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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 36272 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेिदका की ओर से धारा 528 भारतीय सुरक्षा संिहता के अंतगर्त यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 79/2025, अंतगर्त धारा 318(3), 61(2)(a) भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता व धारा 16(2)/17 पाक्सो एक्ट तथा धारा 67 आई.टी. एक्ट, थाना कीडगंज, िजला प्रयागराज में प्रेिषत आरोप से उद्भूत िवशेष परीक्षण सं० 1503/2025 (State of U.P. Vs. Khushbo Sonkar and others) में अपर सत्र न्यायाधीश/िवशेष न्यायाधीश, पाक्सो एक्ट, प्रयागराज द्वारा पािरत आदेश िद० 09.07.2026 व 23.07.2026 तथा इस वाद की संपूणर् कायर्वाही को िनरस्त करने हेतु योिजत िकया गया है।
2. सूचनाकतार्/पीिड़ता की ओर से वकालतनामा दािखल िकया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय।
3. आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता, सूचनाकतार्/पीिड़ता के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
4. आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता का तकर् है िक आवेदक के िवरुद्ध कोई अपराध प्रकट नहीं होता है और वतर्मान अिभयोजन दुभार्वनापूणर् इरादे से उत्पीड़न करने के उद्देश्य से संिस्थत िकया गया है। यहां प्रासंिगक है िक किथत पीिड़ता द्वारा अपने बयानों में आवेिदका के िवरूद्ध कोई िविशष्ट आरोप अिभकिथत नहीं िकया गया है, अिपतु मुख्य सहअिभयुक्त को सौपी गयी है।। पुनः उनके द्वारा अपने तकर् के समथर्न में कु छ दस्तावेजों और बयानों की ओर ध्यान आकिषत िकया।
5. सूचनाकतार्/पीिड़ता के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने कथन िकया िक प्रश्नगत मामलें में समुिचत िववेचना के उपरांत अिभयुक्ता के िवरूद्ध आरोप पत्र दािखल होने के उपरांत संबंिधत िवचारण न्यायालय द्वारा पयार्प्त आधार पर प्रश्नगत आदेश पािरत िकया है तथा वतर्मान आरोप भी प्रितपरीक्षण भी चुका है। इसिलए, अिभयुक्ता के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा प्रश्नगत आदेश को अपास्त करने हेतु जो तकर् प्रस्तुत िकए गए वे बलहीन है।
6. इस चरण पर, आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा उठाए गए तकर् में तथ्यात्मक िववाद का न्याियक िनणर्य (adjudication) और साक्ष्य का मूल्यांकन (appraisal) शािमल है।
7.
उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं एवं अिभलेख पर मौजूद सामग्री के अवलोकन से और इस चरण पर मामले के तथ्यों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता िक आवेिदका के िवरुद्ध कोई Versus Counsel for Applicant(s) : Rama Shankar Mishra Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Khushbo Sonkar .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
अपराध नहीं बनता है। बार (न्यायालय) के समक्ष िकए गए सभी अिभवचन (submissions) तथ्य के िववािदत प्रश्नों से संबंिधत हैं, िजनका इस न्यायालय द्वारा धारा 528 बी.एन.एन.एस. के अंतगर्त न्याियक िनणर्य नहीं िकया जा सकता है। इस चरण पर के वल प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला देखा जाना है, जैसा िक माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आर.पी. कपूर बनाम पंजाब राज्य, ए.आई.आर. 1960 एस.सी. 866, हिरयाणा राज्य बनाम भजन लाल, 1992 एससीसी (िक्रिमनल) 426, िबहार राज्य बनाम पी.पी. शमार्, 1992 एससीसी (िक्रिमनल) 192 और अंत में झंडू फामार्स्युिटकल वक्सर् िलिमटेड बनाम मोहम्मद शराफु ल हक एवं अन्य (पैरा-10) 2005 एससीसी (िक्रिमनल) 283 के मामलों में प्रितपािदत कानून के आलोक में स्पष्ट िकया गया है। इसिलए, इस मामले की संपूणर् कायर्वाही को िनरस्त करने की प्राथर्ना को अस्वीकार िकया जाता है।
8. तद्नुसार, यह आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है।
9. कायार्लय को िनदेर्श िदया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप संबंिधत अवर न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनिश्चत िकया जाय।
10. यिद इस वाद में कोई अंतिरम आदेश हो तो, उसे समाप्त समझा जाय। September 8, 2026 CP.sahani NA528 No. 36272 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad