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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 494 (ALL)

SUNIL KUMAR KUSHWAHA v. STATE OF U.P.

BAIL/9255/2026 · 2026-03-17

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 9255 of 2026 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. सूची पुनरीिWत वतăमान दािĔडक Šकीणă जमानत Šाथăना पś, आवेदक सुनील कु मार की ओर से मु.अ.सं० 102/2025 अęतगăत धारा 64(2)एफ/ 64(2)(एम)/ 351(2) बी.एô.एस. 2023, थाना कै िलया, िजला जालौन मȅ जमानत पर मुǘ करने हेतु Šĥतुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवDZान अिधवǘा ने तकă Šĥतुत िकया िक आवेदक को इस Šकरण मȅ गलत एवं फजȃ ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहȂ िकया है। Šथम सूचना िरपोटă के अनुसार घटना िदनांक 04.01.2025 की होने का कथन िकया गया है जबिक Šथम सूचना िरपोटă के अवलोकन से यह दिशत होता है िक पीिíता DZारा िदनांक 28.08.2025 को Šथम सूचना िरपोटă दजă कराने की कोिशश की गयी लगभग 7 महीन पीिíता DZारा कोई िशकायत िकसी थाने मȅ दजă नहȂ करायी गयी। उǘ िवलĞब का समुिचत ĥपǸीकरण पीिíता DZारा Šथम सूचना िरपोटă मȅ दजă नहȂ कराया गया। पीिíता DZारा Šथम सूचना िरपोटă एवं अंतगăत धारा 180/183 बी.एô.एस.एस. मȅ वीिíयो वायरल करने का कथन िकया गया जबिक उǘ के संबंध मȅ कोई भी फोटो व वीिíयȋ पśावली पर उपलĜध नहȂ है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आǶासन िदया गया है िक वह कानून की ŠिŌया मȅ सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवģयकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समW खुद को उपलĜध कराएगा और उन सभी शतȋ को ĥवीकार करने के िलए भी तैयार है जो ęयायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदȌष है तथा वह इस Šकरण मȅ िद० 17.01.2026 से कारागार मȅ िनɳǪ है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोí िदया जाय। 4. िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा ने आवेदक के िवDZान अिधवǘा के तकȌ का Šबल िवरोध करते ɷए तकă Šĥतुत िकया िक आवेदक DZारा कािरत अपराध संXेय एवं गंĞभीर Šकृ ित का है, Versus Counsel for Applicant(s) : Jaya Goswami, Rajiv Kumar Tripathi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Sunil Kumar Kushwaha .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोíा जाये। 5. आवेदक के िवDZान अिधवǘा के तकȍ के पिरŠेĨय Šģनगत Šकरण मȅ पśावली पर उपलĜध सारवान तĖयȋ एवं पिरिĥथितयȋ का समŎ ɴप से अवलोकन करने के बाद, सबूतȋ की Šकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधाĕमक सामŎी की अनुपिĥथित एवं उपलĜध सामŎी से छेíछाí की संभावना न होने के तĖय को देखते ɷए मेरी राय मȅ आवेदक को जमानत पर मुǘ करने का उपयुǘ आधार है। 6. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटĚपणी िकए ɷए आवेदक को उपरोǘ विणत अपराध मȅ संबंिधत ęयायालय की सęतुिǸ पर Dzिǘगत बंध-पś एवं अिधक धनरािश के दो ĥथानीय Šितभू Šĥतुत करने पर िनĞनिलिखत शतȍ के साथ जमानत पर छोí िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीWण के दौरान अिभयोजन साĨयȋ के साथ छेíछाí नहȂ करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािWयȋ व पीिíता/ िशकायतकताă को डरायेगा/धमकायेगा नहȂ। 2. आवेदक ęयायालय के आदेशȋ का पालन करेगा, वह परीWण के दौरान िबना कोई अनावģयक ĥथगन िलए िनयत ितिथ पर ęयायालय मȅ उपिĥथत होगा तथा परीWण मȅ ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की ĥवतंśता का ɭɴपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध मȅ िलĚत नहȂ होगा न कोई अपरािधक कृ ĕय करेगा। 4. आवेदक ŠĕयW या अŠĕयW ɴप से मामले के तĖयȋ से पिरिचत िकसी भी Dzिǘ या पुिलस अिधकािरयȋ को कोई Šलोभन या धमकी नहȂ देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उęहȅ ęयायालय मȅ तĖयȋ को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. उपरोǘ शतȍ मȅ से िकसी के उġलंघन के मामले मȅ, परीWण ęयायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रǩ करने को ĥवतंś है। March 18, 2026 S.Mishra BAIL No. 9255 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad