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High Court of Chhattisgarh · body
2026 DAILYLAW 7789 (CHH)
CHITRASEN SAO v. STATE OF CHHATTISGARH
CRA/1018/2026 · 2026-04-27
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2026
[ 2026 DAILYLAW 7789 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 5 (Cr. A. No.-1018 of 2026)
2026:CGHC:19643 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक अपु ल
क्रमां"क
-1018
/2026
तिचत्रसन सवे तिपु-स"भुचरण सवे, उम्र-लगभुग 51 वेर्ष1, तिनवेस -मांकन स"ख्या-04, झरन, पुलिलस थान वे हस ल-मांनर, लि8ल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा9/अतिभुयाक्त तिवेरूद्घ छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार थान प्रभुर , पुलिलस थान-मांनर, लि8ल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /रज्या अपु लथा9/अतिभुयाक्त द्वार : श्री आशी र्ष गप्ता, अलिDवेक्त । रज्या/उत्तीरवेदा द्वार : श्री अन शी तिवेर , उपु शीसकFया अलिDवेक्त । न्यायामांGति1 श्री स"8या क मांर 8यासवेल !! आदाशी पु ठ पुर पुरिर !! 28/04/2026
1. Dर 14(क)( ) ii अनसGतिच 8ति एवे" अनसGतिच 8न8ति (अत्याचर तिनवेरण) अलिDतिनयामां, 1989 (लि8स आग स"क्षेपु मांQ "तिवेशीर्ष अलिDतिनयामां" कह गया हS) क अ"ग1 8मांन स""D प्रस् तिद्वा या अपु ल मांQ तिवेचरण न्यायालया-तिवेशीर्ष न्यायाD शी (तिवेशीर्ष POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.04.28 16:22:25 +0530
2 / 5 (Cr. A. No.-1018 of 2026) अलिDतिनयामां), रयागढ़, छत्ती सगढ़ द्वार पुलिलस थान-मांनर, रयागढ़, छत्ती सगढ़ क अपुरD क्रमां"क-309/2025 अ"ग1 Dर 296, 351(2), 115(2), 109(1), 221, 132, 74, 76, 309(4), 309(6), 3(5), 310(2), 121(1), 77, 351(3) भुर या न्याया स"तिह, 2023, तिवेशीर्ष अलिDतिनयामां कF Dर 3(2)( ) v था सGचन प्रWद्यXतिगकF अलिDतिनयामां, 2008 कF Dर-66, 67(क) क ह प्रस् तिनयातिमां 8मांन आवेदान मांQ पुरिर आदाशी तिदान"क 17/03/2026 कX चनW दा गई हS लि8सक ह अपु लथा9/अतिभुयाक्त क तिनयातिमां 8मांन आवेदान तिनरस् कर तिदाया गया । उक्त आदाशी कX स"क्षेपु मांQ “प्रश्नD न आदाशी” स स"XलिD तिकया 8 रह हS ।
2. अतिभुयाX8न मांमांल स"क्षेपु मांQ इस प्रकर हS तिक पु ति^ थान पुG"8 पुथार, लि8ल रयागढ़ (छत्ती सगढ़) मांQ मांतिहल आरक्षेक क पुदा पुर पुदास्था हS । मांनर थान क्षेत्र, लि8ल रयागढ़ मांQ ण्डिस्था लि8"दाल क" पुन स स""लिD 8नसनवेई क तिवेरXD मांQ तिवेतिभुन्न मांद्दोंa कX लकर लगभुग 14 ग्रामांa क ग्रामां ण स .एच.पु .
चWक, लिलर मांQ Dरन-प्रदाशी1न कर रह था । उक्त प्रदाशी1न क दाWरन कनGन-व्यावेस्था नए रखन ह रयागढ़ लि8ल क तिवेतिभुन्न थानa क पुलिलस अलिDकर -कमां1चर था प्रशीसतिनक अलिDकरिरयाa कF ड्यूGटी लगई गई था । तिदान"क 27.12.2025 कX एकतित्र प्रदाशी1नकर , अन्या सह-अतिभुयाक्तa 8Sस र8शी मांरकमां आतिदा क उकसवे पुर उग्रा एवे" तिह"सक हX गए । उन्हaन पुलिलस द्वार शी"ति नए रखन कF अपु ल कF उपुक्षे कर हhए अतिनया"तित्र हXकर प्रणघाक हमांल प्रर"भु कर तिदाए । प्रदाशी1नकरिरयाa क हथाa मांQ लठ -" आतिदा था । इस दाWरन पु ति^, 8X मांतिहल आरक्षेक हS, अपुन सरक्षे ह ख कF ओर भुग , तिक" गड्ढे मांQ पुSर फं" सन स तिगर पु^ । भु लगभुग 7–8 प्रदाशी1नकरिरयाa न उस घार लिलया और उसकF हत्या करन कF तिनया स अश्ल ल गल - गलW8 कर हhए था 8न स मांरन कF DमांकF दा हhए उस पुर हथा-मांक्कa, ल-घाGसa
3 / 5 (Cr.
A. No.-1018 of 2026) एवे" लठ -"a स प्रहर तिकया । पु ति^ कF लज्8 भु"ग करन कF न या स उसक दाXनa पुSर उठकर उसक वेस्त्रोंa कX गल एवे" वेक्षेस्थाल क पुस स खqचकर फं^ तिदाया था अ"rवेस्त्रों कX भु खqच हhए उस घास टी । पु ति^ प्रणरक्षे ह र-र तिनवेदान कर
रह , पुर" उसकF वेदा9 क कपु^ फं^कर उस पुर हsस रह । वेह असहया अवेस्था मांQ अपुन स्नa कX दाXनa हथाa स ढं"ककर रX -तिलख रह । सह-अतिभुयाक्त मां"गल रतिठया द्वार " स उसकF पु ठ पुर प्रहर तिकया गया था अन्या व्यातिक्तयाa द्वार भु मांरपु टी कF गई । इस च एक व्यातिक्त द्वार उसक अD1नग्न अवेस्था क वे तियाX मांXइल फंXन स नकर प्रसरिर कर तिदाया गया । अतिभुयाक्तa न उसक गल दाकर 8न स मांरन क प्रयास तिकया, लि8सस वेह तिकस प्रकर अपुन अ"rवेस्त्रों कX छX^कर 8न चकर वेह" स भुगन मांQ सफंल हhई । इस घाटीन मांQ मांतिहल थान प्रभुर मांनर, रयागढ़ क सथा भु
अश्ल ल गल -गलW8 एवे" मांरपु टी कF गई था उसक लिसर कX हईवे वेहन स क चलन क प्रयास तिकया गया और उस 8न स मांरन कF DमांकF दा गई । उक्त घाटीन कF रिरपुXटी1 पुर थान मांनर, लि8ल रयागढ़ द्वार अपुरD पु"8 द्ध तिकया गया । त्पुश्चw आहa क तिचतिकत्स या पुर क्षेण करया गया, सतिक्षेयाa क कथान दा81 तिकए गए था स"पुGण1 तिवेवेचन उपुर" अतिभुयाक्तa क तिवेरुद्ध अतिभुयाXग-पुत्र प्रस् तिकया गया ।
3. इस अपु ल क स""D मांQ पु ति^/तिशीकयाक1 द्वार आ8 तिदान"क 28/04/2026 कX स्वेया" उपुण्डिस्था हXकर अपु लथा9/अतिभुयाक्त कX 8मांन तिदाए 8न पुर आपुलित्ती हXन कF अतिभुव्यातिक्त कF गई हS ।
4. अतिभुयाक्त/आवेदाक क तिवेद्वान अलिDवेक्त क क1 हS तिक आवेदाक तिनदाyर्ष हS था उस इस प्रकरण मांQ तिमांथ्या रूपु स फं" सया गया हS । प्रथामां सGचन पुत्र मांQ उसक नमां नहq हS, लि8सस
4 / 5 (Cr.
A. No.-1018 of 2026) उसकF स"लिलप्ता स"दाहस्पुदा ई गई हS । याह भु क1 तिकया गया तिक मांतिहल आरक्षेक क वेस्त्रों फं^ 8न स""D कथान क समांथा1न मांQ कXई वेस्त्रों 8प्ता नहq तिकया गया हS, लि8सस अतिभुयाX8न कF कहन पुर प्रश्न उठ हS । याह भु क1 तिदाया गया हS तिक घाटीन क दाWरन पुलिलस द्वार तिकए गए लठ च81 मांQ ह पु ति^ कX चXटीQ आई ह{ । आवेदाक क कXई पुGवे1 आपुरलिDक इतिहस नहq हS । वेह तिदान"क 05.01.2026 स अतिभुरक्षे मांQ हS । स"पुGण1 तिवेवेचन उपुर" अतिभुयाXगपुत्र प्रस् तिकया 8 चक हS । प्रकरण मांQ 63 सतिक्षेयाa क पुर क्षेण हXन हS, लि8सस तिवेचरण मांQ समांया लगन स"भुतिवे हS । अr आवेदाक कX 8मांन पुर रिरह तिकया 8ए ।
5. उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वान अलिDवेक्त न अपु ल क तिवेरXD कर हhए याह क1 प्रस् तिकया हS तिक अपु लथा9/अतिभुयाक्त कF पुहचन पु ति^ द्वार तिशीनख़् पुर मांQ कF गई हS । घाटीन क दाWरन पु ति^ स छ न गया मां"गलसGत्र अपु लथा9 क कब्ज़े स 8प्ता तिकया गया हS था स .स .टी .वे . अतिभुलखन क आDर पुर भु उसकF स"लिलप्ता स्पुष्ट रूपु स पुरिरलतिक्षे हX
हS । याह प्रकरण पुलिलस एवे" प्रशीसन क तिवेरुद्ध ग"भु र अपुरD क हS, 8तिक कनGन- व्यावेस्था नए रखन इन्हq क दातियात्वे हS । ऐस मांQ क1व्या तिनवे1हन कर रह मांतिहल आरक्षेक, 8X एक शीसकFया सवेक हS, क सथा ग"भु र अपुरD तिकया 8न अत्या" ग"भु र पुरिरण्डिस्थाति कX दाशी1 हS । तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर “प्रश्नD न आदाशी” उतिच एवे" तिवेलिDसम्मां हS, लि8समांQ तिकस प्रकर क हस्क्षेपु कF आवेश्याक नहq हS । अr प्रस् अपु ल खरिर8 तिकया 8ए ।
6. उपुण्डिस्था पुक्षे क क1 श्रीवेण तिकया था अतिभुलख एवे" क स यार क पुरिरशी लन तिकया गया ।
5 / 5 (Cr. A. No.-1018 of 2026)
7.
अतिभुलख क समांग्रा पुरिरशी लन स याह ण्डिस्थाति स्पुष्ट हX हS तिक पु ति^ क मां"गलसGत्र कF 8प्ता
अपु लथा9 स हhई हS, लि8सस पुलिलस था प्रशीसन क सथा तिकए गए अपुरD मांQ अपु लथा9/ अतिभुयाक्त कF स"लिलप्ता प्रमांख स दृतिष्टग हX हS । ऐस दाशी मांQ, अपु लथा9/अतिभुयाक्त क मांमांल तिनयातिमां 8मांन ह उपुयाक्त नहq पुया 8 । तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर "प्रश्नD न आदाशी" मांQ कXई अवेSD अथावे अशीद्घ पुरिरलतिक्षे नहq हX हS । अr उसमांQ हस्क्षेपु तिकए 8न कF आवेश्याक नहq पुई 8 । अr अपु ल खरिर8 कF 8 हS ।
8. रलि8स्टीƒ कX तिनदा„तिशी तिकया 8 हS तिक इस आदाशी कF प्रति याथाशी घ्र तिवेचरण न्यायालया कX सGचनथा1 प्रतिर्ष तिकया 8ए । सह /- (स"8या क मांर 8यासवेल) न्यायाD शी पोमन