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High Court of Chhattisgarh · body
2026 DAILYLAW 39903 (CHH)
CHINESH KHAMHARI @ KUNU v. STATE OF CHHATTISGARH
CRA/2567/2026 · 2026-10-14
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2026
[ 2026 DAILYLAW 39903 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 5 (Cr. A. No.-2567 of 2026)
CGHC010390432026
2026:CGHC:44730 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक अपु ल
क्रमां"क
-2567
/2026
तिचनेश खम्हार उर्फ0 क ने1 तिपु-क2 ष्णच"द्र खम्हार , उम्र-लगभग 30 वेर्ष0, तिनेवेस -मांकने स"ख्या-39, ग्रामां-आमांग"वे, हास ल-मांनेर, जि?ल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ ग्रामां आमांग"वे, क्रमां"क 39, हास ल मांनेर, जि?ल रयागढ़, छत्ती सगढ़ (तिपु क नेमां सहा रूपु स अ"तिक हाB, तिक" प्रश्नेधी ने आदाश मांE गल रूपु स अ"तिक तिकया गया हाB।) -----अपु लर्थीI/अतिभयाक्त तिवेरूद्घ छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार र्थीने प्रभर , पुजिलस र्थीने-मांनेर, जि?ल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /रज्या अपु लर्थीI/अतिभयाक्त द्वार : श्री हारिर अग्रावेल, अजिधीवेक्त । रज्या/उत्तीरवेदा द्वार : श्री रQतिहास्वे जिस"हा, उपु शसकSया अजिधीवेक्त । न्यायामां1ति0 श्री स"?या क मांर ?यासवेल !! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 15/10/2026
1. धीर 14(क)( ) ii अनेस1तिच ?ति एवे" अनेस1तिच ?ने?ति (अत्याचर तिनेवेरण) अजिधीतिनेयामां, 1989 (जि?स आग स"क्षेपु मांE "तिवेशर्ष अजिधीतिनेयामां" कहा गया हाB) क अ"ग0 POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.10.16 10:34:36 +0530
2 / 5 (Cr. A. No.-2567 of 2026) ?मांने स""धी प्रस् तिद्वा या अपु ल मांE तिवेचरण न्यायालया-तिवेशर्ष न्यायाधी श (तिवेशर्ष अजिधीतिनेयामां), रयागढ़, छत्ती सगढ़ द्वार पुजिलस र्थीने-मांनेर, रयागढ़, छत्ती सगढ़ क अपुरधी क्रमां"क-309/2025 अ"ग0 धीर 296, 351(2), 351(3), 115(2), 109(1), 221, 132, 74, 76, 309(4), 309(6), 3(5), 310(2), 121(1), 77, 351(3), 61(2), 238 भर या न्याया स"तिहा, 2023, तिवेशर्ष अजिधीतिनेयामां कS धीर 3(2)( ) v र्थी स1चने प्र]द्यQतिगकS अजिधीतिनेयामां, 2008 कS धीर-66(ङ), 67(क) क हा प्रस् तिनेयातिमां ?मांने आवेदाने मांE पुरिर आदाश तिदाने"क 17/09/2026 कQ चने] दा गई हाB जि?सक हा अपु लर्थीI/अतिभयाक्त क तिनेयातिमां ?मांने आवेदाने तिनेरस् कर तिदाया गया । उक्त आदाश कQ स"क्षेपु मांE “प्रश्नेधी ने आदाश” स स"Qजिधी तिकया ? रहा हाB ।
2. अतिभयाQ?ने मांमांल स"क्षेपु मांE इस प्रकर हाB तिक पु तिc र्थीने पु1"? पुर्थीर, जि?ल रयागढ़ (छत्ती सगढ़) मांE मांतिहाल आरक्षेक क पुदा पुर पुदास्र्थी हाB । मांनेर र्थीने क्षेत्र, जि?ल रयागढ़ मांE ण्डिस्र्थी जि?"दाल क" पुने स स""जिधी ?नेसनेवेई क तिवेरQधी मांE तिवेतिभन्न मांद्दोंg कQ लकर लगभग 14 ग्रामांg क ग्रामां ण स .एच.पु . च]क, जिलर मांE धीरने-प्रदाश0ने कर रहा र्थी । उक्त प्रदाश0ने क दा]रने कने1ने-व्यावेस्र्थी नेए रखने हा रयागढ़ जि?ल क तिवेतिभन्न र्थीनेg क पुजिलस अजिधीकर -कमां0चर र्थी प्रशसतिनेक अजिधीकरिरयाg कS ड्यू1टी लगई गई र्थी । तिदाने"क 27.
12.2025 कQ एकतित्र प्रदाश0नेकर , अन्या सहा-अतिभयाक्तg ?Bस र?श मांरकमां आतिदा क उकसवे पुर उग्रा एवे" तिहा"सक हाQ गए । उन्हाgने पुजिलस द्वार श"ति नेए रखने कS अपु ल कS उपुक्षे कर हाlए अतिनेया"तित्र हाQकर प्रणघाक हामांल प्रर"भ कर तिदाए । प्रदाश0नेकरिरयाg क हार्थीg मांE लठ -" आतिदा र्थी । इस दा]रने पु तिc, ?Q मांतिहाल आरक्षेक हाB, अपुने सरक्षे हा ख कS ओर भग , तिक" गड्ढे मांE पुBर र्फ" सने स तिगर पुc । भ लगभग 7–8
3 / 5 (Cr. A. No.-2567 of 2026) प्रदाश0नेकरिरयाg ने उस घार जिलया और उसकS हात्या करने कS तिनेया स अश्ल ल गल - गल]? कर हाlए र्थी ?ने स मांरने कS धीमांकS दा हाlए उस पुर हार्थी-मांक्कg, ल-घा1सg एवे" लठ -"g स प्रहार तिकया । पु तिc कS लज्? भ"ग करने कS ने या स उसक दाQनेg पुBर उठकर उसक वेस्त्रोंg कQ गल एवे" वेक्षेस्र्थील क पुस स खtचकर र्फc तिदाया र्थी अ"uवेस्त्रों कQ भ खtच हाlए उस घास टी । पु तिc प्रणरक्षे हा र-र तिनेवेदाने कर
रहा , पुर" उसकS वेदाI क कपुc र्फcकर उस पुर हाvस रहा । वेहा असहाया अवेस्र्थी मांE अपुने स्नेg कQ दाQनेg हार्थीg स ढं"ककर रQ -तिलख रहा । सहा-अतिभयाक्त मां"गल रतिठया द्वार " स उसकS पु ठ पुर प्रहार तिकया गया र्थी अन्या व्यातिक्तयाg द्वार भ मांरपु टी कS गई । इस
च एक व्यातिक्त द्वार उसक अधी0नेग्न अवेस्र्थी क वे तियाQ मांQइल र्फQने स नेकर प्रसरिर कर तिदाया गया । अतिभयाक्तg ने उसक गल दाकर ?ने स मांरने क प्रयास तिकया, जि?सस वेहा तिकस प्रकर अपुने अ"uवेस्त्रों कQ छQcकर ?ने चकर वेहा" स भगने मांE सर्फल हाlई । इस घाटीने मांE मांतिहाल र्थीने प्रभर मांनेर, रयागढ़ क सर्थी भ
अश्ल ल गल -गल]?
एवे" मांरपु टी कS गई र्थी उसक जिसर कQ हाईवे वेहाने स क चलने क प्रयास तिकया गया और उस ?ने स मांरने कS धीमांकS दा गई । उक्त घाटीने कS रिरपुQटी0 पुर र्थीने मांनेर, जि?ल रयागढ़ द्वार अपुरधी पु"? द्ध तिकया गया । त्पुश्चz आहाg क तिचतिकत्स या पुर क्षेण करया गया, सतिक्षेयाg क कर्थीने दा?0 तिकए गए र्थी स"पु1ण0 तिवेवेचने उपुर" अतिभयाक्तg क तिवेरुद्ध अतिभयाQग-पुत्र प्रस् तिकया गया ।
3. इस अपु ल क स""धी मांE पु तिc/तिशकयाक0 स""जिधी जि?ल तिवेजिधीक सवे प्रजिधीकरण स आभस रूपु स उपुण्डिस्र्थी हाQकर अपु लर्थीI/अतिभयाक्त कQ ?मांने तिदाए ?ने पुर आपुजित्ती हाQने कS अतिभव्यातिक्त कS गई ।
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4. अपु लर्थीI/अतिभयाक्त क तिवेद्वाने अजिधीवेक्त ने क0 प्रस् तिकया हाB तिक अपु लर्थीI क प्रर्थीमां ?मांने आवेदाने तिदाने"क 08/05/2026 कQ तिनेरस् हाlआ र्थी । उस समांया तिवेचरण प्रर"भ नेहाt हाlआ र्थी र्थी पु तिc क याने भ दा?0 नेहाt हाlआ र्थी, ?तिक त्पुश्च पु तिc क याने हाQ चक हाB और उसक न्यायालया ने याने मांE अपु लर्थीI/अतिभयाक्त क क2 त्या क स""धी मांE कQई स्पुष्ट कर्थीने नेहाt तिकया गया हाB । सहा-अतिभयाक्त मांधीवे गप्ता उर्फ0 मांधीवे तिस क ?मांने आवेदाने इस न्यायालया द्वार तिदाने"क 24/09/2026 कQ स्वे कर तिकया ? चक हाB । अपु लर्थीI तिदाने"क 02/01/2026 स तिनेर"र अतिभरक्षे मांE हाB । प्रकरण मांE क ल 63 सतिक्षेयाg मांE स मांत्र 01 सक्षे क पुर क्षेण हाlआ हाB र्थी तिवेचरण मांE समांया लगने स"भतिवे हाB । अu तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर “प्रश्नेधी ने आदाश” कQ अपुस् कर हाlए, दाल हाlई पुरिरण्डिस्र्थीतियाg मांE प्रस् अपु ल स्वे कर कS ?ए र्थी अपु लर्थीI/अतिभयाक्त कQ तिनेयातिमां ?मांने क लभ प्रदाने कर हाlए रिरहा तिकए ?ने क आदाश पुरिर तिकया ?ए ।
5. उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वाने अजिधीवेक्त ने प्रस् अपु ल क तिवेरQधी कर हाlए क0 प्रस् तिकया हाB तिक अपु लर्थीI घाटीनेक्रमां क वे तियाQ नेकर उस प्रसरिर करने वेल मांख्या अतिभयाक्त हाB, जि?सकS तिशनेख् पुर भ हाlई हाB र्थी उसक कब्?
स मांQइल र्फQने भ ?ब् तिकया गया हाB । ?मांने पुर रिरहा तिकए गए सहा-अतिभयाक्त मांधीवे गप्ता उर्फ0 मांधीवे तिस क प्रकरण अपु लर्थीI स तिभन्न हाB । घाटीने क समांया अपु लर्थीI भ मां]क पुर उपुण्डिस्र्थी र्थी । अu अपु लर्थीI कS भ1तिमांक र्थी अपुरधी कS प्रक2 ति एवे" ग"भ र कQ दृतिष्टग रख हाlए तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर “प्रश्नेधी ने आदाश” पु1ण0u उतिच एवे" तिवेजिधीसम्मां हाB, जि?समांE तिकस प्रकर क हास्क्षेपु कS आवेश्याक नेहाt हाB । अu प्रस् ?मांने स""धी
अपु ल तिनेरस् तिकया ?ए ।
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6. उभयापुक्षे क क0 श्रीवेण तिकया र्थी अतिभलख एवे" क स यार क पुरिरश लने तिकया गया ।
7. अतिभलख क पुरिरश लने स याहा पुरिरलतिक्षे हाQ हाB तिक अपु लर्थीI कS प्रर्थीमां ?मांने स""धी
अपु ल तिनेरस् तिकए ?ने क समांया पु तिc क न्यायालया ने याने दा?0 नेहाt हाlआ र्थी, तिक" त्पुश्च पु तिc क न्यायालया ने याने दा?0 हाQ चक हाB । अपु लर्थीI/अतिभयाक्त तिदाने"क 02/01/2026 स तिनेर"र न्यातियाक अतिभरक्षे मांE हाB र्थी प्रकरण मांE क ल 63 सतिक्षेयाg मांE स अ क मांत्र 01 सक्षे क पुर क्षेण हाlआ हाB । तिवेचरण मांE समांया लगने स"भतिवे हाB । अपु लर्थीI क न्यायायालया ने कर्थीने र्थी उक्त समांस् पुरिरण्डिस्र्थीतियाg कQ दृतिष्टग रख हाlए, याहा न्यायालया पु हाB तिक वे0मांने प्रकरण मांE दाल हाlई पुरिरण्डिस्र्थीतियाv अपु लर्थीI/अतिभयाक्त कQ तिनेयातिमां ?मांने क लभ प्रदाने करने क जिलए पुया0प्ता हा€ । अu अपु लर्थीI/अतिभयाक्त द्वार प्रस् ?मांने स""धी अपु ल स्वे कर तिकए ?ने याQग्या हाB । र्फलu प्रस् अपु ल स्वे कर कS ? हाB र्थी तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर “प्रश्नेधी ने आदाश” अपुस् तिकया ? हाB ।
8. अपु लर्थीI/अतिभयाक्त दाण्डिक प्रकरण क तिनेरकरण क तिवेचरण न्यायालया मांE अपुने
तिनेयातिमां उपुण्डिस्र्थीति हा ₹25,000/-(पुच्च स हा?र रुपुया) क "धीपुत्र एवे" उने हा
रतिश क सक्षेमां ?मांने प्रस् करE Q उस ?मांने पुर रिरहा तिकया ?ए ।
9. रजि?स्टीƒ कQ तिनेदा„तिश तिकया ? हाB तिक इस आदाश कS प्रतिजिलतिपु यार्थीश घ्र तिवेचरण न्यायालया कQ स1चनेर्थी0 वे अनेपुलनेर्थी0 प्रतिर्ष कS ?ए । सहा /- (स"?या क मांर ?यासवेल) न्यायाधी श पोमन