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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 912 (ALL)

SHANKAR LAL v. STATE OF U.P. AND 6 OTHERS

NA528/11176/2026 · 2026-04-19

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 11176 of 2026 Court No. - 82 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक शंकर लाल की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र सं० 718 सन 2024 अन्तगर्त धारा 173(4) बी.एन.एस.एस., थाना कोतवाली, िजला जौनपुर में चीफ जूडीिसयल मिजस्ट्रेट कोटर् न. 11 देविरया द्वारा पािरत प्रसंज्ञान/तलबी आदेश िद० 24.03.2025 एवं आपरािधक पुनरीक्षण सं० 144/2025 में अपर सत्र न्यायाधीश-I, जौनपुर द्वारा पािरत प्रसंज्ञान/तलबी आदेश िद० 27.01.2026 के िवरुद्ध योिजत िकया गया है। के िवरुद्ध योिजत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक उपर्युक्त मामलें में िवचारण न्यायालय द्वारा इस मामलें को पिरवाद के रूप में दजर् करते समय, तथ्यों का सम्यक पिरशीलन नहीं िकया गया तथा प्रश्नगत आदेश एक 'स्पीिकग' (सकारण) एवं तकर् संगत आदेश नहीं है तथा उक्त प्रश्नगत आदेश मात्र अनुमानों और कयासों के आधार पर पािरत िकया गया है। अतः उपरोक्त प्रश्नगत आदेश समुिचत िववेचना एवं तथ्यों पर आधािरत नहीं है। इसिलए, प्रश्नगत आदेश त्रुिटपूणर् है एवं अपास्त िकए जाने योग्य है। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने कथन िकया िक प्रश्नगत मामलें में समुिचत िववेचना के उपरांत िवचारण न्यायालय द्वारा पयार्प्त आधार पर प्रश्नगत आदेश पािरत िकया है, िजसमें कोई िविधक अथवा क्षेत्रािधकार संबंधी त्रुिट पिरलिक्षत नहीं हो रही है। उनका यह भी कथन है िक आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा प्रश्नगत आदेश को अपास्त करने हेतु जो तकर् प्रस्तुत िकए गए वे बलहीन है। इसिलए, प्रश्नगत आदेश में हस्तक्षेप िकए जाने की कोई आवश्यकता प्रतीत नहीं हो रही है। 5. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण के तकोर्ं को श्रवणोपरांत एवं पत्रावली व प्रश्नगत आदेशों का सम्यक रूपेण पिरशीलन िकया तथा िवद्वान अवर न्यायालय द्वारा पािरत प्रश्नगत आदेश समुिचत िववेचना पर आधािरत है, सकारण एवं उिचत आदेश है। उसमें कोई सारवान Versus Counsel for Applicant(s) : Vivek Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Shankar Lal .....Applicant(s) State Of U.P. And 6 Others .....Opposite Party(s) अिनयिमतता, अनौिचत्यता या प्रिक्रया या क्षेत्रािधकार संबंधी त्रुिट पिरलिक्षत नहीं होती है, इसिलए यह आवेदन पत्र को िनरस्त िकए जाने योग्य है। 6. तद्नुसार, आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत यह आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। 7. कायार्लय को िनदेर्श िदया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप संबंिधत अवर न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनिश्चत िकया जाय। 8. यिद इस वाद में कोई अंतिरम आदेश हो तो, उसे समाप्त समझा जाय। April 20, 2026 S.Mishra NA528 No. 11176 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad