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High Court of Chhattisgarh · body
2026 DAILYLAW 518 (CHH)
ROHIT SAO v. THE STATE OF CHHATTISGARH
CRMP/417/2026 · 2026-02-08
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2026
[ 2026 DAILYLAW 518 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 5 (Cr. M. P. No.-417 of 2026)
2026:CGHC:7169 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक
क्रमां%क
-417
/2026
1. र.ति/ सवे तिपु-तिमांथलश क मांर सवे, उम्र-लगभग 24 वेर्ष", ति5वेस -ग्रामां क 5क र , आदाश" 5गर, /स ल-क 5क र , जि9ल-9शपुर, छत्ती सगढ़
2. गलश्वेर रमां तिपु-रधेश्वेर, उम्र-लगभग 27 वेर्ष", ति5वेस -ग्रामां गढ़कटा, /स ल-क 5क र , जि9ल-9शपुर, छत्ती सगढ़ -----यातिचकक"गर्ण/आवेदाकगर्ण तिवेरूद्घ
1. छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार जि9ल दाजिधेकर , 9शपुर, जि9ल-9शपुर, छत्ती सगढ़,
2. पुजिलस अधे क्षक, 9शपुर, जि9ल-9शपुर, छत्ती सगढ़,
3. थ5 प्रभर , जिसटा क.वेल , 9शपुर, जि9ल-9शपुर, छत्ती सगढ़,
4. शभमां तिमांश्रा तिपु-तिदा5श तिमांश्रा, उम्र-लगभग 28 वेर्ष", ति5वेस -ग्रामां 9शपुर5गर, सन्ना र. , कE पु पु5 भर क पु छ, 9शपुर, जि9ल-9शपुर, छत्ती सगढ़ -----प्रत्याथGगर्ण/अ5वेदाकगर्ण यातिचकक"गर्ण/आवेदाकगर्ण द्वार : श्रा श्रा क% कIतिशक, अजिधेवेक्ता । प्रत्याथG/अ5वेदाक क्रमां%क-1 स 3 द्वार : श्रा सतिमां जिस%/, उपु मां/जिधेवेक्ता । प्रत्याथG/अ5वेदाक क्रमां%क-4 द्वार : सMच5 प्रतिर्ष 5/N । मां55 या न्यायामांMति" श्रा स%9या क मांर 9यासवेल
, न्यायाधे श
POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.02.11 17:10:46 +0530
2 / 5 (Cr. M. P. No.-417 of 2026) !! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 09/02/2026
1. प्रर%तिभक स्र पुर उपुण्डिस्थ पुक्ष क क" श्रावेर्ण तिकया गया ।
2. भर या 5गरिरक सरक्ष स%ति/, 2023 क धेर 528 क / प्रस् इस यातिचक मांV, पु5र क्षर्ण न्यायालया-अपुर सत्र न्यायाधे श, 9शपुर, जि9ल-9शपुर, छत्ती सगढ़ द्वार दाण्डिक पु5र क्षर्ण क्रमां%क-10/2025 “र.ति/ सवे वे अन्या तिवेरुद्ध छत्ती सगढ़ रज्या” मांV पुरिर आदाश तिदा5%क-06/08/2025 क. च5I दा गई /] । उक्ता आदाश द्वार यातिचकक"गर्ण क पु5र क्षर्ण आवेदा5 ति5रस् तिकया गया, 9. मांख्या न्यातियाक मांजि9स्टा_टा, 9शपुर, जि9ल-9शपुर, छत्ती सगढ़ द्वार तिदा5%क 14/10/2024 क. धेर 156(3) दा प्रतिक्रया स%ति/ क अ%ग" प्रस् आवेदा5 क ति5रस् करर्ण क तिवेरुद्ध दायार तिकया गया थ ।
3. यातिचकक"गर्ण क धेर-156(3) दा प्रतिक्रया स%ति/ क / प्रस् आवेदा5 स%क्षपु मांV इस आशया क थ तिक अ5वेदाक शभमां तिमांश्रा 5 9शपुर जि9ल क अ5क व्यातिक्तायाc स 5Iकर
तिदाल5 क 5मां पुर छलपुMवे"क कई लख रुपुया लकर फ9G ति5यातिक्ता-पुत्र 9र तिकए । इस स%%धे मांV पुजिलस मांV तिशकया क गई, तिक% पुजिलस द्वार क.ई कया"वे/ 5 तिकए 95 पुर धेर-156(3) दा प्रतिक्रया स%ति/ क / न्यायालया मांV आवेदा5 प्रस् कर या/ ति5वेदा5 तिकया गया तिक पुजिलस क. प्रथमां सMच5 पुत्र दा9" कर आवेश्याक कया"वे/ कर5 / ति5दाgतिश तिकया 9ए । उक्ता आवेदा5 क.
तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार ति5रस् कर तिदाया गया ।
4. तिवेचरर्ण न्यायालया थ पु5र क्षर्ण न्यायालया द्वार ति5रस् क आधेर या/ र/ तिक भर या 5गरिरक सरक्ष स%ति/, 2023 तिदा5%क-01/07/2024 स प्रभवे मांV आ चक /] । यातिचकक"गर्ण 5 धेर-156(3) दा प्रतिक्रया स%ति/ क / तिवेचरर्ण न्यायालया क
3 / 5 (Cr. M. P. No.-417 of 2026) समांक्ष आवेदा5 तिदा5%क-04/09/2024 क., अथ" स%ति/ क प्रभवे मांV आ5 क पुश्च प्रस् तिकया थ । अh धेर-173 भर या 5गरिरक सरक्ष स%ति/, 2023 क प्रवेधे5 लगM /. /i । धेर-173(4) भर या 5गरिरक सरक्ष स%ति/, 2023 क उपु%धे क अ5सर, 9 पुजिलस थ5 क भरसधेक अजिधेकर द्वार यातिचकक"गर्ण क तिशकया अतिभजिलजिख कर5 स इ%कर कर तिदाया गया थ, यातिचकक"गर्ण क. उक्ता उपु%धे क अ5सर सMच5 क सर जिलजिख रूपु मांV क द्वार स%%जिधे पुजिलस अधे क्षक क. भ95 चति/ए थ, जि9सक पुल5 यातिचकक"गर्ण द्वार 5/N तिकया गया । सथ / , मां55 या उच्चमां न्यायालया द्वार न्यायादृष्टां% र%9 जिस%/ टा वे अन्या तिवेरुद्ध च% गढ़ क न्द्र शजिस प्रदाश वे अन्या, दाण्डिक अपु ल क्रमां%क-4313/2024, पुरिर ति5र्ण"या तिदा5%क- 06/03/2025 मांV व्याक्ता अतिभमां क आल.क मांV, प्रवेधे5c क तिवेजिधेसम्मां पुल5 5 तिकए 95 क करर्ण आवेदा5 ति5रस् तिकया ।
5. या/ ण्डिस्थति स्पुष्टां /] तिक धेर-156(3) दा प्रतिक्रया स%ति/ क आवेदा5 तिदा5%क- 04/09/2024 क. प्रस् तिकया गया थ । या/ भ स्पुष्टां /] तिक भर या 5गरिरक सरक्ष स%ति/, 2023 तिदा5%क-01/07/2024 स प्रभवे मांV आ चक थ , जि9सक पुश्च उक्ता आवेदा5 न्यायालया क समांक्ष प्रस् तिकया गया ।
6. भर या 5गरिरक सरक्ष स%ति/, 2023 क धेर-173(4) क प्रवेधे5 ति5म्55सर /]h-
“173. स%ज्ञेया मांमांलc मांV सMच5- (1) xxxxx (2) xxxxx (3) xxxxx
4 / 5 (Cr. M. P. No.-417 of 2026) (4) क.ई व्यातिक्ता, 9. तिकस पुजिलस थ5 क भरसधेक अजिधेकर क उपुधेर (1) मांV ति5तिदा"ष्टां सMच5 क. अतिभजिलजिख कर5 स इन्कर कर5 स व्याजिथ /] ऐस सMच5 क सर जिलजिख रूपु मांV और क द्वार स%द्ध पुजिलस अधे क्षक क. भ9 सक /] 9., यातिदा उसक या/ समांधे5 /. 9 /] तिक ऐस सMच5 स तिकस स%ज्ञेया अपुरधे क तिकया 95 प्रकटा /. /] ., या . स्वेया% मांमांल क अन्वेर्षर्ण करग या अपु5 अधे 5स्थ तिकस पुजिलस अजिधेकर द्वार इस स%ति/ द्वार उपुण्डिन्धे र ति मांV अन्वेर्षर्ण तिकए 95 क ति5दाश दाग और उस अजिधेकर क.
उस अपुरधे क सम्न्धे मांV पुजिलस थ5 क भरसधेक अजिधेकर क सभ शतिक्ताया% /cग ; जि9सक 5 /. सक5 पुर, ऐस व्याजिथ व्यातिक्ता, मांजि9स्टा_टा क. आवेदा5 कर सक ग ।"
7. उपुया"क्ता प्रवेधे5 क आल.क मांV या/ पुरिरलतिक्ष /. /] तिक 9 थ5 क भरसधेक अजिधेकर द्वार यातिचकक"गर्ण क तिशकया पुर क.ई कया"वे/ 5/N क गई थ , यातिचकक"गर्ण क. सMच5 क सर जिलजिख रूपु मांV क द्वार स%%जिधे पुजिलस अधे क्षक क. प्रतिर्ष कर5 चति/ए थ, 9. उन्/c5 5/N तिकया ।
8. इस प्रकर, अतिभलख मांV उपुलब्धे समांस् थ्या एवे% पुरिरण्डिस्थतियाc क. दृतिष्टांग रख /vए, तिवेचरर्ण न्यायालया एवे% पु5र क्षर्ण न्यायालया द्वार पुरिर प्रश्5धे 5 आदाश मांV क.ई अवे]धे अथवे त्रतिटा पुरिरलतिक्ष 5/N /. /] । अh उसमांV /स्क्षपु तिकए 95 क आवेश्याक 5/N पुई 9 । यातिचकक"गर्ण क. अ भ या/ तिवेकल्पु उपुलब्धे /] तिक वे सक्षमां न्यायालया मांV पुरिरवेदा प्रस् कर सक /i ।
9. ऐस दाश मांV इस मांमांल मांV भर या 5गरिरक सरक्ष स%ति/ क धेर-528 मांV प्रदात्ती अ%ति5"ति/ शतिक्तायाc क उपुया.ग क आवेश्याक पुरिरलतिक्ष 5/N /. /] । अh या/ यातिचक प्रर%तिभक स्र पुर खरिर9 क 9 /] ।
5 / 5 (Cr. M. P. No.-417 of 2026)
10. रजि9स्टा_ क. ति5दाgतिश तिकया 9 /] तिक इस आदाश क प्रति याथश घ्र तिवेचरर्ण न्यायालया क. सMच5थ" प्रतिर्ष तिकया 9ए ।
11. उपुर.क्ता5सर, इस दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क ति5रकरर्ण तिकया 9 /] । स/ /- (स%9या क मांर 9यासवेल) न्यायाधे श पु.मां5