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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 12716 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 62 सन 2020, अन्तगर्त धारा 452, 354, 506 भा०दं०िव० व धारा 7/8 पाक्सो एक्ट, थाना पूंछ, िजला झांसी में प्रेिषत आरोप पत्र, िदनांिकत 19.08.2020 से उद्भूत सत्र वाद सं० 445/2020 (State Vs. Surendra@Chhotu), जो िवशेष न्यायाधीश, पाक्सो एक्ट के न्यायालय में लंिबत है, में पक्षकारों के मध्य सुलह-समझौता होने जाने के आधार पर समाप्त करने के आशय से योिजत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, िवपक्षी सं० 2 के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. िवपक्षी सं० 2 के िवद्वान अिधवक्ता का कथन है िक प्रश्नगत प्रकरण में उभय पक्षकारों के मध्य आपस में समझौतानामा हो गया है, इस समझौतानामा/वकालतनामा को प्रितशपथ-पत्र के अनुलग्नक 1 के रूप में संलग्न िकया गया है।
3. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता का कथन है िक पक्षकारों के मध्य आपस में सुलह-समझौता हो गया है तथा वे इस वाद को आगे नहीं चलाना चाहते हैं। इसिलए, उपरोक्त वाद की संपूणर् कायर्वाही को अपास्त कर िदया जाय। उनके द्वारा अपने तकर् के समथर्न में उन्होंने माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा Gian Singh Vs. State of Punjab, 2012 AIR SCW 5333, B.S. Joshi and others Vs. State of Haryana, (2003) 3 SCC 675, Narinder Singh & Ors Vs. State of Punjab & Anr. 2014 Law Suit (SC) 202, Yogendra Yadav & Ors Vs. State of Jharkhand & Anr, Dimpey Gujral W/o Vivek Gujral & Ors Vs. Union Territory & Ors में पािरत नजीरों की ओर न्यायालय का ध्यान आकृ ष्ट कराया। उनका यह भी कथन है िक पक्षकारों के बीच हुए समझौतानामा को सत्यािपत करने हेतु िवचारण न्यायालय में प्रस्तुत िकया गया तथा संबंिधत िवचारण न्यायालय की आदेश िद० 02.09.2026 Versus Counsel for Applicant(s) : Hare Krishna Tripathi Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Yogesh Kumar Tiwari Surendra @ Chhotu .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
के अनुसार िवचारण न्यायालय द्वारा समझौता तस्दीक िकया जा चुका है, जो पत्रावली पर उपलब्ध है।
4.
पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों एवं उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण को सुनने तथा पत्रावली एवं माननीय उच्चतम न्यायालय की उपरोक्त नजीरों का पिरशीलन करने के पश्चात् धारा 528 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अन्तगर्त प्रस्तुत िकया गया यह आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य है।
5. तद्नुसार, यह आवेदन पत्र स्वीकार िकया जाता है तथा उपरोक्त विणत वाद की संपूणर् कायर्वाही अिभखिण्डत (Quashed) की जाती है।
6. इस वाद में यिद कोई अन्तिरम आदेश हो तो उसे समाप्त समझा जाय।
7. कायार्लय को िनदेर्श िदया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप संबंिधत न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनिश्चत करें। September 14, 2026 CP.sahani NA528 No. 12716 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad