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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 7373 (ALL)

ANIL v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

NA528/6444/2026 · 2026-09-16

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 6444 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक द्वारा धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र मु०अ०सं० 330 सन 2021 से उद्भूत दािण्डक वाद सं० 77/2022, अन्तगर्त धारा 452, 354, 323, 506 भा०दं०िव० एवं धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट, थाना महुली, िजला संत कबीर नगर में प्रेिषत आरोप पत्र िदनांक 30.01.2022, में िवद्वान अपर सत्र न्यायाधीश/िवशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट, संत कबीर नगर द्वारा पािरत प्रसंज्ञान/तलबी आदेश िदनांक 10.02.2022 को, उभयपक्ष के मध्य हुए समझौता िदनांिकत 18.11.2025 के आधार पर उपरोक्त वाद की सम्पूणर् कायर्वाही को अपास्त िकये जाने हेतु योिजत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता का कथन है िक पक्षकारों के मध्य आपस में सुलह समझौता हो गया है तथा वे इस वाद को आगे नहीं चलाना चाहते हैं. इसिलए उपरोक्त वाद की संपूणर् कायर्वाही को अपास्त कर िदया जाय। अपने तकर् के समथर्न में उन्होंने माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा Gian Singh Vs. State of Punjab, 2012 AIR SCW 5333, B.S. Joshi and others Vs. State of Haryana, (2003) 3 SCC 675, Narinder Singh & Ors Vs. State of Punjab & Anr. 2014 Law Suit (SC) 202, Yogendra Yadav & Ors Vs. State of Jharkhand & Anr, Dimpey Gujral W/o Vivek Gujral & Ors Vs. Union Territory & Ors में पािरत नजीरों की ओर न्यायालय का ध्यान आकृ ष्ट कराया। उनका यह भी कथन है िक पक्षकारों के बीच हुए समझौतानामा को सत्यािपत करने हेतु िवचारण न्यायालय में प्रस्तुत िकया गया तथा िवद्वान िवचारण न्यायालय की आख्या िद० 10.07.2026 के अनुसार िवचारण न्यायालय द्वारा समझौता तस्दीक िकया जा चुका है, जो पत्रावली पर उपलब्ध है। Versus Counsel for Applicant(s) : Amit Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Vijendra Pal Anil .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) 4. उभयपक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण को सुनने तथा पत्रावली एवं माननीय उच्चतम न्यायालय की उपरोक्त नजीरों का पिरशीलन करने के पश्चात धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अन्तगर्त प्रस्तुत िकया गया आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य है। 5. तद्नुसार यह आवेदन पत्र स्वीकार िकया जाता है तथा उपरोक्त विणत वाद की संपूणर् कायर्वाही अपास्त की जाती है। 6. प्रश्नगत प्रकरण में यिद कोई अन्तिरम आदेश हो तो उसे समाप्त समझा जाय। 7. कायार्लय को िनदेर्श िदया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप संबंिधत न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनिश्चत करे। September 17, 2026 Pawan Kumar/S. Ali NA528 No. 6444 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad