Research › Search › Judgment
High Court of Chhattisgarh · body
2026 DAILYLAW 7673 (CHH)
CHHOTURAM CHANDRAVANSHI v. STATE OF CHHATTISGARH
CRA/999/2026 · 2026-04-27
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2026
[ 2026 DAILYLAW 7673 (CHH) · dailylaw.ai ]
[ 2026 DAILYLAW 7673 (CHH) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
1 / 4 (Cr. A. No.-999 of 2026)
2026:CGHC:19548 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक अपु ल
क्रमां"क
-999
/2026
छ)टू+रमां चन्द्रवे"शी तिपु-स्वेग/या रमांरन चन्द्रवे"शी , उम्र-लगभग 47 वेर्ष6, तिनवेस - लखनपुरखदा6, पुलिलस थान-)ल, लि:ल-क रधामां, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा//अतिभयाक्त तिवेरूद्घ छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार थान प्रभर , पुलिलस थान-रग"वे :"गल, लि:ल-क रधामां, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /रज्या अपु लथा//अतिभयाक्त द्वार : श्री समां र लिस"ह, अलिधावेक्त । रज्या/उत्तीरवेदा द्वार : सश्री अवेल न :न:, पुEनल अलिधावेक्त । न्यायामां+ति6 श्री स":या क मांर :यासवेल !! आदाशी पु ठ पुर पुरिर !! 28/04/2026
1. धार 14(क)( ) ii अनस+तिच :ति एवे" अनस+तिच :न:ति (अत्याचर तिनवेरण) अलिधातिनयामां, 1989 (लि:स आग स"क्षेपु मांR "तिवेशीर्ष अलिधातिनयामां" कह गया हE) क अ"ग6 POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.04.28 15:59:46 +0530
2 / 4 (Cr. A. No.-999 of 2026) प्रस् इस अपु ल मांR तिवेचरण न्यायालया-तिवेशीर्ष न्यायाधा शी (तिवेशीर्ष अलिधातिनयामां), क रधामां, छत्ती सगढ़ द्वार पुलिलस थान-रग"वे :"गल, क रधामां, छत्ती सगढ़ क अपुरधा क्रमां"क-03/2026 अ"ग6 धार 318(4), 316(5), 3(5) भर या न्याया स"तिह, 2023 था तिवेशीर्ष अलिधातिनयामां कW धार 3(2)( ), 3(2)( v vक) क ह प्रस् तिनयातिमां :मांन आवेदान मांR पुरिर आदाशी तिदान"क-11/03/2026 क) चनX दा गई हE लि:सक ह अपु लथा//अतिभयाक्त क तिनयातिमां :मांन आवेदान तिनरस् कर तिदाया गया । उक्त आदाशी क) स"क्षेपु मांR “प्रश्नधा न आदाशी” स स")लिधा तिकया : रह हE ।
2.
अतिभया):न क मांमांल इस आशीया क हE तिक प्रथा/ लिसद्धरमां मांसरमां, सतिचवे, ग्रामां पु"चया क करपुन , थान रग"वे :"गल, लि:ल क रधामां द्वार थान रग"वे :"गल मांR प्रस् लिललिख आवेदान क आधार पुर याह रिरपु)टू6 दा:6 करई गई तिक टू_याल एवे" Eग आवेस या):न क अ"ग6 17 Eग पुरिरवेर` क मांकन तिनमां6ण ह ग्रामां पु"चया क करपुन क aक ख क्रमां"क 77075410408, छत्ती सगढ़ ग्रामां ण aक, शीख )ल मांR क ल रतिशी ₹21,50,000/- तिदान"क 30.10.2024 क) :मां हdई था । उक्त रतिशी क) मांकन तिनमां6ण कया6 करन क लिलए कन कW सहयाक पुवेन च"द्रवे"शी (सहअतिभयाक्त) एवे" ठक दार छ)टू+रमां च"द्रवे"शी (अपु लथा//आवेदाक) क) प्रदान तिकया गया था, तिक" आर)तिपुया` द्वार रतिशी प्रप्त करन क पुश्च आ: तिदान"क क तिकस भ तिहग्राह क मांकन तिनमां6ण कया6 प्रर"भ नहf तिकया गया हE । आर)तिपुया` न मांकन तिनमां6ण करन क नमां पुर उक्त रतिशी छलपु+वे6क प्रप्त कर उसक दारुपुया)ग कर हdए तिहग्रातिहया` क सथा धा)खधाड़ी कW हE । उक्त तिशीकया क आधार पुर अपुरधा पु": द्ध कर तिवेवेचन उपुर" अतिभया)गपुत्र प्रस् तिकया गया हE ।
3 / 4 (Cr. A. No.-999 of 2026)
3. इस अपु ल क स""धा मांR पु तिड़ी/तिशीकयाक6 द्वार आ: तिदान"क 28/04/2026 क) स""लिधा लि:ल तिवेलिधाक सवे प्रलिधाकरण स आभस रूपु स उपुण्डिस्था ह)कर अपु लथा// अतिभयाक्त क) :मांन तिदाए :न पुर आपुलित्ती ह)न कW अतिभव्यातिक्त कW गई ।
4. अपु लथा//आवेदाक क तिवेद्वान अलिधावेक्त क क6 हE तिक कन कW सहयाक पुवेन च"द्रवे"शी
(सहअतिभयाक्त) मांख्या अतिभयाक्त रह हE लि:सकW अतिग्रामां :मांन मांनन या सवेlच्च न्यायालया द्वार स्वे कर कW : चकW हE । मांमांल मांR ठक दार छ)टू+रमां च"द्रवे"शी (अपु लथा//आवेदाक) तिदान"क-07/02/2026 स अतिभरक्षे मांR हE । अतिभया)गपुत्र प्रस् ह) चक हE । तिवेचरण मांR समांया लगन स"भतिवे हE । अm उस :मांन पुर रिरह तिकया :ए ।
5.
उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वान अलिधावेक्त न अपु ल क तिवेर)धा कर हdए क6 प्रस् तिकया हE तिक प्रकरण मांR अपु लथा//अतिभयाक्त क तिवेरुद्ध नमां:दा रिरपु)टू6 दा:6 कW गई हE था प्रथामां स+चन पुत्र मांR अनस+तिच :न:ति वेग6 स स""लिधा तिहग्रातिहया` क सथा छलपु+वे6क व्यावेहर कर शीसन कW या):न क अ"ग6 प्रप्त रतिशी ₹21,50,000/- क दारुपुया)ग करन क तिवेतिशीष्ट आर)पु हE । मांमांल मांR रकमां प्रप्त करन वेल मांख्या अतिभयाक्त, अपु लथा/ ह हE । सह अतिभयाक्त पुवेन पुवेन च"द्रवे"शी स अपु लथा/ क मांमांल तिभन्न हE । तिवेशीर्ष अलिधातिनयामां क अ"ग6 अपुरधा तिनतिमां6 ह) हE । अm तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर “प्रश्नधा न आदाशी” उतिच एवे" तिवेलिधासम्मां हE, लि:समांR तिकस प्रकर क हस्क्षेपु कW आवेश्याक नहf हE । अm प्रस् अपु ल खरिर: तिकया :ए ।
6. उपुण्डिस्था पुक्षे क क6 श्रीवेण तिकया था अतिभलख एवे" क स यार क पुरिरशी लन तिकया गया ।
4 / 4 (Cr. A. No.-999 of 2026)
7. अतिभलख क समांग्रा पुरिरशी लन स याह स्पुष्ट ह) हE तिक प्रकरण मांR अपु लथा//अतिभयाक्त क तिवेरुद्ध नमां:दा रिरपु)टू6 दा:6 कW गई हE । प्रथामां स+चन पुत्र मांR याह आर)पु लगया गया हE तिक अनस+तिच :न:ति वेग6 स स""लिधा तिहग्रातिहया` क सथा छलपु+वे6क व्यावेहर कर हdए उनक लिलए शीसन कW या):न क अ"ग6 प्रप्त रतिशी क दारुपुया)ग तिकया गया हE । मांमांल मांR :) क ल रतिशी ₹21,50,000/- क न्यास भ"ग हdआ हE वेह रतिशी ठक दार छ)टू+ च"द्रवे"शी
(अपु लथा//आवेदाक) क) प्रप्त हdई था । इस प्रकर वेह मांख्या अतिभयाक्त हE । अतिग्रामां :मांन पुर रिरह तिकए गए कन कW सहयाक पुवेन च"द्रवे"शी (सहअतिभयाक्त) स उसक मांमांल तिभन्न हE, पुरिरणमांस्वेरूपु अपु लथा//अतिभयाक्त क मांमांल तिनयातिमां :मांन ह उपुयाक्त नहf पुया : । इसलिलए तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर "प्रश्नधा न आदाशी" मांR क)ई अवेEधा अथावे अशीद्घ पुरिरलतिक्षे नहf ह) हE । अm उसमांR हस्क्षेपु तिकए :न कW आवेश्याक नहf पुई : । अm अपु ल खरिर: कW : हE ।
8.
रलि:स्टू_ क) तिनदाqतिशी तिकया : हE तिक इस आदाशी कW प्रति याथाशी घ्र तिवेचरण न्यायालया क) स+चनथा6 प्रतिर्ष तिकया :ए । सह /- (स":या क मांर :यासवेल) न्यायाधा शी पोमन