Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 7697 (ALL)

SEETU @ BANTI @ VIRESH KUMAR v. STATE OF U.P.

BAIL/27153/2026 · 2026-09-17

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 27153 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. सूची पुनरीिक्षत वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक सीतू उफर् बंटी उफर् वीरेश की ओर से मु०अ०सं० 346/2020, अन्तगर्त धारा धारा-147/ 148/ 149/ 307 भा.दं.सं. थाना- पहासू, िजला बुलंदशहर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. यह आवेदक का िद्वतीय जमानत आवेदन पत्र है, प्रथम जमानत आवेदन पत्र अन्य न्यायपीठ द्वारा िदनांक 03.04.2025 को िनरस्त कर िदया गया था। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 03.03.2026 से कारागार में िनरुद्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक के प्रथम जमानत आवेदन पत्र खािरज होने के बाद से आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ऐसा कोई भी नया तथ्य प्रकाश में लाने में असमथर् रहें हैं, जो आवेदक की जमानत का आधार बन सकता हो। इसप्रकार आवेदक को जमानत पर छोडने का कोई औिचत्य नहीं है। आवेदक द्वारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य प्रकृ ित का है। इसिलए अिभयुक्त को Versus Counsel for Applicant(s) : Pankaj Kumar Tiwari Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Seetu @ Banti @ Viresh Kumar .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) जमानत पर पर न छोड़ा जाय। 6. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है। 7. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। September 18, 2026 S.Mishra BAIL No. 27153 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad