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High Court of Chhattisgarh · body
2026 DAILYLAW 4297 (CHH)
RAHUL SINGH v. STATE OF CHHATTISGARH
CRA/219/2026 · 2026-02-16
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2026
[ 2026 DAILYLAW 4297 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 7 (Cr. A. No.219 of 2026)
2026:CGHC:8581 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक अपु ल
क्रमां"क
-219
/2026
1. रहु+ल सिंस"हु तिपु-प्रकश सिंस"हु ग.मां, उम्र-लगभग 37 वेर्ष4, ति5वेस -ग्रामां घुरू-अमांर , पुसिंलस था5-सकर , सिं:ल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़,
2. ऋर: "सल तिपु-स्वेग=या स श क मांर "सल, उम्र-लगभग 42 वेर्ष4, ति5वेस -तिमांश5 कम्पुउ", पुसिंलस था5-खपुर, सिं:ल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़, -----अपु लथा=गण/अतिभयाक्तगण तिवेरूद्घ छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार था5 प्रभर , पुसिंलस था5-सकर , सिं:ल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /रज्या अपु लथा=गण/अतिभयाक्तगण द्वार : श्री मां5 र्ष ति5गमां, असिंHवेक्त एवे" श्री हुमां" क शरवे5
असिंHवेक्त । आपुसिंत्तीक4/तिशकयाक4 द्वार : श्री अ:या क मांर रिरक, असिंHवेक्त । रज्या/उत्तीरवेदा द्वार : श्री सतिमां सिंस"हु, उपु मांहुसिंHवेक्त । मां55 या न्यायामांMति4 श्री स":या क मांर :यासवेल
, न्यायाH श
!! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 17/02/2026 POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.02.18 14:35:00 +0530
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1. Hर 14(क)( ) ii अ5सMतिच :ति एवे" अ5सMतिच :5:ति (अत्याचर ति5वेरण) असिंHति5यामां, 1989 (सिं:स आग स"क्षेपु मांU "तिवेशर्ष असिंHति5यामां" कहु गया हुW) क अ"ग4 प्रस् इस अपु ल मांU, तिवेचरण न्यायालया-तिवेशर्ष न्यायाH श (तिवेशर्ष असिंHति5यामां), तिलसपुर, सिं:ल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़ द्वार पुसिंलस था5-सकर , सिं:ल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़ क अपुरH क्रमां"क-241/2018 अ"ग4 Hर 420, 467, 468, 471, 120- भर या दा स"तिहु था तिवेशर्ष असिंHति5यामां कY Hर 3(1)(च)(दा) क अपुरH मांU अपु लथा=गण/अतिभयाक्तगण द्वार प्रस् :मां5 आवेदा5 क ति5रस् आदाश तिदा5"क- 11/11/2025 क[ च5. दा गई हुW ।
2.
( )i अतिभया[:5 क मांमांल, स"क्षेपु मांU, इस प्रकर हुW तिक तिपुपुरहु ":र, :[ अ5सMतिच :ति वेग4 क सदास्या रहु उसकY ग्रामां घुरू मांU लगभग 1.86 एकड़ क_ तिर्ष भMतिमां था । मांख्या अतिभयाक्त रहु+ल सिंस"हु ग.मां (अपु लथा= क्रमां"क-1) 5 सति5या[सिं: ढं"ग स तिपुपुरहु ":र क[ उसकY भMतिमां असिंHक मांMल्या पुर तिवेक्रया कर5 क प्रल[भ5 तिदाया था इस आशया स उसक भMतिमां स""H दास्वे:, मांदा पुरिरचया-पुत्र, dक ख तिवेवेरण, फो[टो[ग्राफो आतिदा प्रप्त कर सिंलए । उक्त दास्वे:h क आHर पुर तिकस अन्या व्यातिक्त क[ तिपुपुरहु ":र क रूपु मांU प्रस् कर तिदा5"क 06.04.2017 क[ अपु5 पुक्षे मांU मांख्यार5मां (पुवेर ऑफो अटोk5=) प्रप्त कर सिंलया । उक्त कसिंथा फो:= मांख्यार5मां क सक्षे सहु अतिभयाक्त रक श चवेlदा
था सहु-अतिभयाक्त ऋर: "सल था । इसक पुश्च मांख्या अतिभयाक्त रहु+ल सिंस"हु ग.मां 5 उक्त मांख्यार5मां क आHर पुर तिपुपुरहु ":र कY भMतिमां क[ 5 भगh मांU तिवेभसिं: कर पु_थाक-पु_थाक पु": क_ तिवेक्रया तिवेलखh क मांध्यामां स तिवेक्रया कर H5रतिश प्रप्त कY ।
3 / 7 (Cr. A. No.219 of 2026) ( ) ii प्रथामां तिवेक्रया तिवेलख तिदा5"क 06.04.2017 क[ सहु-अतिभयाक्त शतिश क मांर स[5
(अतिग्रामां :मां5 पुर), ऋर्ष र: र:क क पुक्षे मांU ति5ष्पुतिदा तिकया गया, सिं:सक सक्षे
सहु-अतिभयाक्तगण सH"श र:क मांर (फोरर) एवे" तिस5 क मांर यादावे (ति5यातिमां :मां5 पुर) था । ( iii) तिद्वा या तिवेक्रया तिवेलख तिदा5"क 20.04.2017 क[ सहु-अतिभयाक्त शभमां मां:Mमांदार (अतिग्रामां :मां5 पुर) क पुक्षे मांU ति5ष्पुतिदा तिकया गया, सिं:सक सक्षे सहु-अतिभयाक्तगण अति5मांर्ष शक्ल (अतिग्रामां :मां5 पुर) एवे" ईश5 तित्रपुठ (अतिग्रामां :मां5 पुर) था । ( iv) _ या तिवेक्रया तिवेलख तिदा5"क 06.05.2017 क[ सहु-अतिभयाक्त शतिश क मांर स[5
(अतिग्रामां :मां5 पुर) एवे" ऋर्ष र: र:क (अतिग्रामां :मां5 क अतिभयाक्त/अपु लथा=) क पुक्षे मांU ति5ष्पुतिदा तिकया गया, सिं:सक सक्षे रक श चवेlदा (ति5यातिमां :मां5 क अतिभयाक्त/अपु लथा=) एवे" मांक श सहुq (ति5यातिमां :मां5 पुर) था । ( ) v पुश्च मांU : तिपुपुरहु ":र क[ पुटोवेर स याहु :5कर प्रप्त हु+ई तिक उसक 5मां दा:4 भMतिमां क तिवेक्रया तिकया : रहु हुW, उस5 पुस: कर न्यायालया मांU दा प्रतिक्रया स"तिहु कY Hर 156(3) क अ"ग4 आवेदा5 प्रस् तिकया । न्यायालया क ति5दाlश5सर था5 सकर मांU तिदा5"क 14.08.2018 क[ प्रथामां सMच5 पुत्र दा:4 कर तिवेवेच5 उपुर" अतिभया[गपुत्र प्रस् तिकया : चक हुW ।
3.
अपु लथा=गण/अतिभयाक्तगण क तिवेद्वा5 असिंHवेक्त क क4 हुW तिक अपु लथा=गण तिदा5"क 14.11.2025 स न्यातियाक अतिभरक्षे मांU ति5रुद्ध हुd । कसिंथा घुटो5 वेर्ष4 2017 कY हुW, :तिक अपुरH क पु": या5 वेर्ष4 2018 मांU तिकया गया । सथा हु , मां55 या उच्च न्यायालया द्वार
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CRMP No 1952/2018, 1770/2018, 1776/2018, 1884/2018, 2006/
2018 एवे" 1881/2018 मांU पुरिर आदाशh क फोलस्वेरूपु दा घु4 अवेसिंH क तिवेवेच5 स्थातिग रहु । असिंHवेक्त द्वार याहु भ क4 तिकया गया तिक प्रकरण मांU अतिभया[गपुत्र प्रस् तिकया : चक हुW, सक्ष्या क[ प्रभतिवे कर5 कY आश"क 5हुu हुW । तिवेचरण मांU समांया लग5 कY स"भवे5 हुW । अपु लथा=गण कY कसिंथा अपुरH मांU क[ई प्रत्याक्षे अथावे सतिक्रया स"सिंलप्त 5हुu हुW । तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर प्रश्5H 5 आदाश उतिच 5हुu हुW । अv प्रश्5H 5 आदाश क[ अपुस् कर हु+ए अपु ल स्वे कर कY :ए था अपु लथा=गण/अतिभयाक्तगण क[ ति5यातिमां :मां5 पुर रिरहु तिकए :5 क आदाश पुरिर तिकया :ए ।
4. उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वा5 असिंHवेक्त 5 अपु लथा= ऋर: "सल कY अपु ल क तिवेर[H कर हु+ए याहु क4 तिदाया तिक अपु लथा= क मांमांल सहु-अतिभयाक्त रक श चवेlदा क समांरूपु हुW, क्याhतिक दा[5h हु उस कसिंथा मांख्त्यार5मां क सक्षे रहु हुd, सिं:सक आHर पुर मांख्या अतिभयाक्त/अपु लथा= रहु+ल सिंस"हु ग.मां द्वार पु तिड़ तिपुपुरहु ":र (मां_क) कY भMतिमां क[ छलपुMवे4क तिवेक्रया कर तिदाया गया । अपु लथा= ऋर: "सल क तिवेरुद्ध दा[ पुMवे4 आपुरसिंHक प्रकरण दा:w4 हुd । अv अपु लथा= कY सतिक्रया भMतिमांक रहु हुW । सिं:सक करण अपु लथा=/अतिभयाक्त ऋर: "सल क[ ति5यातिमां :मां5 क लभ प्रदा5 तिकया :5 उतिच 5हुu हुW । अv :मां5 स""H प्रस् अपु ल खरिर: कY :ए ।
5. उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वा5 असिंHवेक्त 5 अपु लथा=/अतिभयाक्त रहु+ल सिंस"हु ग.मां कY अपु ल क तिवेर[H कर हु+ए क4 तिदाया तिक वेहु इस सति5या[सिं: था ग"भ र अपुरH क मांख्या अतिभयाक्त हुW । उसक द्वार तिकस अन्या व्यातिक्त क[ तिपुपुरहु क रूपु मांU प्रस् कर अपु5 पुक्षे
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A. No.219 of 2026) मांU कसिंथा फो:= मांख्यार5मां ति5ष्पुतिदा करया गया था उसक पुश्च तिपुपुरहु कY भMतिमां क[ 5 भगh मांU तिवेभसिं: कर तिवेतिभन्न व्यातिक्तयाh क पुक्षे मांU तिभन्न-तिभन्न तिसिंथायाh पुर तिवेक्रया कर तिदाया गया । उक्त तिवेक्रया क फोलस्वेरूपु अपु लथा= 5 लगभग ₹46,00,000/- (तिछयासिंलस लख रुपुया) कY रतिश प्रप्त कY । मांMल भMतिमां स्वेमां तिपुपुरहु, :[ अ5सMतिच :ति वेग4 क सदास्या था और सिं:स अपु लथा= पुMवे4 स :5 था उसक सथा छल तिकया । अपु लथा= स"पुMण4 अपुरH क मांख्या सMत्रHर हुW था उसक मांमांल :मां5 या[ग्या 5हुu हुW । अपु लथा= क तिवेरुद्ध 06 आपुरसिंHक प्रकरण पुMवे4 स पु": द्ध हुW । अपु लथा=/अतिभयाक्त रहु+ल सिंस"हु ग.मां क[ ति5यातिमां :मां5 क लभ प्रदा5 तिकया :5 उतिच 5हुu हुW । अv :मां5 स""H प्रस् अपु ल खरिर: कY :ए ।
6. आपुसिंत्तीक4/तिशकयाक4 क तिवेद्वा5 असिंHवेक्त 5 अपु ल क तिवेर[H कर हु+ए क4 तिकया तिक प्रकरण ग"भ र प्रक_ ति क हुW, सिं:समांU अ5सMतिच :ति वेग4 क सदास्या कY भMतिमां क[ सति5या[सिं: र्षड्यं"त्र एवे" फो:= दास्वे:h क मांध्यामां स छलपुMवे4क तिवेक्रया तिकया गया । मांख्या अतिभयाक्त रहु+ल सिंस"हु ग.मां स"पुMण4 घुटो5 क सMत्रHर हुW था उसक तिवेरुद्ध अन्या आपुरसिंHक प्रकरण भ पु": द्ध हुd । अपु लथा=गण कY सतिक्रया भMतिमांक रहु हुW । अपुरH कY ग"भ र एवे" सक्ष्या कY प्रक_ ति क[ दृति~ग रख हु+ए :मां5 प्रदा5 तिकया :5 उतिच 5हुu हुW, इससिंलए अपु ल ति5रस् कY :ए• ।
7. उभयापुक्षे क क4 श्रीवेण तिकया था अतिभलख एवे" क स यार क पुरिरश ल5 तिकया गया ।
8. अतिभलख क पुरिरश ल5 स याहु स्पु~ पुरिरलतिक्षे हु[ हुW तिक अपु लथा=/अतिभयाक्त ऋर: "सल क[ कसिंथा मांख्यार5मां क सक्षे या गया हुW । वेहु तिदा5"क 14.11.2025 स न्यातियाक अतिभरक्षे मांU ति5रुद्ध हुW । प्रकरण क तिवेचरण मांU समांया लग5 कY स"भवे5 हुW ।
6 / 7 (Cr.
A. No.219 of 2026) अपु लथा=/अतिभयाक्त ऋर: "सल क मांमांल सहु-अतिभयाक्त रक श चवेlदा क समांरूपु हुW, सिं:सक ति5यातिमां :मां5 आवेदा5 आ: स्वे कर तिकया : रहु हुW । उपुर[क्त थ्याh एवे" समां5 क सिंसद्ध" क[ दृति~ग रख हु+ए याहु न्यायालया पु हुW तिक अपु लथा=/अतिभयाक्त ऋर: "सल क[ भ ति5यातिमां :मां5 पुर रिरहु तिकया :5 उतिच हु[ग ।
9. अv अपु लथा=/अतिभयाक्त ऋर: "सल द्वार प्रस् अपु ल स्वे कर कY : हुW । उसक तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर आदाश अपुस् तिकया : हुW ।
10. अपु लथा=/अतिभयाक्त ऋर: "सल क :मां5 आवेदा5 स्वे कर कर आदातिश तिकया : हुW तिक वेहु दाण्डिक प्रकरण क ति5रकरण क स""सिंH न्यायालया मांU अपु5 ति5यातिमां उपुण्डिस्थाति हु ₹25,000/- (पुच्च स हु:र रुपुया) क मांचलक एवे" उ5 हु रतिश क सक्षेमां :मां5दार प्रस् करU [ उस :मां5 पुर रिरहु तिकया :ए ।
11. अतिभलख क पुरिरश ल5 स याहु स्पु~ पुरिरलतिक्षे हु[ हुW तिक अपु लथा=/अतिभयाक्त रहु+ल सिंस"हु ग.मां क तिवेरुद्ध अतिभया[:5 द्वार स"कसिंल सक्ष्या प्रथामांदृ~या याहु दाश4 हुd तिक वेहु इस ग"भ र अपुरH क मांख्या अतिभयाक्त हुW । उसक द्वार सति5या[सिं: र क स अपुरH क[ अ":मां तिदाया गया हुW, सिं:सस अ5सMतिच :ति वेग4 क व्यातिक्त अपु5 कYमां स"पुसिंत्ती स वे"तिच हु+आ हुW था अन्या कई व्यातिक्तयाh क[ अ5वेश्याक मांकदामांU: कY समांस्या मांU उलझ5 पुड़ हुW । उसक तिवेरुद्ध 06 पुMवे4 आपुरसिंHक प्रकरण भ पु": द्ध हुW, सिं:सस उसक आचरण आदा5 अपुरH क रूपु मांU पुरिरलतिक्षे हु[ हुW । उसक मांमांल :मां5 पुर रिरहु तिकए गए अन्या सहु-अतिभयाक्तगण स तिभन्न हुW । उपुर[क्त समांस् स"कसिंल थ्या एवे" उपुलब्H सक्ष्या क[ दृति~ग रख हु+ए याहु न्यायालया पु हुW तिक अपु लथा=/अतिभयाक्त रहु+ल सिंस"हु ग.मां क
7 / 7 (Cr. A. No.219 of 2026) मांमांल :मां5 प्रदा5 तिकए :5 या[ग्या 5हुu हुW । इससिंलए तिवेचरण न्यायालया क प्रश्5H 5 आदाश मांU हुस्क्षेपु कY आवेश्याक 5हुu पुया : ।
12. अv अपु लथा=/अतिभयाक्त रहु+ल सिंस"हु ग.मां द्वार प्रस् अपु ल खरिर: तिकया : हुW ।
13.
रसिं:स्टोƒ क[ ति5दाlतिश तिकया : हुW तिक इस आदाश कY प्रतिसिंलतिपु याथाश घ्र तिवेचरण न्यायालया क[ सMच5था4 वे अ5पुल5था4 प्रतिर्ष कY :ए । सहु /- (स":या क मांर :यासवेल) न्यायाH श पो
मन