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High Court of Chhattisgarh · body
2026 DAILYLAW 6491 (CHH)
NEHRULAL SEN v. SMT. MAMTA SEN
CRR/493/2026 · 2026-04-14
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2026
[ 2026 DAILYLAW 6491 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 4 (Cr. R. No.-493 of 2026)
2026:CGHC:17086 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक पुनर क्षण
क्रमां%क
-493
/2026
1. नहरूलल सन तिपु-तिदालश्वेर सन, उम्र-लगभग 45 वेर्ष5, तिनवेस -क्वेर्ट5र स%ख्या- 300/1, ब्ल्या<.आर.एस. क@लAन , पुलिलस थान-खमांरई, रयापुर, हस ल वे लिFल-रयापुर, छत्ती सगढ़, वे5मांन तिनवेस -पुन र्ट%कG क पुस भठाग%वे, रयापुर, हस ल वे लिFल-रयापुर, छत्ती सगढ़ -----आवेदाक तिवेरूद्घ
1. श्री मां मांमां सन पुति-नहरूलल सन, उम्र-लगभग 42 वेर्ष5, तिनवेस -द्वार शेखर सन, दाग5 मां%तिदार क पुस, श्री ह@ण्डिMपुर्टल क समांन गल , सक्र्टर-01, श्री नगर, पुलिलस थान-खमांरई, हस ल वे लिFल-रयापुर, छत्ती सगढ़ -----अनवेदाक आवेदाक द्वार : श्री तिशेवेन्दा पु%ड्या, अलिPवेक्ता । अनवेदाक द्वार : स<चन प्रतिर्ष नहS । न्यायामां<ति5 श्री स%Fया क मांर Fयासवेल !! आदाशे पु ठा पुर पुरिर !! 15/04/2026
1. प्रर%तिभक Mर पुर क5 श्रीवेण तिकए गए । POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.04.16 10:51:00 +0530
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2. भर या नगरिरक सरक्ष स%तिह, 2023 कG Pर 438 सहपुतिठा Pर-442 क ह प्रM इस दाण्डिक पुनर क्षण यातिचक मांX, अपु ल या न्यायालया-अपुर सत्र न्यायाP शे, एफ.र्ट .स ., रयापुर, लिFल-रयापुर, छत्ती सगढ़ द्वार प्रकरण क्रमां%क-327/2024
"नहरूलल सन तिवेरूद्घ श्री मां मांमां सन" मांX पुरिर आदाशे तिदान%क-22/12/2025 कA चन] दा गई ह^, लिFसक ह आवेदाक/अतिभयाक्ता नहरूलल सन द्वार प्रM अपु ल खरिरF कर तिदाया गया, लिFस आग स%क्षपु मांX "प्रश्नP न आदाशे" स स%AलिP तिकया F रह ह^ ।
3. प्रकरण क थ्या स%क्षपु मांX इस प्रकर ह^ तिक श्री मां मांमां सन क तिवेवेह अतिभयाक्ता नहरूलल सन क सथा तिदान%क 24/04/1999 कA स%पुन्न हaआ था । वे^वेतिहक F वेन क दा]रन उत्पुन्न घरल< तिवेवेदाd क करण अतिभयाक्ता नहरूलल सन द्वार तिदान%क 02/08/2022 कA श्री मां मांमां सन कA घर स तिनकल तिदाया गया । त्पुश्च, श्री मां मांमां सन न तिदान%क 06/02/2023 कA घरल< तिह%स स मांतिहलओं% क स%रक्षण अलिPतिनयामां, 2005 कG Pर 12 क अ%ग5 न्यातियाक मांलिFMर्टfर्ट प्रथामां श्रीण , रयापुर (छत्ती सगढ़) क समांक्ष अपुन पुति नहरूलल सन एवे% उसक अन्या चर रिरश्दारd क तिवेरुद्ध आवेदान प्रM तिकया । उक्ता आवेदान पुर तिवेचरण न्यायालया द्वार स%ज्ञान ल हaए प्रकरण पु%F द्ध तिकया गया । इसक पुश्च नहरूलल सन वेग^रह द्वार तिवेचरण न्यायालया क समांक्ष प्रर%तिभक आपुलित्ती प्रM कG गई, लिFस तिवेचरण न्यायालया न आदाशे तिदान%क 22/08/2024 क द्वार तिनरM कर तिदाया ।
4.
तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर उक्ता आदाशे कA अतिभयाक्ता नहरूलल सन क अतिरिरक्ता अन्या चर द्वार पुlथाक स चन] दा गई था । उक्ता अपु ल मांX तिनण5या कर हaए अपु ल या न्यायालया द्वार उनकG अपु लX Mवे कर कर उन्हX उन्मांAतिच कर तिदाया गया । तिकन् अतिभयाक्ता
3 / 4 (Cr. R. No.-493 of 2026) नहरूलल सन द्वार प्रM पुlथाक अपु ल क्रमां%क 327/2024 मांX, अपु ल या न्यायालया न तिदान%क 22/12/2025 कA आदाशे पुरिर कर उसकG अपु ल तिनरM कर दा ।
5. आवेदाक क तिवेद्वान अलिPवेक्ता क क5 ह^ तिक घरल< तिह%स स मांतिहलओं% क स%रक्षण तिनयामां, 2006 क तिनयामां 9 क अनसर स%रक्षण अलिPकर द्वार Mथाल पुर Fकर आवेश्याक F%च कर प्रतिवेदान प्रM नहS तिकया गया ह^ । याह भ क5 प्रM तिकया ह^ तिक अतिभयाक्ता नहरूलल सन क तिवेरुद्ध प्रथामांदृष्टया कAई मांमांल नहS न ह^ । उभयापुक्ष क मांध्या तिवेवेह तिवेच्छदा था भरण-पुAर्षण स स%%लिP अन्या प्रकरण, न्यायालया क समांक्ष ल%ति हp, सथा ह
उनक मांध्या एक लिसतिवेल वेदा भ तिवेचरP न ह^ । इन पुरिरण्डिMथातियाd मांX अतिभयाक्ता क तिवेरुद्ध पु%F द्ध पुरिरवेदा तिवेलिP-सम्मां था तिवेचरण या नहS ह^ । अr पुनर क्षण आवेदान Mवे कर कर हaए तिवेचरण न्यायालया एवे% अपु ल या न्यायालया द्वार पुरिर आदाशेd कA अपुM तिकया Fए ।
6. समांM क पुरिरशे लन तिकया गया । पुरिरशे लन स याह Mपुष्ट ह^ तिक श्री मां मांमां सन द्वार Pर-12 घरल< तिह%स स मांतिहलओं% क स%रक्षण अलिPतिनयामां, 2005 क ह प्रM पुरिरवेदा अनसर, वेर्ष5-2011 क पुश्च स तिदान%क-02/08/2022 क अपुरP तिनर%र चल रह ह^ और वेर्ष5-2023 मांX पुरिरवेदा पुशे तिकया गया ह^ । लिFसमांX Pर-17 क अनसर पुlथाक तिनवेस कG व्यावेMथा, Pर-18 क अनसर सरक्ष, Pर-20 क अनसर Mथाया सम्पुलित्ती मांX हक वे अलिPकर, Pर-22 क ह क्षतिपु<ति5 आतिदा कG प्रथा5न कG गई ह^ ।
7. "प्रश्नP न आदाशे" क पुरिरशे लन स याह भ Mपुष्ट हA ह^ तिक स%रक्षण अलिPकर (मांतिहल एवे% ल तिवेकस अलिPकर ), रयापुर द्वार प्रM प्रतिवेदान पुरिरवेदा क समांथा5न मांX ह^ । ऐस ण्डिMथाति मांX, F%च/तिवेचरण क पु<वे5 नहरूलल सन क याह क5 तिक उसक तिवेरुद्ध कAई मांमांल नहS न ह^ अथावे तिनयामांनसर F%च नहS कG गई ह^, Mवे कर याAग्या नहS पुया
4 / 4 (Cr. R. No.-493 of 2026) F । इस पुनर क्षण मांX उठाई गई आपुलित्तीया% Mवेया% F%च/तिवेचरण क तिवेर्षया हp, लिFनक पुर क्षण अभ तिकया Fन ह^ ।
8.
इस प्रकर, अतिभलख मांX उपुलब्P समांM थ्या एवे% पुरिरण्डिMथातियाd कA दृतिष्टग रख हaए, तिवेचरण था अपु ल या न्यायालया द्वार पुरिर "प्रश्नP न आदाशे" मांX कAई अवे^P अथावे अशेद्घ पुरिरलतिक्ष नहS हA ह^ । उसमांX हMक्षपु तिकए Fन कG आवेश्याक नहS पुई F । अr याह पुनर क्षण प्रर%तिभक Mर पुर खरिरF कG F ह^ ।
9. रलिFMर्टf कA तिनदाwतिशे तिकया F ह^ तिक इस आदाशे कG प्रति याथाशे घ्र तिवेचरण न्यायालया कA स<चनथा5 प्रतिर्ष तिकया Fए ।
10. उपुरAक्तानसर, इस पुनर क्षण आवेदान क तिनरकरण तिकया F ह^ । सह /- (स%Fया क मांर Fयासवेल) न्यायाP शे पुAमांन