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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 8473 (ALL)

RINKI AND ANOTHER v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

WRIC/28101/2026 · 2026-09-22

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD WRIT - C No. - 28101 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1- याचीगण के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान सी०एस०सी० को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2- आदेश िदनांक 23.07.2026 के अनुपालन में आज िवद्वान मुख्य स्थायी अिधवक्ता द्वारा िदशा-िनदेर्श दािखल िकया गया, िजसे पत्रावली पर "X" के रूप में संलग्न िकया जाय। 3- याचीगण की ओर से इस यािचका के माध्यम से, याचीगण एक परमादेश िरट जारी करने की माँग कर रहे है, िजसमें प्रत्युत्तरदातागण को, याचीगण के पित और पत्नी के रूप में शािन्तपूणर् जीवन (िलव इन िरलेशनिशप) में हस्तक्षेप न करने का िनदेर्श िदया जाय तथा संबंिधत अिधकािरयों को यह िनदेर्श देने की मांग की गयी है िक वे याचीगण को सुरक्षा प्रदान करें। 4- याचीगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक याचीगण वयस्क है और उन्होंने अपनी मजीर् और सहमित से िबना िकसी दबाव के एक दूसरे के साथ िववाह कर िलया है और दोनों पित-पत्नी के रूप में दाम्पत्य जीवन व्यतीत कर रह रहे हैं, याचीगण ने अपने उम्र के समथर्न में अपने-अपने हाईस्कू ल का प्रमाण पत्र की प्रितिलिप, यािचका के साथ संलग्न िकया है, िजनके अवलोकन से यह स्पष्ट है िक दोनों याचीगण बािलग हैं यािचका में िदए गए कथन याचीगण के संयुक्त हलफनामों द्वारा समिथत हैं। इसके अलावा यह भी अनुरोध िकया गया है िक िनजी प्रत्युत्तरदाता और पिरवार के अन्य सदस्य याचीगण द्वारा िकए गए इस िववाह से नाराज हो गए है और उनके द्वारा याचीगण को धमकी दी जा रही है और उन्हें परेशान िकया जा रहा है िजसके कारण याचीगण के जीवन को गंभीर खतरा है। अिग्रम याचीगण के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा कथन िकया गया िक याची सं० 1 पूवर् में शादीशुदा थी, िकन्तु आपसी िवचारों के न िमलने की वजह से उसने अपने पित से स्टाम्प/नोटरी पर तलाक के जिरए अलग हो चुके हैं एवं एक-दूसरे से कोई वास्ता-सरोकार नहीं है। याची सं० 1 अब याची सं० 2 के साथ रह रही है तथा याची सं० 2 की पत्नी का भी पूवर् में देहान्त हो चुका है। Versus Counsel for Petitioner(s) : Mohammad Zunaid Khan, Pulkit, Zaid Arshad Counsel for Respondent(s) : C.S.C. Rinki And Another .....Petitioner(s) State Of U.P. And 3 Others .....Respondent(s) 5- िवद्वान सी०एस०सी० ने तकर् प्रस्तुत िकया िक उनके द्वारा पूवार्देश के अनुलपान में आवश्यक िदशा-िनदेर्श प्राप्त िकया जा चुका है, िजससे यह स्पष्ट है िक याची सं० 1 की पूवर् में ही एक अन्य व्यिक्त श्री संजीव पुत्र श्री रामिनवास से शादी हो चुकी है तथा उनके मध्य िविधनुसार तलाक/िववाह िवच्छेद नहीं हुआ है, मात्र स्टाम्प/नोटरी पर आपसी समझौते के आधार पर अलग रह रहे हैं, जो िक िविध के अनुकू ल नहीं है तथा मान्य नहीं है। अन्ततः उन्होंने अनुरोध िकया िक उनके द्वारा प्रस्तुत िकए गए तकोर्ं को देखते हुए याचीगण वांिछत अनुतोष प्राप्त करने के अिधकारी नहीं है एवं यह यािचका िनरस्त िकए जाने योग्य है, तद्नुसार याचीगण की यािचका िनरस्त कर दी जाय। 6- पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों एवं िवद्वान सी०एस०सी० के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में प्रथमदृष्टया यह पिरलिक्षत हो रहा है िक याची सं० 1 का िविध-अनुरूप िववाह िवच्छेद नहीं हुआ है। अतः समस्त तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को देखते हुए एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर याचीगण को उनके द्वारा वांिछत अनुतोष प्रदान िकए जाने का कोई औिचत्य नहीं है तथा यह यािचका िनरस्त िकए जाने योग्य है। 7- तद्नुसार, वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए यह यािचका िनरस्त की जाती है। September 23, 2026 Pawan Kumar WRIC No. 28101 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad