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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL REVISION No. - 5484 of 2025 Court No. - 87 HON'BLE LAKSHMI KANT SHUKLA, J.
1. Heard Mr. Mahesh Kumar Tripathi, learned counsel appearing on behalf of revisionist, learned AGA appearing on behalf of State-opposite party no. 1 and perused the record. 2. Learned counsel appearing on behalf of opposite party nos. 2 and 3 is not present. 3. Learned counsel appearing on behalf of revisionist submitted that the matter was referred for mediation to Mediation and Conciliation Centre, High Court Allahabad, where with the help of mediators parties have amicably settled their dispute and a settlement deed arrived at between the parties before Mediation and Conciliation Centre. It is further submitted that the in view of the conditions of agreement as contained in paragraph 7 of the settlement agreement dated 16.07.2026, the instant criminal revision may be allowed. 4. Per contra learned AGA has no objection to the submissions urged by learned counsel for the revisionist. 5. No one is present on behalf of opposite party no. 2 to dislodge the aforesaid submission as made by learned counsel appearing on behalf of revisionist. 6. Paragraph 7 of settlement agreement dated 16.07.2026 is reproduced hereunder:-
"7. 3rd अंतिरम समझौता िदनांक 11.06.2026 के अनुसार, पक्षकारों के मध्य में Versus Counsel for Revisionist(s) : Mahesh Kumar Counsel for Opposite Party(s) : Akash Khare, G.A. Sachin Raykawar .....Revisionist(s) State Of U.P. And 2 Others .....Opposite Party(s)
िनम्निलिखत समझौता सम्पन्न हुआ हैः-
क. यह िक दोनो पक्षों ने आपसी सहमित से यह िनणर्य िलया था िक दोनो पक्ष अलग-अलग रहना चाहते हैं तथा िववाह िवच्छेद करना चाहते हैं िजसके सन्दभर् में दोनों पक्षों ने आपसी सहमित से न्यायालय श्रीमान प्रधान न्यायाधीश पिरवािरक न्यायालय झाँसी के समक्ष िहन्दू िववाह अिधिनयम िक धारा 13-बी के अन्तगर्त एक यािचका (मूलवाद सं. 702/2026, श्रीमती आकांक्षा रायकवार एवम सिचन रायकवार) दािखल िकया है. िजसकी प्रमािणत प्रित दोनो पक्ष अगली सुनवाई के समय माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगें । ख. यह िक दोनों पक्षी के मध्य यह समझौता हुआ है िक सिचन रायकवार (पुनरीक्षणकतार् पिक्त अपनी पत्री-श्रीमती आकांक्षा रायकवार को एकमुश्त धनरािश रु 6.25,000/- (Rs.
Six Lakh Twenty Five Thousand Only), िजसमे पत्नी का स्त्रीधन, भरण-पोषण, स्थायी गुजारा भता एवं पुत्री का भरण पोषण भी शािमल है। उपरोक्त धनरािश पित िडमाण्ड ड्राफ्ट के जिरए अपनी पत्री को अदा करेंगे। उपरोक्त एकमुश्त तय धनरािश प्राप्त हो जाने के पश्चात् पत्नी िकसी भी अिधिनयम के तहत भिवष्य में िकसी भी प्रकार से गुजारा भत्ता भरण-पोषण के िलए हकदार नहीं होगी न ही भिवष्य में पित एवं उनके पिरवारजनों की सम्पित्त में कोई दावा करेंगी।
ग. यह िक िदनांक 14.05.2026 को सिचन रायकवार (पुनरीक्षणकतार्-पित) ने रु.2,60,000/- (Rs. Two Lakh Sixty Thousand Only) का एक िडमाण्ड ड्राफ्ट िजसकी संख्या 507010, जो िक िदनांक 04.05.2026 को ICICI Bank द्वारा Aakanksha Raikwar (पत्री का नाम उसके बैंक ने में) के पक्ष में जारी मध्यस्तथा के न्द्र में प्रस्तुत िकया था िजसे दोनो पक्षों की सहमित से पत्रावली में रखा गया था तथा आज िदनांक 16.07.2026 को उक्त िडमाण्ड ड्राफ्ट श्रीमती आकांक्षा रायकवार (प्रितवािदनी सं. 2-पनी) को सौंप िदया गया है, िजसकी प्रािप्त श्रीमती आकांक्षा रायकवार (प्रितवािदनी सं.2-पत्नी) सुिनिश्चत करती है।
घ. यह िक िदनांक 21.05.2026 को सिचन रायकवार (पुनरीक्षणकतार्-पित) ने रु.40,000/- (Rs. Forty Thousand Only) का एक अन्य िडमाण्ड ड्राफ्ट िजसकी संख्या 507023, जो िक िदनांक 15.05.2026 को ICICI Bank द्वारा Aakanksha Raikwar (पत्नी का नाम उसके बैंक खाते में) के पक्ष में जारी मध्यस्तथा के न्द्र में प्रस्तुत िकया था िजसे दोनो पक्षों की सहमित से पत्रावली में रखा गया था तथा आज िदनांक 16.07.2026 को उक्त िडमाण्ड ड्राफ्ट श्रीमती आकांक्षा रायकवार (प्रितवािदनी सं.2-पत्नी) को सौंप िदया गया है. िजसकी प्रािस श्रीमती आकांक्षा रायकवार (प्रितवािदनी सं.2-पत्नी) सुिनिश्चत करती है।
ङ. यह िक दोनो पक्ष रों के मध्य 3 अंतिरम समझौता िदनांक 11.06.2026 में यह सहमित बनी थी िक सिचन रायकवार (पुनरीक्षणकतार्-पित) रु.1,50,000/- (Rs. One Lakh Fifty Thousand Only) की धनरािश िकसी राष्ट्रीयकृ त बैंक की एफ डी. आर. (िनयत अविध जमा) योजना में अपनी पुत्री स्वाित उफर् िशवन्या रायकवार के नाम पर िजसमें आकांक्षा रायकवार (प्रितवािदनी सं.
2) की संरक्षता (Guardianship) में 11 वषर् की अविध के िलए अथवा पुत्री के बािलग (वयस्क) होने तक, जो भी पहले हो, िनवेश करेंगे। श्रीमती आकांक्षा रायकवार (प्रितवािदनी सं.2) उक्त एफ.डी. आर. में नामांिकत व्यिक्त (नॉिमनी) भी होगी तथा इसकी मूल CRLR No. 5484 of 2025 2
प्रमाण-पत्र सिचन रायकवार (पुनरीक्षणकतार्-पित) द्वारा न्यायालय श्रीमान प्रधान न्यायाधीश पिरवािरक न्यायालय झाँसी के समक्ष िहन्दू िववाह अिधिनयम िक धारा 13-ची के अन्तगर्त मूलवाद सं. 702/2026 (श्रीमती आकांक्षा रायकवार एवम सिचन रायकवार) के अिन्तम िनणर्य के समय श्रीमती आकांक्षा रायकवार (प्रितवािदनी सं 2) को सौंप िदया जाएगा । िच. यह िक दोनो पक्षों के मध्य यह भी तय हुआ है, िक बकाया धनरािश अथार्त् रु. 1,75,000 (Rs. One Lakh Seventy Five Thousand Only) सिचन रायकवार (पुनरीक्षणकतार्-पित) द्वारा न्यायालय श्रीमान प्रधान न्यायाधीश पिरवािरक न्यायालय झाँसी के समक्ष िववाह िवच्छेद यािचका (मूलवाद सं. 702/2026, श्रीमती आकांक्षा रायकवार एवम सिचन रायकवार के अिन्तम िनणर्य के समय श्रीमती आकांक्षा रायकवार (प्रितवािदनी सं.2- पत्नी) को िडमाण्ड ड्राफ्ट के माध्यम से अदा करेंगे।
छ. यह िक दोनों पक्षकारों के मध्य यह भी सहमित हुए है िक दोनों पक्षकार इस वैवािहक वाद के सन्दभर् में एक दूसरे के िवरुद्ध िजतने भी मुकदमें याद दािखल िकये है, वे उन सभी मुकदमों/वादों को उिचत उपाय करते हुए समाप्त/वापस करा लेंगे।
ज. यह िक दोनो पक्ष एक दूसरे के िखलाफ, इस वैबािहक वाद के सन्दभर् में कोई नया वाद दािखल नहीं करेंगे।"
7. Having heard the rival submission made by learned counsel appearing on behalf of parties, the instant criminal revision deserves to be allowed in the light of settlement agreement arrived at between the parties on 16.07.2026 before the Mediation and Conciliation Centre. Accordingly, the present revision is allowed. The impugned order dated 25.07.2025 passed by Additional Principal Judge, Family Court, Jhansi is hereby set aside. Paragraph 7 of aforesaid settlement agreement shall form part of this order. (Lakshmi Kant Shukla,J.) September 17, 2026 Arti CRLR No. 5484 of 2025 3
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