GARIMA SRIVASTAVA AND ANOTHER v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NA528/36162/2026 · 2026-09-07
Gautam Chowdhary
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DailyLaw.ai
[ 2026 DAILYLAW 6057 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 36162 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदकगण की ओर से धारा 528 भारतीय सुरक्षा संिहता के अंतगर्त यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 470/2025, अंतगर्त धारा 137(2), 3(5) भारतीय न्याय संिहता व धारा 81 जुवेनाइल जिस्टट एक्ट, थाना पनकी, िजला कानपुर नगर में प्रेिषत आरोप पत्र, िदनांिकत 13.12.2025 से उद्भूत वाद सं० 5401/2026 में अपर िसिवल न्यायाधीश (िसिनयर िडवीजन), कोटर् सं० 1, कानपुर नगर द्वारा पािरत तलबी आदेश िद० 28.01.2026 तथा इस वाद की संपूणर् कायर्वाही को िनरस्त करने हेतु योिजत िकया गया है।
2. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता का तकर् है िक आवेदक के िवरुद्ध कोई अपराध प्रकट नहीं होता है और वतर्मान अिभयोजन दुभार्वनापूणर् इरादे से उत्पीड़न करने के उद्देश्य से संिस्थत िकया गया है। यहां प्रासंिगक है िक प्रथम सूचना िरपोटर् दजर् हुई है तथा आवेदकगण का नाम सहअिभयुक्त से बयान के आधार पर प्रकाश में लाया गया है। इसके अितिरक्त, आवेदकगण के िवरूद्ध कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। पुनः उनके द्वारा अपने तकर् के समथर्न में कु छ दस्तावेजों और बयानों की ओर ध्यान आकिषत िकया।
4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने कथन िकया िक प्रश्नगत मामलें में समुिचत िववेचना के उपरांत अिभयुक्तगण के िवरूद्ध आरोप पत्र दािखल िकया जा चुका है तथा उस पर संबंिधत िवचारण न्यायालय द्वारा पयार्प्त आधार पर प्रश्नगत आदेश पािरत िकया है तथा अिभयुक्तगण के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा प्रश्नगत आदेश को अपास्त करने हेतु जो तकर् प्रस्तुत िकए गए वे बलहीन है।
5. इस चरण पर, आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा उठाए गए तकर् में तथ्यात्मक िववाद का न्याियक िनणर्य (adjudication) और साक्ष्य का मूल्यांकन (appraisal) शािमल है।
6. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं एवं अिभलेख पर मौजूद सामग्री के अवलोकन से और इस चरण पर मामले के तथ्यों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता िक आवेदकगण के िवरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है। बार (न्यायालय) के समक्ष िकए गए सभी अिभवचन ( submissions) तथ्य के िववािदत प्रश्नों से संबंिधत हैं, िजनका इस न्यायालय द्वारा धारा 528 Versus Counsel for Applicant(s) : Manoj Kumar Pandey Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Garima Srivastava And Another .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
बी.एन.एन.एस.
के अंतगर्त न्याियक िनणर्य नहीं िकया जा सकता है। इस चरण पर के वल प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला देखा जाना है, जैसा िक माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आर.पी. कपूर बनाम पंजाब राज्य, ए.आई.आर. 1960 एस.सी. 866, हिरयाणा राज्य बनाम भजन लाल, 1992 एससीसी (िक्रिमनल) 426, िबहार राज्य बनाम पी.पी. शमार्, 1992 एससीसी (िक्रिमनल) 192 और अंत में झंडू फामार्स्युिटकल वक्सर् िलिमटेड बनाम मोहम्मद शराफु ल हक एवं अन्य (पैरा-10) 2005 एससीसी (िक्रिमनल) 283 के मामलों में प्रितपािदत कानून के आलोक में स्पष्ट िकया गया है। इसिलए, इस मामले की संपूणर् कायर्वाही को िनरस्त करने की प्राथर्ना को अस्वीकार िकया जाता है।
7. तद्नुसार, यह आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है।
8. कायार्लय को िनदेर्श िदया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप संबंिधत अवर न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनिश्चत िकया जाय।
9. यिद इस वाद में कोई अंतिरम आदेश हो तो, उसे समाप्त समझा जाय। September 8, 2026 CP.sahani NA528 No. 36162 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad