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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 9404 of 2026 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. सूची पुनरीिWत वतăमान दािĔडक Šकीणă जमानत Šाथăना पś, आवेदक कġलू िसह की ओर से मु.अ.सं० 539/2025 अęतगăत धारा 74/ 64(1)/ 351(3) बी.एô.एस. थाना रसूलाबाद, िजला कानपुर देहात मȅ जमानत पर मुǘ करने हेतु Šĥतुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया।
3. ŠाĚत अनुदेश के अनुसार िवपWी सं० 2 को नोिटस िनĤपािदत/तामील कराया जा चुका है परęतु उनकी ओर से कोई उपिĥथत नहȂ है।
4. आवेदक के िवDZान अिधवǘा ने तकă Šĥतुत िकया िक आवेदक को इस Šकरण मȅ गलत एवं फजȃ ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहȂ िकया है। किथत पीिíता DZारा अपने धारा 180 भारतीय नागिरक सुरWा संिहता के बयान मȅ आवेदक पर िसफă छेडछाí का आरोप आWेिपत नहȂ िकया िकतु ɭराशय के तहत अपने धारा 183 भारतीय नागिरक सुरWा संिहता के बयान मȅ आवेदक के िवɴǪ िविशǸ आरोप का अिभकथन िकया गया। किथत पीिíता के धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुरWा संिहता के बयान मȅ परĥपर िवरोधाभाष है। इसिलए आवेदक जमानत पर मुǘ िकये जाने योĈय है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आǶासन िदया गया है िक वह कानून की ŠिŌया मȅ सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवģयकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समW खुद को उपलĜध कराएगा और उन सभी शतȋ को ĥवीकार करने के िलए भी तैयार है जो ęयायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदȌष है तथा वह इस Šकरण मȅ िद० 13.01.2026 से कारागार मȅ िनɳǪ है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोí िदया जाय।
5. Versus Counsel for Applicant(s) : Anand Vibhor Singh, Karunesh Pratap Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Kallu Singh .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा ने आवेदक के िवDZान अिधवǘा के तकȌ का Šबल िवरोध करते ɷए तकă Šĥतुत िकया िक आवेदक DZारा कािरत अपराध संXेय एवं गंĞभीर Šकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोíा जाये।
6.
आवेदक के िवDZान अिधवǘा के तकȍ के पिरŠेĨय Šģनगत Šकरण मȅ पśावली पर उपलĜध सारवान तĖयȋ एवं पिरिĥथितयȋ का समŎ ɴप से अवलोकन करने के बाद, सबूतȋ की Šकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधाĕमक सामŎी की अनुपिĥथित एवं उपलĜध सामŎी से छेíछाí की संभावना न होने के तĖय को देखते ɷए मेरी राय मȅ आवेदक को जमानत पर मुǘ करने का उपयुǘ आधार है।
7. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटĚपणी िकए ɷए आवेदक को उपरोǘ विणत अपराध मȅ संबंिधत ęयायालय की सęतुिǸ पर Dzिǘगत बंध-पś एवं अिधक धनरािश के दो ĥथानीय Šितभू Šĥतुत करने पर िनĞनिलिखत शतȍ के साथ जमानत पर छोí िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीWण के दौरान अिभयोजन साĨयȋ के साथ छेíछाí नहȂ करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािWयȋ व पीिíता/ िशकायतकताă को डरायेगा/धमकायेगा नहȂ।
2. आवेदक ęयायालय के आदेशȋ का पालन करेगा, वह परीWण के दौरान िबना कोई अनावģयक ĥथगन िलए िनयत ितिथ पर ęयायालय मȅ उपिĥथत होगा तथा परीWण मȅ ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की ĥवतंśता का ɭɴपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध मȅ िलĚत नहȂ होगा न कोई अपरािधक कृ ĕय करेगा।
4. आवेदक ŠĕयW या अŠĕयW ɴप से मामले के तĖयȋ से पिरिचत िकसी भी Dzिǘ या पुिलस अिधकािरयȋ को कोई Šलोभन या धमकी नहȂ देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उęहȅ ęयायालय मȅ तĖयȋ को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. उपरोǘ शतȍ मȅ से िकसी के उġलंघन के मामले मȅ, परीWण ęयायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रǩ करने को ĥवतंś है। March 19, 2026 S.Mishra BAIL No. 9404 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad