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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 511 (ALL)

MOHAMMAD AADIL v. STATE OF U.P.

BAIL/9295/2026 · 2026-03-17

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 9295 of 2026 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. सूची पुनरीिWत वतăमान दािĔडक Šकीणă जमानत Šाथăना पś आवेदक मो. आिदल की ओर से मु०अ०सं० 302/2025, अęतगăत धारा धारा-64/ 123 बी.एô.एस. एवं 66ई आई.टी. एĆट थाना- नौचĔडी, िजला मेरठ मȅ जमानत पर मुǘ करने हेतु Šĥतुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवDZान अिधवǘा ने तकă Šĥतुत िकया िक आवेदक को इस Šकरण मȅ गलत एवं फजȃ ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहȂ िकया है। सने पीिडता के साथ बलाĕकार की घटना कािरत की है। उसकी पीिडता के साथ िरģते की बात चली थी पंरतु वादनी मुकदमा ता की गलत हरकतȋ से तंग आकर िरģते वाली बात खĕम हो गयी थी इसी नरण पीिडता ने यह झूठा मुकदमा कायम करा िदया। उसने पीिडता को कोई नशीला पदाथă नही िपलाया। उसको शादी से इंकार करने पर झूठा फं साया गया है। उसने पीिडता के मोबाइल से कोई फोटो नहȂ बनाये न ही िकसी को भेजे। घटना 2022-2023 की बताई गयी है और सोच समझकर 2025 मȅ मनगढत तĖयȋ पर मुकदमा कायम करा िदया गया है। उसका के स से कोई सĞबध नही है। Šाथȃ/अिभयुǘ िकसी भी सह अिभयुǘ को नहȂ जानता न ही पहले िकसी से िमला है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आǶासन िदया गया है िक वह कानून की ŠिŌया मȅ सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवģयकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समW खुद को उपलĜध कराएगा और उन सभी शतȍ को ĥवीकार करने के िलए भी तैयार है जो ęयायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदȌष है तथा वह इस Šकरण मȅ िद० 14.10.2025 से कारागार मȅ िनɳǪ है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोí िदया जाय। 4. Versus Counsel for Applicant(s) : Kushagra Srivastava, Shahrukh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Mohammad Aadil .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा ने अिभयुǘ के जमानत का Šबल िवरोध करते ɷए तकă Šĥतुत िकया िक 4. पीिíता ने अपने धारा 180 बी.एन.एस. एवं धारा 183 बी.एन.एस. के बयानȋ मȅ कथन िकया िक िसतĞबर अĆटूबर (िदनाँक याद नहȂ) 2022 मȅ आिदल ने मुझे हापुí अǠे पर िमलने के िलए बुलाया। आिदल मुझे होटल डायमंड, शोहराव गेट बस अǠे के पास एक कमरे मȅ ले गया। वहाँ आिदल ने एक कमरा बुक िकया और कमरे मȅ जाकर मुझे एक कोġड िŘक िपलाई। कोġड िŘक पीते ही मुझे होश नहȂ रहा। बेहोशी मȅ आिदल ने मेरी मजȃ के िवɳǪ मेरे कपडे उतारकर मेरा बलाĕकार िकया और नĈन अवĥथा 2 मेरी फोटो और वीिडयो बनाई। आिदल उęही फोटो और वीिडयȋ को िदखाकर मुझे Ĝलैकमेल करके लगभग 7-8 बार बुलाया। डर की वजह से मȅ चली जाती थी। आिदल ने इंĥŖाŎाम पर मेरे नाम से आई०डी० भी बनाई थी। अĆटूबर 2023 के बाद भी आिदल लगातार Ĝलैकमेल करके बुलाता था, लेिकन मȈने जाना बंद कर िदया। मुझे फोटो व वीिडयो वायरल करने का डर हमेशा से था परęतु मैने जाना बंद कर िदया था Ćयोिक आिदल हमेशा मेरे साथ जबरदĥती संबंध बनाता और मुझसे शादी करने से भी इंकार कर िदया था। मेरी शादी िद० 14.06.2025 को नािजम पुś अनवर अली के साथ ɷई है। आिदल ने मेरी शादी के बाद अगĥत 2025 मȅ मेरे पित नािजम के फोन पर मेरे मैसेज फोटो व वीिडयो भेजी इससे पहले वषă 2024 मȅ अगĥत के महीने मȅ जहाँ मȅ नौकरी करती थी। वहाँ आिदल मुझे परेशान करता था। तथािकथत घटना मȅ मुćय भूिमका आवेदक एवं सहिअभयुǘ आशीष िसघल की है। आवेदक DZारा कािरत अपराध गंभीर व जघęय Šकृ ित का है। इसिलए, अिभयुǘ को जमानत पर पर न छोíा जाय। 5. वतăमान मामले मȅ जमानत संबंधी िविध के ĥथािपत िसǪांतȋ को Ęयान मȅ रखते ɷए एवं उभय पWकारȋ के िवDZान अिधवǘाɛ के कथनȋ, आरोपȋ की Šकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलȅ के इस तĖय को Ęयान मȅ रखते ɷए गुण-दोष पर िबना कोई िवचार Dzǘ िकए यह जमानत आवेदन पś ĥवीकार िकए जाने योĈय नहȂ है। अतः यह जमानत आवेदन पś अĥवीकार िकया जाता है। 6. तėनुसार, यह जमानत आवेदन पś िनरĥत िकया जाता है। March 18, 2026 S.Mishra BAIL No. 9295 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad