Research › Search › Judgment
High Court of Chhattisgarh · body
2026 DAILYLAW 4365 (CHH)
GOLU KAIWARTYA v. STATE OF CHHATTISGARH
CRA/543/2026 · 2026-03-26
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2026
[ 2026 DAILYLAW 4365 (CHH) · dailylaw.ai ]
[ 2026 DAILYLAW 4365 (CHH) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
1 / 4 (Cr. A. No.-543 of 2026)
2026:CGHC:14591 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक अपु ल
क्रमां"क
-543
/2026
ग+ल, क- वेर्त्यया/ तिपु-स्वेग1या स+नसिंस"ह क- वेर्त्यया/, उम्र-लगभग 35 वेर्ष/, तिनवेस -तिल्दा (:गर), पुसिंलस थान-लवेन, सिं=ल-ल>दा=र-भटापुर, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा1/अतिभयाक्त तिवेरूद्घ छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार सिं=ल दासिंEकर , ल>दा=र, सिं=ल-ल>दा=र- भटापुर, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /रज्या अपु लथा1/अतिभयाक्त द्वार : श्री सन ल सहH, असिंEवेक्त । रज्या/उत्तीरवेदा द्वार : सश्री स्वेति र= गप्ता, पु-नल असिंEवेक्त । न्यायामां,ति/ श्री स"=या क मांर =यासवेल !! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 27/03/2026
1. उभयापुक्ष क क/ श्रीवेण तिकए गए ।
2. Eर 14(क)( ) i अनस,तिच =ति एवे" अनस,तिच =न=ति (अर्त्ययाचर तिनवेरण) असिंEतिनयामां, 1989 (सिं=स आग स"क्षपु मांW "तिवेशर्ष असिंEतिनयामां" कह गया ह-) क अ"ग/ POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.03.27 17:32:05 +0530
2 / 4 (Cr. A. No.-543 of 2026) प्रस् इस अपु ल मांW तिवेचरण न्यायालया-तिवेशर्ष न्यायाE श (तिवेशर्ष असिंEतिनयामां), ल>दा=र, छत्ती सगढ़ द्वार तिवेशर्ष सत्र प्रकरण क्रमां"क-28/2025 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरूद्घ ग+ल, क- वेर्त्यया/” मांW तिदान"क-01/01/2026 क+ अपु लथा1 पुर तिवेरतिच आर+पु पुत्र क+ चन> दा गई ह- । उक्त आदाश क+ आग स"क्षपु मांW “प्रश्नE न आदाश” स स"+सिंE तिकया = रह ह- ।
3.
अतिभया+=न मांमांल इस आशया क ह- तिक घटान तिदान"क 30/03/2025 क+ रतित्र लगभग 08:30 =, 50 वेर्ष1या तिवेवेतिह अतिभया+क्त्र अपुन घर क द्वार (दावेर ) मांW -ठकर अपुन नति-नतिन: क+ खेल रह था , भ अपु लथा1/अतिभयाक्त वेह" आया और ज्= करन कc तिनया स उसक हथा पुकड़कर उस घस टा हeए याह कह हeए तिक “म्हर पुति नहg ह-, मांh म्हW अपुन पुर्त्यन नऊं" ग”, उस अ"Eर मांW खेgचकर ल =न लग । इस दा>रन उसन अतिभया+क्त्र क शर र क+ स्पुश/ कर उसकc लज्= भ"ग कc, उसकc कलई मांर+ड़ दा
था तिचल्लान पुर उसक मां"ह दा तिदाया । सथा ह , उसन =तिस,चक एवे" अपुमांन=नक शब्दा: क प्रया+ग तिकया । अतिभया+क्त्र द्वार आवे= लगन पुर उसक पुत्र वेह" आया, सिं=स भ अपु लथा1/अतिभयाक्त द्वार =तिस,चक अश्ल ल गसिंलया" दा गई", =न स मांरन कc Eमांकc दा गई था उसक सथा मांरपु टा कc गई । उक्त घटान क+ अन्या सतिक्षया: द्वार भ
दाखे गया । सिंलसिंखे रिरपु+टा/ क आEर पुर तिदान"क 31/03/2025 क+ थान लवेन, सिं=ल ल>दा=र मांW प्रथामां स,चन पुत्र दा=/ कc गई । अतिभया+क्त्र क तिचतिकर्त्यस या पुर क्षण करया गया, सतिक्षया: क कथान दा=/ तिकए गए, =ति प्रमांणपुत्र =ब् तिकया गया था मां>क नक्श -यार तिकया गया । स"पु,ण/ तिवेवेचन उपुर" अतिभया+गपुत्र न्यायालया मांW प्रस् तिकया गया ।
4. “प्रश्नE न आदाश” क अ"ग/ उभयापुक्ष क+ सनन क उपुर" तिवेचरण न्यायालया द्वार अपु लथा1/अतिभयाक्त क तिवेरुद्ध भर या न्याया स"तिह, 2023 कc Eर 74, 296,
3 / 4 (Cr. A. No.-543 of 2026) 351(3), 115(2) था तिवेशर्ष असिंEतिनयामां कc Eर 3(1)(दा), 3(1)(E), 3(2)(vक) क अ"ग/ आर+पु तिवेरतिच तिकए गए हh, सिं=न्हW इस अपु ल मांW चन> दा गई ह- ।
5. अपु लथा1/आवेदाक क तिवेद्वान असिंEवेक्त क क/ ह- तिक वे/मांन प्रकरण मांW तिवेशर्ष असिंEतिनयामां क प्रवेEन आकतिर्ष/ नहg ह+ हh । ऐस ण्डिस्थाति मांW तिवेशर्ष असिंEतिनयामां क अ"ग/ तिवेरतिच आर+पु तिवेसिंEसम्मां नहg हh एवे" ण्डिस्थार रखे =न या+ग्या नहg हh । अp अपु ल स्वे कर कर अपु लथा1/अतिभयाक्त क+ तिवेशर्ष असिंEतिनयामां क आर+पु स उन्मांक्त तिकया =ए ।
6.
उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वान असिंEवेक्त न अपु ल क तिवेर+E कर हeए क/ तिकया ह- तिक प्रकरण मांW अपु लथा1/अतिभयाक्त क तिवेरुद्ध सिंलसिंखे तिशकया पुर अपुरE दा=/ ह- । प्रथामांदृष्टया अतिभलखे मांW उपुलब्E समांग्री स अपु लथा1/अतिभयाक्त क तिवेरूद्घ तिवेशर्ष असिंEतिनयामां क अ"ग/ अपुरE तिनतिमां/ ह+न प्र ह+ ह- । अp तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर “प्रश्नE न आदाश” उतिच एवे" तिवेसिंEसम्मां ह-, सिं=समांW तिकस प्रकर क हस्क्षपु कc आवेश्याक नहg ह- । अp प्रस् अपु ल खेरिर= तिकया =ए ।
7. अतिभलखे क पुरिरश लन तिकया गया । अतिभया+गपुत्र कc प्रतिसिंलतिपु अतिभलखे पुर उपुलब्E ह- । उसमांW स"लग्न सिंलसिंखे तिशकया क अवेल+कन स याह स्पुष्ट ह+ ह- तिक प्रथामां अवेसर पुर ह
प्रथा1 पुक्ष द्वार याह आर+पु लगया गया था तिक अपु लथा1 न =ति तिवेशर्ष क स""E मांW अश्ल ल एवे" अपुमांन=नक शब्दा: क प्रया+ग कर अपुरE करिर तिकया ह- । सथा ह , तिवेवेचन क दा>रन पुसिंलस द्वार अतिभया+क्त्र क =ति प्रमांणपुत्र भ =ब् तिकया गया ह-, सिं=सक अनसर वेह अनस,तिच =ति वेग/ कc सदास्या ह- ।
8. स"पु,ण/ अतिभलखे क पुरिरश लन स याह पुया = ह- तिक तिवेचरण न्यायालया द्वार =+ आर+पु तिवेरतिच तिकया गया ह- उसमांW क+ई अवे-E अथावे अशद्घ पुरिरलतिक्ष नहg ह+ ह-,
4 / 4 (Cr. A. No.-543 of 2026) अपु लथा1/अतिभयाक्त पुक्ष क क/ स्वे कर या+ग्या नहg पुया = । “प्रश्नE न आदाश” मांW हस्क्षपु तिकए =न कc आवेश्याक नहg पुई = । अp अपु ल प्रर"तिभक स्र पुर खेरिर= कc = ह- ।
9. रसिं=स्टाu क+ तिनदाvतिश तिकया = ह- तिक इस आदाश कc प्रति याथाश घ्र तिवेचरण न्यायालया क+ स,चनथा/ प्रतिर्ष तिकया =ए । सह /- (स"=या क मांर =यासवेल) न्यायाE श पोमन