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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 6533 (ALL)

MANOJ v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

NA528/27114/2026 · 2026-09-13

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 27114 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र मु०अ०सं० 590 सन 2025, अन्तगर्त धारा 75, 352 बी.एन.एस. व धारा 9/10 पाक्सो एक्ट, थाना कोतवाली पडरौना, िजला कु शीनगर से उद्भूत सत्र वाद सं० 1991/2025 (State VS. Manoj), जो िवशेष न्यायाधीश, पाक्सो एक्ट, कु शीनगर के न्यायालय में लंिबत है, में उभय पक्ष के मध्य सुलह-समझौतानामा, िदनांिकत 19.06.2026 हो जाने के आधार पर इस मामलें की संपूणर् कायर्वाही को अिभखिण्डत करने हेतु योिजत िकया गया है। 2. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता का कथन है िक पक्षकारों के मध्य आपस में सुलह- समझौता हो गया है तथा वे इस वाद को आगे नहीं चलाना चाहते हैं। इसिलए, उपरोक्त वाद की संपूणर् कायर्वाही को अपास्त कर िदया जाय। अपने तकर् के समथर्न में उन्होंने माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा Gian Singh Vs. State of Punjab, 2012 AIR SCW 5333, B.S. Joshi and others Vs. State of Haryana, (2003) 3 SCC 675, Narinder Singh & Ors Vs. State of Punjab & Anr. 2014 Law Suit (SC) 202, Yogendra Yadav & Ors Vs. State of Jharkhand & Anr, Dimpey Gujral W/o Vivek Gujral & Ors Vs. Union Territory & Ors में पािरत नजीरों की ओर न्यायालय का ध्यान आकृ ष्ट कराया। उनका यह भी कथन है िक पक्षकारों के बीच हुए समझौतानामा को सत्यािपत करने हेतु िवचारण न्यायालय में प्रस्तुत िकया गया तथा संबंिधत िवचारण न्यायालय की आदेश िद० 29.08.2026 के अनुसार िवचारण न्यायालय द्वारा समझौता तस्दीक िकया जा चुका है, जो पत्रावली पर उपलब्ध है। 4. पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों एवं उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण को सुनने तथा Versus Counsel for Applicant(s) : Sanjay Kumar Mishra Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Manoj .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) पत्रावली एवं माननीय उच्चतम न्यायालय की उपरोक्त नजीरों का पिरशीलन करने के पश्चात् धारा 528 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अन्तगर्त प्रस्तुत िकया गया यह आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य है। 5. तद्नुसार, यह आवेदन पत्र स्वीकार िकया जाता है तथा उपरोक्त विणत वाद की संपूणर् कायर्वाही अिभखिण्डत (Quashed) की जाती है। 6. इस वाद में यिद कोई अन्तिरम आदेश हो तो उसे समाप्त समझा जाय। 7. कायार्लय को िनदेर्श िदया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप संबंिधत न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनिश्चत करें। September 14, 2026 CP.sahani NA528 No. 27114 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad