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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 8213 (ALL)

AJAY KUMAR RAI AND 3 OTHERS v. STATE OF U.P. AND 5 OTHERS

WRIC/28737/2026 · 2026-09-17

Chandra Kumar Rai

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD WRIT - C No. - 28737 of 2026 Court No. - 37 HON'BLE CHANDRA KUMAR RAI, J. 1. श्री सुधीर कु मार िसह, यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता, श्री अवधेश कु मार पटेल राज्य सरकार की ओर से िवद्वान स्थायी अिधवक्ता तथा श्री धमर्वीर िसह िवद्वान अिधवक्ता नगर पािलका पिरषद को सुना गया। 2. यह यािचका िनम्निलिखत अनुतोष हेतु दायर की गयी हैः "परमादेश के प्रकार की िरट आदेश या िनदेर्श जारी कर प्रितउत्तरदाता संख्या 3 को आदेिशत एवं िनदेर्िशत करें िक वाद संख्या-9784/2024 कम्प्यूटरीकृ त वाद सख्या- टी202415510109784 िक्षितज राय बनाम सतीश कु मार अन्तगर्त धारा 144 उ०प्र० राजस्व संिहता 2006 (संलग्नक संख्या-2) का िनस्तारण शीघ्रता पूवर्क (माननीय न्यायालय द्वारा तय समयाविध ) करायें अन्यथा यािचकाकतार्गण को अपूणर्नीय क्षित होगी।" 3. यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा तकर् प्रस्तुत िकया गया िक उपरोक्त वाद जो िक याचीगण की तरफ से योिजत िकया गया है, िवपक्षी संख्या 3/ उपिजलािधकारी सदर, मऊ के समक्ष िदनांक 3.9.2024 से लिम्बत है। उनके द्वारा यह भी तकर् प्रस्तुत िकया गया िक सम्बिन्धत अवर न्यायालय के आदेश पत्रक की प्रित यािचका के साथ अनुलग्नक संख्या 2 के रूप में संल्गन की गयी है, तािक यह प्रदिशत िकया जा सके िक मामले की सुनवाई शीघ्रताशीघ्र आगे नहीं बढ़ रही है। 4. मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त िकए िबना और तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए, प्रितवादी संख्या 3 को िनदेर्श िदया जाता है िक वह उपरोक्त Versus Counsel for Petitioner(s) : Sudhir Kumar Singh Counsel for Respondent(s) : C.S.C., Dharmaveer Singh Ajay Kumar Rai And 3 Others .....Petitioner(s) State Of U.P. And 5 Others .....Respondent(s) वाद संख्या-9784/2024 कम्प्यूटरीकृ त वाद सख्या- टी202415510109784 िक्षितज राय बनाम सतीश कु मार अन्तगर्त धारा 144 उ०प्र० राजस्व संिहता 2006 को कानून के अनुसार पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने के बाद शीघ्रताशीघ्र इस आदेश की प्रमािणत प्रित प्रस्तुत करने की तारीख से दस महीने की अविध के भीतर िनस्तािरत करें। 5. तदनुसार वतर्मान िरट यािचका का अिन्तम रूप से िनस्तारण िकया जाता है। September 18, 2026 Rameez WRIC No. 28737 of 2026 2 (Chandra Kumar Rai,J.) Digitally signed by :- RAMEEZ AHMED High Court of Judicature at Allahabad