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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 7336 (ALL)

SHAILENDRA JOSHI v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NA528/37722/2026 · 2026-09-15

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 37722 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एऩ.एस.एस. के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 0018/2021 से उद्भूत वाद सं० 896/2021, अन्तगर्त धारा 411, 414 भा.दं.सं. एवं धारा 3/25 आयुध अिधिनयम एवं धारा 30 आयुध अिधिनयम, थाना पवारा, िजला जौनपुर, जो िवद्वान न्याियक मिजस्ट्रेट/मिहलाओं के िवरुद्ध अपराध, जौनपुर के न्यायालय में लिम्बत है, में प्रेिषत आरोपपत्र िदनांिकत 22.05.2021 एवं प्रसंज्ञान आदेश िदनांक 27.10.2021 की सम्पूणर् कायर्वाही को अपास्त िकये जाने हेतु योिजत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधकता श्री चंदन िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक उपर्युक्त मामलें में िवचारण न्यायालय द्वारा आक्षेिपत आदेश पािरत करते समय न तो साक्ष्यों की कोई िववेचना की गई और न ही इस पर िवचार िकया गया िक अिभयुक्त द्वारा किथत रूप से क्या कृ त्य िकया गया था। अिग्रम उनके द्वारा कथन िकया गया िक प्रश्नगत मामले में तथ्यों का सम्यक पिरशीलन नहीं िकया गया तथा प्रश्नगत आदेश एक 'स्पीिकग' (सकारण) एवं तकर् संगत आदेश नहीं है तथा उक्त प्रश्नगत आदेश मात्र अनुमानों और कयासों के आधार पर पािरत िकया गया है। अतः उपरोक्त प्रश्नगत आदेश समुिचत िववेचना एवं तथ्यों पर आधािरत नहीं है। इसिलए, प्रश्नगत आदेश त्रुिटपूणर् है एवं अपास्त िकए जाने योग्य है। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने कथन िकया िक प्रश्नगत मामलें में समुिचत िववेचना के उपरांत िवचारण न्यायालय द्वारा पयार्प्त आधार पर प्रश्नगत आदेश पािरत िकया है, िजसमें कोई िविधक अथवा क्षेत्रािधकार संबंधी त्रुिट पिरलिक्षत नहीं हो रही है। उनका यह भी कथन है िक आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा प्रश्नगत आदेश को अपास्त करने हेतु जो तकर् प्रस्तुत िकए Versus Counsel for Applicant(s) : Sachchida Nand Ojha Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Shailendra Joshi .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s) गए वे बलहीन है इसिलए, प्रश्नगत आदेश में हस्तक्षेप िकए जाने की कोई आवश्यकता प्रतीत नहीं हो रही है। 5. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण के तकोर्ं को श्रवणोपरांत एवं पत्रावली व प्रश्नगत आदेशों का सम्यक रूपेण पिरशीलन िकया तथा िवद्वान िवचारण न्यायालय द्वारा पािरत प्रश्नगत आदेश समुिचत िववेचना पर आधािरत है, सकारण एवं उिचत आदेश है। उसमें कोई सारवान अिनयिमतता, अनौिचत्यता या प्रिक्रया या क्षेत्रािधकार संबंधी त्रुिट पिरलिक्षत नहीं होती है, इसिलए यह आवेदन पत्र को िनरस्त िकए जाने योग्य है। 6. तद्नुसार, आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत यह आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। 7. कायार्लय को िनदेर्श िदया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप संबंिधत िवचारण न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनिश्चत िकया जाय। 8. यिद इस वाद में कोई अंतिरम आदेश हो तो, उसे समाप्त समझा जाय। September 16, 2026 Pawan Kumar NA528 No. 37722 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad