondent was Manager between 1986 and 1998 and added 464 Members during that tenure and no dispute was raised ever, therefore, a claim of petitioner that electoral base of 901 Members was settled was wrong and contrary to record. Learned Senior Advocate has also referred Clause 11 of SoA wherein process of election is prescribed :- “11. च*नर्व प्रकिIय :- 1. प्र5न्! समिममि यली समप् हन" " न मह पर्व ह च*नर्व राय" जन" 3 प्रकिIय प्रराम्भी रा दे जय"ग। इस ह" * प्र5न्! समिममि नय यरिराण " गठन ह" * स!राण सभी " सभीपमि स" अन*रा! रा"ग। स!राण सभी सभीपमि प्र5न्! समिममि " अन*रा! पक्षा सलीग्न रा " हुए जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा स" च*नर्व ह" * पयर्व"क्षा 3 मग राग"। यदिदे प्र5न्! समिममि च*नर्व राय" जन" ह" * अन*रा! पत्र स!राण सभी " सभीपमि नहH सVप ह4 स!राण सभी " 1/3 सदेस्य सभीपमि महदेय स" च*नर्व राय" जन" ह" * किनर्व"देन रा स " ह4। स!राण सभी " 1/3 सदेस्य " अन*रा! परा भी च*नर्व ह" * 54ठ नहH 5*लीय ज ह4 र्व" जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा " च*नर्व ह" * अन*रा! रा स ग"। इन सदेस्य " अन*रा! परा जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा " च*नर्व ह" * अन*रा! रा स ग"। इन सदेस्य " अन*रा! परा जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा पयर्व"क्षा किनय*क् रा " हुऐ च*नर्व ह" * किर्वमि!, स्थान एर्व समय किनश्चिश्च रा"ग, जिजस3 सचन यराO सभी " सभीपमि दे"ग। 54ठ म सभीपमि 3 अन*पस्थिस्थामि 3 देस म" च*नर्व " समय उपस्थिस्था सदेस्य आपस म मिमलीरा किस ए 54ठ सभीपमि 5नयग"। प*नq स्पष्ट किय ज ह4 कि प्रत्य" देशी म प्र5न्! समिममि च*नर्व जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा द्वारा किनय*क् पयर्व"क्षा 3 उपस्थिस्थामि एर्व किनयत्रण म किन!रिरा मि मिथा स्थाली एर्व समय परा ह हग। शीसनदे"शी सख्य - 1009/15-9-2008-25(04)/2008 दिदेन 02.09.2008 " अन*सरा प्र5न्! समिममि " च*नर्व ह" * सस्था अमि!राO द्वारा पयर्व"क्षा 3 मग किय" जन" परा जिजली किर्वद्यालीय किनराOक्षा द्वारा अमि! म 07 दिदेन " अन्देरा प्र5न्! समिममि " गठन ह" * च*नर्व राय" जन" " शिलीए पयर्व"क्षा नमिम रा दिदेय जय"ग।” 8. I have considered above submissions and perused the records. 7 WRIC No. - 26743 of 2026 9. First issue before this Court is whether petitioner-2 was minor when he was inducted as Member on 08.02.1981, which is not much disputed. The only consideration would be that since admittedly, initially in the SoA, there was no bar that a minor cannot become a Member. Disqualifications as mentioned in Clause-VI of SoA does not prescribe any such bar, however, later on by way of amended SoA, registered in the year 1985, a bar that a person having age of less than 21 years cannot become a Member was introduced, however, petitioner-2 was inducted as Member in 1981 i.e. before aforesaid amendment was carried out. 10. Contention on behalf of learned Senior Advocate for respondent that said amendment was carried out in the year 1981 is not supported by any documentary evidence except an amended model of SoA, but it was probably adopted later on. Therefore, this issue is required to be reheard that whether there was an amendment in 1981 or not. 11. The argument of learned Senior Advocate for petitioner that said disqualification cannot be reopened today has no legal basis since it goes to the root of case and once from the inception of petitioner-2 as Member was contrary to the conditions, it cannot be ignored only due to a reason it was objected many years after. 12. So far as other ground in the impugned order is concerned, only on a ground that petitioner-2 has inducted 350 Members within 5-6 months, therefore, their membership will be treated as incorrect is not legally sustainable reason. In order to hold that 350 Members were wrongly inducted, it has to be shown that due process of induction was not followed, however, in the impugned order, there is no discussion on said issue. 13. The RLC in the impugned order in its paragraph 5 has in a very cursory manner declared that election conducted on 09.06.2025 was contrary to procedure prescribed only on a ground that petitioner-2 was granted power to conduct it without even taking note of proposal no. 4 8 WRIC No. - 26743 of 2026 adopted on 07.05.2025 and for reference, said proposal no. 4 as adopted by General Body is quoted below :- “ प्रस् र्व न० 4- मत्र पदे ह" * किर्वचरा श्री सराश्यम सिंसGह " नम प्रस् र्व श्री 55 सिंसGह न" श्री शिशीर्वशीरा सिंसGह न" समथान किय। उक् पदे " शिलीए किस अन्य प्रस् र्व न आन" स" श्री सराश्यम सिंसGह मत्र पदे परा सर्वसम्ममि स" च*न शिलीय गय। इस प्ररा सर्वसम्ममि स" सभीपमि पदे ह" * श्री शिशीर्व" देरा सिंसGह, उप सभीपमि पदे ह" * राम5ली सिंसGह, मत्र पदे ह" * श्री सराश्यम सिंसGह किनर्विर्वGरा! किनर्वमिच घोकिर्ष किय" गय"। सभीपमि द्वारा सर्वसम्ममि स" प्र5न्! समिममि च*नर्व किर्वज्ञापन रारा अध्यक्षा/प्र5न्! अमि!& किय ज ह4। इस" उपरान् अध्यक्षा " अन*ममि स" प्र5न्! न" 901 ( नV सV ए) आजर्वन सदेस्य 3 सच पढ़रा स*नय था सर्वसम्ममि स" सच 3 प*मिष्ट 3 गय, च*नर्व यIम किनम्नर्व ह4। 1- स!राण सभी " आजर्वन सदेस्य 3 सच प्रशीन दिदेन 15.06.2025 किर्वद्यालीय " सचन पटी परा। 2- नमन दिदेन 22.06.2025 प्र q 10 5ज" स" 01.00 5ज" । 3- नमन पत्र 3 जtच दिदेन 22.06.2025 अपराह्न 1.00 5ज" स" 03.00 5ज" । 4- नम र्वपस दिदेन 22.06.2025 अपरान्ह 3.00 5ज" स" सय 4.00 5ज" । 5- र्व4! नमकि सदेस्य 3 सच प्रशीन सय 05.00 5ज" । 6- यदिदे आर्वश्य हुआ दिदेन 29.06.2025 म देन प्र q 8.00 5ज" स" अपरान्ह 3.00 5ज" म गणन 3.00 5ज" स" च*नर्व परिराणम 3 घोर्षण समस् यIम ” किर्वद्यालीय प्रगण म" ह सम्पन्न हग। 14. The RLC has also not even considered or taken note of procedure of election as prescribed in SoA as quoted in earlier part of judgment and that Sabhapati on request, in order to initiate process of election has authorized petitioner-2 to take further steps which is not in violation of procedure prescribed in SoA since therein Sabhapati was authorized to forward letter to DIOS concerned to appoint Observer and same was done under the instructions of Sabhapati by the petitioner-2, therefore, Court does not find said findings returned in the impugned order is correct. 15. To declare that election setup by rival committee was correct, as already held it was not a correct approach. Since impugned order has not considered various aspects and various entries and clauses of SoA, 9 WRIC No. - 26743 of 2026 therefore, impugned order dated 12.06.2026 does not survive and accordingly set aside and matter is remitted back to RLC to pass a fresh order taking note of above referred observations and pass a fresh and reasoned order within a period of three months from today taking note of rival submissions and for that RLC will grant proper opportunity to hearing to rival parties. 16. Writ petition is disposed of with above observations and directions. (SAURABH SHYAM SHAMSHERY, J.) September 23, 2026 <Nirmal> Digitally signed by :- NIRMAL SINHA High Court of Judicature at Allahabad