Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 8192 (ALL)

MAHENDRA KUMAR AND 10 OTHERS v. STATE OF U.P. AND 8 OTHERS

WRIC/28613/2026 · 2026-09-17

Chandra Kumar Rai

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD WRIT - C No. - 28613 of 2026 Court No. - 37 HON'BLE CHANDRA KUMAR RAI, J. 1. यािचकाकतार्ओं के िवद्वान अिधवक्ता श्री वैभव िमश्रा, िनजी प्रितवादी संख्या 5 से 7 के िवद्वान अिधवक्ता श्री राजेश यादव की ओर से संिक्षप्त िववरण प्रस्तुत कर रहे िवद्वान अिधवक्ता श्री मनोज कु मार यादव, और राज्य-प्रितवािदयों के िवद्वान स्थायी अिधवक्ता श्री अवधेश कु मार पटेल को सुना गया। 2. वतर्मान िरट यािचका िनम्निलिखत राहत के िलए दायर की गई है:- "यह िक सम्माननीय न्यायालय से न्यायिहत में सादर प्राथर्ना है िक वाद संख्या -02404/2018 (कम्प्यूटरीकृ त वाद संख्या-T2018166706022404) (राजपित उफर् रामपित पुत्र डंगर आिद बनाम राजेन्द्र प्रसाद आिद) अंतगर्त धारा-116 अिधिनयम उत्तर प्रदेश राजस्व संिहता, 2006 में उपिजलािधकारी औराई (िवपक्षी संख्या-2) द्वारा पािरत आदेश िदनांिकत 20.06.2022 (संलग्नक संख्या-1) को िनरस्त/िवखिण्डत/शून्य/रद्द करने की महती कृ पा करें। " 3. यािचकाकतार्ओं के अिधवक्ता ने तकर् िदया िक िनजी प्रितवािदयों द्वारा उत्तर प्रदेश राजस्व संिहता, 2006 की धारा 116 के तहत शुरू की गई कायर्वाही में, प्रारंिभक िडक्री एकपक्षीय तरीके से तैयार की गई है, जो िनरस्त िकए जाने योग्य है। 4. दूसरी ओर, िनजी प्रितवादी संख्या 5 से 7 के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक वतर्मान िरट यािचका उप िजलािधकारी द्वारा पािरत आदेश िदनांक 20.6.2022 के िखलाफ 4 साल बाद दायर की गई है। उन्होंने तकर् प्रस्तुत िकया िक उत्तर प्रदेश राजस्व संिहता, 2006 की धारा 116 के तहत कायर्वाही वषर् 2018 में शुरू की गई थी और दूसरे पक्ष को नोिटस जारी करने के बाद ही प्रारंिभक िडक्री पािरत की गई थी, इसिलए उप िजलािधकारी द्वारा पािरत आदेश िदनांक 20.6.2022 में कोई अवैधता नहीं है। उन्होंने यह भी तकर् प्रस्तुत िकया िक यािचकाकतार् ने आदेश िदनांक 20.6.2022 के िवरुद्ध पुनस्थार्पना प्राथर्ना पत्र दायर भी िकया है जो अभी भी प्रितवादी संख्या 2 के समक्ष लंिबत है। 5. मैंने पक्षों के िवद्वान अिधवक्ताओं द्वारा िदए गए तकोर्ं पर िवचार िकया और अिभलेखों का अवलोकन िकया है। 6. इस तथ्य के बारे में कोई िववाद नहीं है िक उत्तर प्रदेश राजस्व संिहता, 2006 की धारा 116 के तहत कायर्वाही 2018 से प्रितवादी संख्या 2/उप िजलािधकारी के समक्ष लंिबत है। इस तथ्य के बारे में भी कोई िववाद नहीं है िक यािचकाकतार्ओं की ओर से आदेश िदनांक 20.6.2022 के िवरुद्ध दायर एक पुनस्थार्पना प्राथर्ना पत्र प्रितवादी संख्या 2 के समक्ष लंिबत है। Versus Counsel for Petitioner(s) : Anil Kumar Singh, Vaibhav Mishra Counsel for Respondent(s) : C.S.C., Rajesh Yadav Mahendra Kumar And 10 Others .....Petitioner(s) State Of U.P. And 8 Others .....Respondent(s) 7. मामले के संपूणर् तथ्यों और पिरिस्थितयों पर िवचार करते हुए, मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त िकए िबना, इस यािचका को इस िटप्पणी के साथ िनस्तािरत िकया जाता है िक यािचकाकतार् प्रितवादी संख्या 2 के समक्ष आदेश िदनांक 20.6.2022 के िवरुद्ध दायर अपने पुनस्थार्पना प्राथर्ना पत्र पर उिचत पैरवी करके िनणर्य कराए। September 18, 2026 C.Prakash WRIC No. 28613 of 2026 2 (Chandra Kumar Rai,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH High Court of Judicature at Allahabad