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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 6103 of 2026 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतăमान दािĔडक Šकीणă जमानत Šाथăना पś आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 482/2025 , अęतगăत धारा 137(2), 87, 64(1) भारतीय ęयाय संिहता एवं धारा 3/4 पाĆसो एĆट, थाना कोतवाली देहात, िजला िमजाăपुर मȅ जमानत पर मुǘ करने हेतु Šĥतुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवDZान अिधवǘा, पिरवादी के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवDZान अिधवǘा DZारा अनुपालन शपथ-पś दािखल िकया गया, इसे पśावली पर रखा जाय।
4. आवेदक के िवDZान अिधवǘा ने तकă Šĥतुत िकया िक आवेदक को इस Šकरण मȅ गलत एवं फजȃ ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहȂ िकया है। यहां Šासंिगक तĖय यह है िक आवेदक व किथत पीिíता के मĘय Šेम संबंध था। किथत पीिíता DZारा अपने धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुरWा संिहता के बयान मȅ आवेदक के साथ ĥवेċछा से जाने, िववाह कर लेने, पित-पĕनी की तरह रहने तथा आवेदक के DZारा कोई जबरदĥती नहȂ करने का कथन िकया गया है।इससे पिरलिWत है िक किथत पीिíता सहमित देने वाली पWकार है। आगे यह भी कहा गया िक किथत पीिíता के आयु परीWण Šपś के अनुसार वह बािलग है। इसिलए, आवेदक जमानत पर मुǘ िकये जाने योĈय है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आǶासन िदया गया है िक वह कानून की ŠिŌया मȅ सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवģयकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समW खुद को उपलĜध कराएगा और उन सभी शतȍ को ĥवीकार करने के िलए भी तैयार है जो ęयायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदȌष है तथा वह इस Šकरण मȅ िद० 10.11.2025 से कारागार मȅ िनɳǪ है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोí िदया जाय।
5. पिरवादी के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा ने अिभयुǘ के जमानत Versus Counsel for Applicant(s) : Pankaj Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : Anurag Dubey, G.A. Lallu .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
का Šबल िवरोध करते ɷए तकă Šĥतुत िकया िक अिभयुǘ DZारा कािरत अपराध संXेय एवं गंभीर Šकृ ित का है, इसिलए अिभयुǘ को जमानत पर न छोíा जाय।
6.
उभय पW के िवDZान अिधवǘा के तकȍ के पिरŠेĨय एवं पśावली पर उपलĜध सारवान तĖयȋ एवं पिरिĥथितयȋ का समŎ ɴप से अवलोकन करने के बाद, सबूतȋ की Šकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधाĕमक सामŎी की अनुपिĥथित एवं उपलĜध सामŎी से छेíछाí की संभावना न होने के तĖय को देखते ɷए मेरी राय मȅ आवेदक को जमानत पर मुǘ करने का उपयुǘ आधार है।
7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटĚपणी िकए ɷए आवेदक को उपरोǘ विणत अपराध मȅ संबंिधत ęयायालय की संतुिǸ पर Dzिǘगत बंध-पś एवं अिधक धनरािश के दो ĥथानीय Šितभू Šĥतुत करने पर िनĞनिलिखत शतȍ के साथ जमानत पर छोí िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीWण के दौरान अिभयोजन साĨयȋ के साथ छेíछाí नहȂ करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािWयȋ व पीिíता/ िशकायतकताă को डरायेगा/धमकायेगा नहȂ।
2. आवेदक ęयायालय के आदेशȋ का पालन करेगा, वह परीWण के दौरान िबना कोई अनावģयक ĥथगन िलए िनयत ितिथ पर ęयायालय मȅ उपिĥथत होगा तथा परीWण मȅ ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की ĥवतंśता का ɭɴपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध मȅ िलĚत नहȂ होगा न कोई अपरािधक कृ ĕय करेगा।
4. आवेदक ŠĕयW या अŠĕयW ɴप से मामले के तĖयȋ से पिरिचत िकसी भी Dzिǘ या पुिलस अिधकािरयȋ को कोई Šलोभन या धमकी नहȂ देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उęहȅ ęयायालय मȅ तĖयȋ को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 8. उपरोǘ शतȍ मȅ से िकसी के उġलंघन के मामले मȅ, िवचारण ęयायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रǩ करने को ĥवतंś है। March 19, 2026 CP.sahani BAIL No. 6103 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad